
हाइड्रेशन ब्रेक का विवाद: स्टेडियमों में गूंजी हूटिंग, विज्ञापनों ने तोड़ा खेल का प्रवाह
फीफा के अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक ने हर मैच में तीन मिनट का ठहराव ला दिया, जिससे खेल की लय भंग हुई और प्रसारणकर्ताओं को विज्ञापन दिखाने का मौका मिला, जबकि खिलाड़ी और कोच इसे सामरिक मौके के रूप में भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
डलास स्टेडियम में इंग्लैंड-क्रोएशिया मुकाबले के 22वें मिनट में रेफरी की सीटी बजते ही दोनों टीमों के समर्थकों ने जोरदार हूटिंग शुरू कर दी। कुछ घंटों बाद टोरंटो में घाना-पनामा मैच के दौरान ठंडी बारिश के बीच भी यही नजारा दोहराया गया। यह विरोध फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार लागू किए गए अनिवार्य 'हाइड्रेशन ब्रेक' के खिलाफ था। नियम के तहत हर हाफ के बीच में खेल तीन मिनट के लिए रोक दिया जाता है, चाहे तापमान 19 डिग्री सेल्सियस हो या स्टेडियम वातानुकूलित। इस कदम ने फुटबॉल को पारंपरिक दो हिस्सों के बजाय चार क्वार्टरों में बांट दिया है, जिससे खेल का निरंतर प्रवाह बाधित हो रहा है।
प्रसारणकर्ताओं ने इन ठहरावों का फायदा उठाकर विज्ञापन दिखाने शुरू कर दिए, जो फुटबॉल प्रसारण में पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका में फॉक्स नेटवर्क ने विज्ञापन प्रसारित किए, जबकि स्पेनिश भाषा के टेलीमुंडो ने ऐसा नहीं किया। मेक्सिको-दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती मैच में विज्ञापनों के कारण दर्शक कुछ महत्वपूर्ण क्षण चूक गए। यूरोपीय प्रशंसकों, खासकर इंग्लिश समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पहले ही विरोध की योजना बनाई थी और मैदान में हूटिंग कर अपनी नाराजगी जताई।
खिलाड़ियों और कोचों की प्रतिक्रियाएं क्षेत्रवार अलग-अलग रहीं। नीदरलैंड के कप्तान वर्जिल वान डाइक ने कहा कि हर बार विज्ञापनों पर जाना पसंद नहीं, और ब्रेक केवल वास्तविक गर्मी में होने चाहिए। अमेरिकी कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने भी इसे अनावश्यक बताया जब मौसम ठीक हो। वहीं बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने इसे 'निर्देशों का विराम' करार दिया, जो रणनीति के लिए अहम है। ब्राजील के कार्लो एंचेलोती ने मोरक्को के खिलाफ मैच में इसी ब्रेक का इस्तेमाल कर सामरिक बदलाव किए, जिसके बाद विनीसियस जूनियर ने बराबरी का गोल दागा। पनामा के कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन ने साफ कहा कि 'गर्मी नहीं थी, लेकिन हमें मानना होगा कि टेलीविजन के विज्ञापनदाता ही इन सबका खर्च उठा रहे हैं।'
खेल की लय पर असर साफ दिखा: क्रोएशिया ने ब्रेक के बाद इंग्लैंड के खिलाफ बराबरी की, हालांकि इंग्लैंड ने अंततः 4-2 से जीत दर्ज की। ब्राजील ने भी ठहराव के बाद वापसी की। ये घटनाक्रम इस बहस को बल देते हैं कि ब्रेक से एक टीम की गति भंग हो सकती है। दूसरी ओर, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्लाइमेट सेंट्रल के विश्लेषण के अनुसार, इस विश्व कप के 93 प्रतिशत मैचों में प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी का खतरा है, और जलवायु परिवर्तन ने इसकी संभावना औसतन 8 प्रतिशत अंक बढ़ा दी है। अर्जेंटीना के खिलाड़ी अभ्यास में ठंडक पहुंचाने वाली जैकेट पहन रहे हैं, जिसके बारे में खेल चिकित्सक जॉर्ज फ्रांचेला ने बताया कि शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में ये सहायक हैं, लेकिन अचानक ठंडे पानी से नहाने जैसे उपाय हृदय के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं। फीफा ने स्पष्ट कर दिया है कि ये ब्रेक पूरे टूर्नामेंट में अनिवार्य रहेंगे। ऐसे में, जैसे-जैसे मुकाबले नॉकआउट चरण की ओर बढ़ेंगे, ये तीन मिनट के ठहराव सामरिक बिसात पर निर्णायक चाल बन सकते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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हाइड्रेशन ब्रेक, जो खिलाड़ियों को अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए शुरू किए गए थे, उन्हें परेशान करने वाले व्यवधान के रूप में आलोचना मिल रही है जो प्रसारणकर्ताओं को अतिरिक्त विज्ञापन डालने का मौका देते हैं। कुछ चिकित्सा विशेषज्ञ इन प्रोटोकॉल से थर्मल शॉक के जोखिमों की चेतावनी देते हैं।
हाइड्रेशन ब्रेक को एक सामरिक चर और जलवायु परिवर्तन से बिगड़ी अत्यधिक गर्मी की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। प्रतिक्रियाएँ मिश्रित हैं: कुछ रणनीतिक अवसरों का स्वागत करते हैं, जबकि अन्य को चिंता है कि ये खेल की लय को तोड़ते हैं।
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