
कोलंबिया-घाना की पहली विश्व कप भिड़ंत: अफ्रीका की उम्मीद और कैफेटरोस का संतुलन
नॉकआउट में पहली बार आमने-सामने आई दोनों टीमों के लिए जीत 16वें दौर में स्विट्जरलैंड या अल्जीरिया से मुकाबला तय करेगी।
कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में शनिवार तड़के कोलंबिया और घाना के बीच विश्व कप के 32वें दौर का यह मुकाबला एक ऐतिहासिक पहली भिड़ंत है, जहां हारने वाले का सफर खत्म होगा और जीतने वाला अंतिम-16 में स्विट्जरलैंड या अल्जीरिया से भिड़ेगा। कोलंबिया ने ग्रुप के में उज्बेकिस्तान को 3-1, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य को 1-0 से हराकर और पुर्तगाल के साथ गोलरहित ड्रॉ खेलकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि घाना ने पनामा पर 1-0 की जीत, इंग्लैंड से 0-0 ड्रॉ और क्रोएशिया से 2-1 की हार के बाद सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में नॉकआउट में जगह बनाई।
दक्षिण अमेरिकी मीडिया कोलंबिया की रक्षात्मक मजबूती को सबसे बड़ी ताकत बता रहा है—टीम ने ग्रुप चरण में सिर्फ एक गोल खाया, जिसमें गोलकीपर कामिलो वर्गास और सेंट्रल डिफेंडर डेविंसन सांचेज़-झोन लुकुमी की जोड़ी ने पुर्तगाल जैसे दिग्गज आक्रमण को बेअसर किया। कोच नेस्तर लोरेंसो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं फेवरिट की जगह पर नहीं रहना चाहता,” लेकिन स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएंते ने कोलंबिया को खिताब की दावेदार मानते हुए उसकी शारीरिक क्षमता और तकनीकी गुणवत्ता की तारीफ की। लुइस डियाज़ और जेम्स रोड्रिगेज़ की अगुआई वाली आक्रामक पंक्ति से उम्मीद है कि वह घाना की संगठित रक्षा को भेदने का रास्ता निकालेगी।
अफ्रीकी परिप्रेक्ष्य से, घाना के कोच कार्लोस क्वेरोज़ ने इसे “अफ्रीका के प्रति कर्तव्य” बताया है, क्योंकि सेनेगल, आइवरी कोस्ट और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बाहर होने के बाद मोरक्को के अलावा महाद्वीप की एकमात्र शेष उम्मीद घाना ही है। कप्तान जॉर्डन आय्यू ने कहा, “फुटबॉल में हर खेल 50-50 से शुरू होता है, हम अफ्रीका और घाना को गौरवान्वित करने की गारंटी देते हैं।” विंगर एंटोनी सेमेन्यो ने भी चेतावनी दी कि “हमारे पास भी वही प्रतिभा है” और टीम बड़े देशों से मुकाबले के लिए तैयार है। घाना की रक्षापंक्ति थॉमस पार्टे और जोनास एडजेटे के सहारे मजबूत दिखी है, हालांकि आक्रमण में निरंतरता की कमी रही।
इस मुकाबले में क्वेरोज़ का कोलंबिया कनेक्शन भी चर्चा में है—2019-20 में टीम को कोपा अमेरिका में कोच करने वाले पुर्तगाली ने कहा, “कोलंबिया आज बहुत संगठित और अनुशासित है, लेकिन कोई भी टीम परफेक्ट नहीं।” उन्होंने कोलंबिया में कोविड के दौरान अकेलेपन से जूझकर जान गंवाने वाले अपने गोलकीपिंग कोच डेस मैकअलीना को याद करते हुए फेडरेशन से परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने जेम्स रोड्रिगेज़ के साथ किसी मनमुटाव की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों के साथ एक जैसा व्यवहार होता है।
दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक संदर्भों से भी जुड़ा है: घाना 2006 में अंतिम-16 और 2010 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था, जबकि कोलंबिया 2014 में क्वार्टर फाइनल और 2018 में अंतिम-16 में जगह बना चुका है। अब विजेता का सामना स्विट्जरलैंड या अल्जीरिया से होगा, जो दोनों के लिए विश्व कप में गहराई तक जाने का एक और मौका होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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कोलंबिया नॉकआउट चरण में एक रक्षात्मक शक्ति के रूप में प्रवेश कर रही है, जिसने ग्रुप चरण में केवल एक गोल खाया है और अब उसे खिताब की असली दावेदार माना जा रहा है। घाना के खिलाफ मुकाबला पूर्व कोच कार्लोस क्विरोज़ से हिसाब चुकता करने का भी मौका है, जिनके कार्यकाल में टीम 2022 विश्व कप से बाहर रही थी। बायर्न म्यूनिख के स्टार लुइस डियाज़ उस टीम की अगुवाई कर रहे हैं जो पुर्तगाल के खिलाफ प्रदर्शन से पहले ही सबका ध्यान खींच चुकी है।
घाना की ब्लैक स्टार्स कैनसस सिटी के मुकाबले में यह जानते हुए उतर रही हैं कि यह करो या मरो वाला मैच है, उन्हें प्रवासी समुदाय का समर्थन और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का भरोसा है। फॉरवर्ड एंटोनी सेमेन्यो ने कमजोर आंके जाने को खारिज करते हुए कहा कि टीम में बराबरी की प्रतिभा है और वह बड़ी टीमों से मुकाबले के लिए तैयार है। कठिन ग्रुप से निकलने के बाद, घाना नॉकआउट में अफ्रीकी ध्वज को ऊंचा रखने का लक्ष्य रखता है।
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