
दो सेकंड और 162 मीटर: लंदन से एथेंस जा रही विमान में टला बड़ा हादसा, भारत में ट्रेन के अंदर पूजा और एसी फेल से हड़कंप
ब्रिटिश जांच एजेंसी के अनुसार अप्रैल 2025 में ल्यूटन हवाई अड्डे पर एक बोइंग 737 मैक्स ने गलत इंजन पावर के कारण महज चार मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरी, जबकि भारत में चलती ट्रेन के सैलून कोच में धार्मिक अनुष्ठान और मुंबई लोकल में एसी खराब होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
लंदन के ल्यूटन हवाई अड्डे से अप्रैल 2025 में एथेंस जा रहे विज़ एयर के एक चार्टर विमान में सवार 168 लोग उस समय बाल-बाल बच गए जब विमान ने रनवे के अंत से मात्र 162 मीटर पहले उड़ान भरी। ब्रिटेन की वायु दुर्घटना जांच शाखा (एएआईबी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पायलटों ने रनवे के बीच से उड़ान भरने की अनुमति मिलने के बाद कंप्यूटर में आवश्यक गति मानकों (वी-स्पीड) को अपडेट नहीं किया, जिससे इंजनों को 85.2 प्रतिशत के बजाय केवल 82.1 प्रतिशत थ्रस्ट मिला। नतीजतन, बोइंग 737 मैक्स ने 270 किमी/घंटा की कम गति से उड़ान भरी और रनवे छोड़ते समय उसकी ऊंचाई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानक 10.67 मीटर के मुकाबले महज चार मीटर थी। जांचकर्ताओं ने इसे प्रक्रियागत चूक करार दिया है, हालांकि विमान सुरक्षित एथेंस पहुंच गया था।
इसी दौरान यूरोपीय आसमान में एक और घटना सामने आई: रोम से नेवार्क जा रहे यूनाइटेड एयरलाइंस के बोइंग 767 ने अटलांटिक के ऊपर दाएं इंजन में कंपन और केबिन में अजीब गंध के बाद आयरलैंड के शैनन हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग की। सभी 227 यात्री और चालक दल सुरक्षित रहे। वहीं, थेसालोनिकी से मेमिंगेन जा रहे रायनएयर के एक विमान में इंजन फेल होने से खिड़की टूट गई और एक यात्री आंशिक रूप से बाहर खिंच गया, लेकिन साथी यात्रियों ने उसे खींचकर बचा लिया। यह यात्री सीट 11एफ पर बैठा था, जो हाल ही में अहमदाबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान के एकमात्र जीवित बचे यात्री की सीट 11ए की याद दिलाता है। उस हादसे में 241 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन विश्वास कुमार रमेश नामक यात्री धड़ के अलग हुए हिस्से से सुरक्षित बाहर निकल आए थे।
दक्षिण एशिया में रेल और हवाई यात्रा के दौरान असुविधा की अलग-अलग घटनाएं दर्ज की गईं। भारत में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक चलती ट्रेन के कोच के अंदर पुजारी अभिषेक कर रहे थे। उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह निजी तौर पर बुक किया गया सैलून कोच था, जिसे आईआरसीटीसी के माध्यम से 3.08 लाख रुपये में किराए पर लिया गया था, और इससे किसी यात्री को असुविधा नहीं हुई। दूसरी ओर, मुंबई की एक वातानुकूलित लोकल ट्रेन में एसी सिस्टम फेल होने से कई यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत हुई और एक व्यक्ति बेहोश हो गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भीड़ के कारण ऑपरेटर कंट्रोल स्विच तक नहीं पहुंच सका।
बांग्लादेश में यूएस-बांग्ला एयरलाइंस की ढाका-चेन्नई उड़ान में भी एसी खराब रहने से 188 यात्रियों को भीषण गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। एक अस्थमा रोगी को ऑक्सीजन देनी पड़ी। एयरलाइन ने स्वीकार किया कि एसी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा था, लेकिन उड़ान को रद्द नहीं किया गया। इन ताजा घटनाओं के बीच, 1996 में डोमिनिकन गणराज्य में हुई एक ऐतिहासिक विमान दुर्घटना की याद ताजा हो गई, जिसमें एक मामूली ततैया के पिटोट ट्यूब में घोंसला बनाने से गलत गति रीडिंग के कारण बोइंग 757 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और 189 लोगों की जान चली गई थी।
वर्तमान में सभी हालिया मामलों की जांच जारी है। ब्रिटिश और भारतीय विमानन नियामक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि रेलवे ने तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की है।
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