
जर्मनी ने कुराकाओ को 7-1 से रौंदकर विश्व कप के सर्वाधिक गोल का इतिहास रचा
ह्यूस्टन में डेब्यूटेंट कुराकाओ के खिलाफ जर्मनी की आक्रामक जीत ने एक साथ कई कीर्तिमान गढ़े और फीफा के विस्तारित प्रारूप पर बहस छेड़ दी।
जर्मनी ने फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में कुराकाओ को 7-1 से नेस्तनाबूद करते हुए टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक गोल दागने वाली टीम बनने का गौरव हासिल कर लिया। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ई के इस मैच में चार बार की चैंपियन टीम ने ब्राजील के 238 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए कुल 239 गोल का आँकड़ा छू लिया। यह उपलब्धि सिर्फ सांख्यिकीय नहीं थी; इसने पूरे अमेरिकी महाद्वीप में फैले इस विशाल टूर्नामेंट में जर्मनी की दावेदारी को शुरुआती झटके में ही बुलंद कर दिया।
मगर यह एकतरफ़ा जीत उतनी सीधी नहीं थी जितनी स्कोरलाइन बयाँ करती है। फेलिक्स एनमेचा ने छठे मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज के शानदार स्पर्श पर टूर्नामेंट का सबसे तेज़ गोल ठोक जर्मनी को आगे कर दिया, लेकिन 21वें मिनट में कुराकाओ ने फुटबॉल जगत को चौंका दिया। महज 1.55 लाख आबादी और 171 वर्ग मील में बसे दुनिया के सबसे छोटे देश ने लिवानो कोमेनेंसिया के बाएँ पैर की ड्राइव से बराबरी हासिल कर अपना पहला विश्व कप गोल दागा। यह पल कैरेबियाई राष्ट्र के लिए भावुक कर देने वाला था और भारतीय उपमहाद्वीप से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया की मीडिया ने इसे ‘अंडरडॉग की ऐतिहासिक दहाड़’ करार दिया।
लेकिन जर्मनी का जवाब निर्मम था। नीको श्लोटरबेक और काई हैवर्ट्ज के पेनल्टी गोल से पहले हाफ में ही स्कोर 3-1 हो गया। दूसरे हाफ में जमाल मुसियाला, डेनिज़ उंडाव और नथानियल ब्राउन ने मिलकर चार और गोल जड़ दिए, जिसने ब्राजील के 2014 वाले 7-1 के जख्मों को फिर हरा कर दिया। इंडोनेशियाई और भारतीय सोशल मीडिया ने तुरंत इस समानता को रेखांकित किया, जहाँ जर्मनी ने एक बार फिर मेज़बानी महाद्वीप की धरती पर किसी कमज़ोर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेरहम फुटबॉल का प्रदर्शन किया।
कोच यूलियन नागल्समान ने मैच के बाद कुराकाओ की तारीफ़ करते हुए स्वीकार किया कि बराबरी के बाद उनकी टीम कुछ क्षणों के लिए लड़खड़ा गई थी। वहीं, पश्चिम एशिया और यूरोपीय मीडिया ने फीफा पर सवाल उठाए कि विस्तारित 48-टीम प्रारूप में इतने बड़े अंतर के मुकाबले टूर्नामेंट की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचा सकते हैं। कुराकाओ जैसी टीमों के लिए यह मंच ज़रूर सपने जैसा था, लेकिन सात गोल का अंतर विश्व कप के व्यावसायिक विस्तार की असल कीमत भी दिखा गया।
इस जीत के साथ जर्मनी लगातार दस मैचों की जीत की लय में है और अब वह ग्रुप ई में अपने अगले प्रतिद्वंद्वियों के लिए खौफ़ बनकर उभरा है। ब्राजील से आगे निकलने का मनोवैज्ञानिक लाभ भी टीम के खाते में जुड़ गया। फिर भी, क्रिकेट-प्रधान दक्षिण एशिया में बैठे दर्शकों के लिए कुराकाओ का एक गोल इस बात की याद दिलाता है कि विश्व कप में सिर्फ़ दिग्गजों की ताकत ही नहीं, छोटे राष्ट्रों की लड़ाकू कहानियाँ भी इसे महान बनाती हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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जर्मनी ने क्यूरसाओ को 7-1 से रौंद दिया, लेकिन डेब्यू करने वाली टीम के ऐतिहासिक गोल और फीफा के टूर्नामेंट विस्तार पर आलोचना ने व्यंग्य और संशय पैदा किया। इस बेमेल मुक़ाबले की तुलना 2014 में ब्राज़ील की 7-1 की शर्मनाक हार से की गई, जो विस्तारित विश्व कप की प्रतिस्पर्धी संतुलन पर सवाल उठाता है।
जर्मनी ने क्यूरसाओ को 7-1 से ध्वस्त करते हुए इतिहास रच दिया और विश्व कप के सर्वाधिक गोल करने वाली टीम बनकर ब्राज़ील को पीछे छोड़ दिया। जहाँ डेब्यू कर रही टीम ने अपना पहला गोल मनाया, वहीं इस रात ने जर्मनी की निर्मम सांख्यिकीय उपलब्धियों और चैंपियन की हैसियत को रेखांकित किया।
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