
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ता जारी, इज़रायली हमलों से छाई अनिश्चितता
युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन के लिए बर्गनस्टॉक में बैठकें हुईं, लेकिन लेबनान में ताज़ा इज़रायली हमलों के बाद उच्च-स्तरीय वार्ता स्थगित करनी पड़ी।
स्विस विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के कार्यान्वयन पर बर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में बातचीत जारी है। मंत्रालय ने इसे ‘गोपनीय और विश्वसनीय’ ढाँचा बताया, जहाँ क़तर और पाकिस्तान मध्यस्थों की मौजूदगी में तकनीकी स्तर की प्रारंभिक चर्चाएँ हो रही हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ‘मीनाब 168’ (28 फरवरी को अमेरिकी हमले में शहीद छात्राओं की संख्या के प्रतीक) शनिवार शाम ज़्यूरिख़ पहुँचा, जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़, विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची, परमाणु वार्ताकार अली बाक़ेरी तथा सेंट्रल बैंक और तेल क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
ईरानी पक्ष ने बार-बार पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए कहा है कि ‘दूसरे पक्ष की प्रतिबद्धताओं की गंभीरता से निगरानी और माँग की जाएगी।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने साफ़ किया कि कोई भी समझौता सिर्फ़ अमल के दौरान ही परखा जाता है। अमेरिकी पक्ष से उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस की संभावित भागीदारी पर अटकलें हैं, हालाँकि इज़रायली बमबारी के बाद उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ़ और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेयर्ड कुशनर के बर्गनस्टॉक पहुँचने की उम्मीद है।
पिछले शुक्रवार को होने वाली उच्च-स्तरीय बैठक उस समय टल गई जब दक्षिणी लेबनान में इज़रायली हमले तेज़ हो गए और हिज़्बुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई का अधिकार जताया। सीएनएन के एक राजनयिक सूत्र के अनुसार ईरान ने वार्ता में आगे बढ़ने से पहले लेबनान में युद्धविराम की ठोस गारंटी माँगी है। यह एमओयू, जिस पर ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने हस्ताक्षर किए थे, ‘लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी सैन्य अभियान रोकने’ की शर्त रखता है। स्विट्ज़रलैंड ने दोहराया है कि वह विवेकपूर्ण मध्यस्थता की परंपरा निभा रहा है और किसी भी प्रतिभागी की पहचान उजागर नहीं करेगा।
यह स्थल, जो क़तर की सरकारी आतिथ्य कंपनी कतारा हॉस्पिटैलिटी के स्वामित्व में है, अपनी भौगोलिक अलगाव और सख़्त सुरक्षा के लिए जाना जाता है—यहाँ पहुँचने के लिए नाव और फ़्यूनिक्युलर का उपयोग करना पड़ता है। इसी रिसॉर्ट में पहले बिल्डरबर्ग बैठकें और यूक्रेन शांति सम्मेलन हो चुके हैं। ग़ौरतलब है कि कुशनर की निजी निवेश फर्म को क़तर के संप्रभु कोष से सैकड़ों मिलियन डॉलर प्राप्त हुए हैं, जो दोहा और वाशिंगटन के आर्थिक-राजनीतिक संबंधों की गहराई दर्शाता है। दक्षिण एशिया के लिए यह वार्ता महत्त्वपूर्ण है: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की मध्यस्थ भूमिका क्षेत्रीय स्थिरता में इस्लामाबाद के बढ़ते कूटनीतिक भार को रेखांकित करती है। अगले चरण में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर तकनीकी बातचीत केंद्रित होने की संभावना है, जबकि पूरी प्रक्रिया लेबनान में युद्धविराम के हालात पर टिकी हुई है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नाम एक लड़कियों के स्कूल पर अमेरिकी हमले के पीड़ितों के नाम पर 'मीनाब 168' रखा गया है, वाशिंगटन को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए दबाव डालने पहुंचा है, और चेतावनी दी कि पूरी समझौता खतरे में है। अमेरिका को आक्रामक के रूप में चित्रित किया गया है और वार्ता को अमेरिकी विश्वसनीयता की नैतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
स्विट्जरलैंड अमेरिकी और ईरानी राजनयिकों के बीच तैयारी बैठकों के लिए ब्यूर्गेनस्टॉक में एक गुप्त स्थान प्रदान करता है, लेकिन गोपनीयता का हवाला देते हुए प्रतिभागियों की पहचान या चर्चा की विषय-वस्तु का खुलासा करने से इनकार करता है। रिपोर्टिंग शुष्क और पूर्णतः तथ्यात्मक है।
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