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राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 से रोका, विश्व कप में एशियाई टीमों का सिलसिला जारी

अमेरिका-ईरान युद्धविराम की घोषणा के बाद लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए ग्रुप जी में अहम अंक हासिल किया।

सोमवार रात लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में 70,108 दर्शकों के सामने ईरान और न्यूजीलैंड के बीच ग्रुप जी का मुकाबला 2-2 से बराबरी पर खत्म हुआ। यह मैच सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक तनाव की छाया में खेला गया एक प्रतीकात्मक संघर्ष भी था। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की प्रारंभिक घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय बाद हुए इस मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की और एलिजा जस्ट के दो गोलों का जवाब रामिन रजाईयान और मोहम्मद मोहेबी के गोलों से दिया। इस ड्रॉ के साथ ही ग्रुप जी की चारों टीमें—ईरान, न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र—एक-एक अंक पर आ गईं, क्योंकि दिन के पहले मैच में बेल्जियम और मिस्र भी 1-1 से बराबरी पर रहे थे। यह इस विश्व कप का लगातार चौथा ड्रॉ था, जिसने टूर्नामेंट में कड़े मुकाबलों का संकेत दिया।

एशियाई मीडिया ने ईरान के इस प्रदर्शन को एशियाई टीमों के लिए सकारात्मक संकेत बताया। इंडोनेशिया और भारत की रिपोर्टों में कहा गया कि ईरान ने लगातार छठी एशियाई टीम के रूप में विश्व कप में हार से बचने का सिलसिला जारी रखा। वहीं लैटिन अमेरिकी समाचार आउटलेट्स ने इस मैच को "वाइब्रेंट" और "ड्रामाटिक" करार दिया और विश्व कप में फैली "एम्पाटाइटिस" (ड्रॉ की बीमारी) की ओर इशारा किया। यूरोपीय और मध्य-पूर्वी स्रोतों ने राजनीतिक पहलू पर जोर दिया—ईरानी मूल के अमेरिकियों द्वारा स्टेडियम के बाहर विरोध प्रदर्शन, ईरान के राष्ट्रगान के दौरान हूटिंग, और पूर्व-क्रांति शेर-ओ-सूरज झंडे को लेकर विवाद। फीफा ने ईरान के मैच अमेरिका से बाहर स्थानांतरित करने के अनुरोध को ठुकरा दिया था, जिसके चलते टीम ने अपना प्रशिक्षण शिविर एरिजोना से मेक्सिको के तिजुआना में स्थानांतरित किया और हर मैच से एक दिन पहले अमेरिका पहुंचती रही।

मैच की शुरुआत में ही न्यूजीलैंड ने चौंका दिया। सातवें मिनट में कप्तान क्रिस वुड के लंबे पास पर एलिजा जस्ट ने वॉली से गोल दागा। ईरान ने 32वें मिनट में रजाईयान की चतुराई से बराबरी की, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत में जस्ट ने फिर से वुड की असिस्ट पर गोल कर न्यूजीलैंड को 2-1 से आगे कर दिया। ईरान ने हार नहीं मानी और 64वें मिनट में रजाईयान के क्रॉस पर मोहेबी के हेडर ने स्कोर 2-2 कर दिया। न्यूजीलैंड, जो फीफा रैंकिंग में टूर्नामेंट की सबसे निचली टीम है, ने जस्ट के दो गोलों की बदौलत विश्व कप में अपनी पहली जीत के सपने को फिर से अधूरा छोड़ दिया—उनका रिकॉर्ड अब चार ड्रॉ और तीन हार का है। दूसरी ओर, ईरान के मेहदी तारेमी ने एक शॉट पोस्ट पर मारा और टीम ने कुल मिलाकर आक्रामक खेल दिखाया।

आगे की राह में ग्रुप जी पूरी तरह खुला हुआ है। ईरान का अगला मुकाबला 21 जून को बेल्जियम से होगा, जो एक कठिन परीक्षा होगी, जबकि न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से वैंकूवर में होगा। राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद ईरानी खिलाड़ियों ने कहा कि वे "फुटबॉल खेलने आए हैं" और अपने प्रदर्शन से ईरानियों को एकजुट करना चाहते हैं। दक्षिण एशिया के लिए यह मैच इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान भारत का पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व खेल संबंध गहरे हैं। इस विश्व कप में अब तक हुए कई ड्रॉ यह दर्शाते हैं कि छोटी टीमें अब बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दे रही हैं, और ईरान की यह वापसी उनके प्रशंसकों के लिए उथल-पुथल भरे समय में उम्मीद की किरण बनकर आई है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ

24%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa russa e CSIStampa atlantica / anglosfera
Stampa russa e CSI/ stato
distaccopragmatismo

ईरान और न्यूजीलैंड ने अपने विश्व कप के पहले मैच में 2-2 से ड्रॉ खेला। एलिजा जस्ट ने न्यूजीलैंड के लिए दो गोल किए, जबकि रामिन रेजाइयन और मोहम्मद मोहेबी ने ईरान के लिए जवाबी गोल दागे। ग्रुप जी की सभी चार टीमों के अब एक-एक अंक हैं।

Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezza
distaccopragmatismo

युद्ध के कारण ईरान के भाग लेने को लेकर महीनों की अनिश्चितता के बाद, टीम ने आखिरकार मैदान में उतरकर न्यूजीलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला। छिटपुट विरोध प्रदर्शनों के बावजूद मैच शांतिपूर्ण रहा, और खिलाड़ियों ने जोर दिया कि वे फुटबॉल खेलने और लोगों को एकजुट करने आए हैं।

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राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 से रोका, विश्व कप में एशियाई टीमों का सिलसिला जारी

अमेरिका-ईरान युद्धविराम की घोषणा के बाद लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए ग्रुप जी में अहम अंक हासिल किया।

सोमवार रात लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में 70,108 दर्शकों के सामने ईरान और न्यूजीलैंड के बीच ग्रुप जी का मुकाबला 2-2 से बराबरी पर खत्म हुआ। यह मैच सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक तनाव की छाया में खेला गया एक प्रतीकात्मक संघर्ष भी था। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की प्रारंभिक घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय बाद हुए इस मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की और एलिजा जस्ट के दो गोलों का जवाब रामिन रजाईयान और मोहम्मद मोहेबी के गोलों से दिया। इस ड्रॉ के साथ ही ग्रुप जी की चारों टीमें—ईरान, न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र—एक-एक अंक पर आ गईं, क्योंकि दिन के पहले मैच में बेल्जियम और मिस्र भी 1-1 से बराबरी पर रहे थे। यह इस विश्व कप का लगातार चौथा ड्रॉ था, जिसने टूर्नामेंट में कड़े मुकाबलों का संकेत दिया।

एशियाई मीडिया ने ईरान के इस प्रदर्शन को एशियाई टीमों के लिए सकारात्मक संकेत बताया। इंडोनेशिया और भारत की रिपोर्टों में कहा गया कि ईरान ने लगातार छठी एशियाई टीम के रूप में विश्व कप में हार से बचने का सिलसिला जारी रखा। वहीं लैटिन अमेरिकी समाचार आउटलेट्स ने इस मैच को "वाइब्रेंट" और "ड्रामाटिक" करार दिया और विश्व कप में फैली "एम्पाटाइटिस" (ड्रॉ की बीमारी) की ओर इशारा किया। यूरोपीय और मध्य-पूर्वी स्रोतों ने राजनीतिक पहलू पर जोर दिया—ईरानी मूल के अमेरिकियों द्वारा स्टेडियम के बाहर विरोध प्रदर्शन, ईरान के राष्ट्रगान के दौरान हूटिंग, और पूर्व-क्रांति शेर-ओ-सूरज झंडे को लेकर विवाद। फीफा ने ईरान के मैच अमेरिका से बाहर स्थानांतरित करने के अनुरोध को ठुकरा दिया था, जिसके चलते टीम ने अपना प्रशिक्षण शिविर एरिजोना से मेक्सिको के तिजुआना में स्थानांतरित किया और हर मैच से एक दिन पहले अमेरिका पहुंचती रही।

मैच की शुरुआत में ही न्यूजीलैंड ने चौंका दिया। सातवें मिनट में कप्तान क्रिस वुड के लंबे पास पर एलिजा जस्ट ने वॉली से गोल दागा। ईरान ने 32वें मिनट में रजाईयान की चतुराई से बराबरी की, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत में जस्ट ने फिर से वुड की असिस्ट पर गोल कर न्यूजीलैंड को 2-1 से आगे कर दिया। ईरान ने हार नहीं मानी और 64वें मिनट में रजाईयान के क्रॉस पर मोहेबी के हेडर ने स्कोर 2-2 कर दिया। न्यूजीलैंड, जो फीफा रैंकिंग में टूर्नामेंट की सबसे निचली टीम है, ने जस्ट के दो गोलों की बदौलत विश्व कप में अपनी पहली जीत के सपने को फिर से अधूरा छोड़ दिया—उनका रिकॉर्ड अब चार ड्रॉ और तीन हार का है। दूसरी ओर, ईरान के मेहदी तारेमी ने एक शॉट पोस्ट पर मारा और टीम ने कुल मिलाकर आक्रामक खेल दिखाया।

आगे की राह में ग्रुप जी पूरी तरह खुला हुआ है। ईरान का अगला मुकाबला 21 जून को बेल्जियम से होगा, जो एक कठिन परीक्षा होगी, जबकि न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से वैंकूवर में होगा। राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद ईरानी खिलाड़ियों ने कहा कि वे "फुटबॉल खेलने आए हैं" और अपने प्रदर्शन से ईरानियों को एकजुट करना चाहते हैं। दक्षिण एशिया के लिए यह मैच इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान भारत का पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व खेल संबंध गहरे हैं। इस विश्व कप में अब तक हुए कई ड्रॉ यह दर्शाते हैं कि छोटी टीमें अब बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दे रही हैं, और ईरान की यह वापसी उनके प्रशंसकों के लिए उथल-पुथल भरे समय में उम्मीद की किरण बनकर आई है।

स्रोतों में मतभेद

खेल · 24 स्रोत · 5 भाषाएँ

24%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र86%
निंदक14%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
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Stampa russa e CSI/ stato
distaccopragmatismo

ईरान और न्यूजीलैंड ने अपने विश्व कप के पहले मैच में 2-2 से ड्रॉ खेला। एलिजा जस्ट ने न्यूजीलैंड के लिए दो गोल किए, जबकि रामिन रेजाइयन और मोहम्मद मोहेबी ने ईरान के लिए जवाबी गोल दागे। ग्रुप जी की सभी चार टीमों के अब एक-एक अंक हैं।

Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezza
distaccopragmatismo

युद्ध के कारण ईरान के भाग लेने को लेकर महीनों की अनिश्चितता के बाद, टीम ने आखिरकार मैदान में उतरकर न्यूजीलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला। छिटपुट विरोध प्रदर्शनों के बावजूद मैच शांतिपूर्ण रहा, और खिलाड़ियों ने जोर दिया कि वे फुटबॉल खेलने और लोगों को एकजुट करने आए हैं।

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