
मेसी का अंतिम विश्व कप: 200वें मैच में अर्जेंटीना के सामने अल्जीरिया की चुनौती
कैनसस सिटी में मंगलवार रात ग्रुप जे के मुकाबले से लियोनेल मेसी रिकॉर्ड छठे विश्व कप की शुरुआत करेंगे, जहां अर्जेंटीना अपने खिताब की रक्षा का आगाज करेगा।
लियोनेल मेसी के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक विश्व कप का पहला मैच नहीं, बल्कि एक युगांतकारी पड़ाव है। मंगलवार 16 जून 2026 को जब अर्जेंटीना कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में अल्जीरिया के खिलाफ उतरेगी, तो मेसी अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे और छठे विश्व कप में भाग लेने वाले पहले फुटबॉलर बन जाएंगे। यह संयोग ही है कि ठीक 20 साल पहले इसी तारीख पर उन्होंने जर्मनी में सर्बिया-मोंटेनेग्रो के खिलाफ अपना पहला विश्व कप गोल दागा था। अब 38 वर्षीय कप्तान अपने करियर के अंतिम विश्व कप में कतर 2022 की ऐतिहासिक जीत के बाद खिताब बचाने के मिशन पर निकल रहे हैं। कैनसस सिटी की सड़कों पर अर्जेंटीना के प्रशंसकों का समंदर उमड़ पड़ा है, जो इस “अमेरिका के दिल” को फुटबॉल की एक छोटी-सी अर्जेंटीनी शाखा में बदल रहा है।
हालांकि, मौजूदा चैंपियन के लिए राह आसान नहीं है। 2002 के बाद से कोई भी विश्व विजेता अगले टूर्नामेंट में ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सका है—फ्रांस, इटली, स्पेन और जर्मनी सभी इस “चैंपियन के अभिशाप” का शिकार हुए। ब्राजील की मीडिया इस ऐतिहासिक नकारात्मक रुझान को रेखांकित कर रही है, जबकि मैक्सिकन विश्लेषक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कॉनमेबोल की चार टीमें पहले ही बिना जीत के मैदान छोड़ चुकी हैं और अर्जेंटीना पर पहली जीत दिलाने का दबाव है। दूसरी ओर, अल्जीरिया एक दशक से अधिक समय बाद विश्व कप में लौट रहा है और बोस्नियाई कोच व्लादिमीर पेटकोविच की अगुआई में रियाद महरेज, मोहम्मद अमौरा और गोलकीपर लूका जिदान (जिनेदिन जिदान के बेटे) जैसे खिलाड़ियों के साथ सरप्राइज देने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह प्रसारित होगा, और दक्षिण एशिया में फुटबॉल के बढ़ते दर्शक वर्ग के लिए मेसी का यह आखिरी अभियान खास आकर्षण रखता है।
अर्जेंटीना की तैयारी मजबूत दिखी है। लियोनेल स्कालोनी की टीम ने होंडुरास को 2-0 और आइसलैंड को 3-0 से हराकर लगातार दो अभ्यास मैच जीते, हालांकि डिफेंडर निकोलस टैग्लियाफिको चोट के कारण बाहर हो गए हैं। टीम की रीढ़ वही है जिसने कतर में खिताब जीता था: एमिलियानो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, क्रिस्टियन रोमेरो, रोड्रिगो डी पॉल और एंजो फर्नांडीज। अर्जेंटीना के विश्व कप डेब्यू का इतिहास मिलाजुला रहा है—पिछली बार सऊदी अरब के खिलाफ 2-1 की हार के साथ शुरुआत हुई थी, लेकिन अंततः टीम चैंपियन बनी। इस बार कोलंबियाई और अर्जेंटीनी मीडिया इस बात पर सहमत हैं कि शुरुआती मैच में कोई चूक नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ग्रुप जे में बाद में मजबूत विरोधियों का सामना करना पड़ सकता है।
आगे की राह विश्लेषणात्मक नजरिए से दिलचस्प है। अगर अर्जेंटीना जीतता है, तो वह न केवल कॉनमेबोल का खाता खोलेगा बल्कि 1962 के ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर पहला कदम बढ़ाएगा। मेसी के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत कीर्तिमानों का भी है—वह सर्वाधिक विश्व कप गोल करने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं और क्रिस्टियानो रोनाल्डो (228 मैच) के बाद सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय कैप के साथ विश्व कप खेलने वाले दूसरे फुटबॉलर होंगे। तीन देशों—अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा—में फैले इस 48-टीम विश्व कप का पहला बड़ा केंद्र कैनसस सिटी बन गया है, और यहीं से यह तय होना शुरू होगा कि क्या मेसी की विदाई एक और परीकथा बन पाती है या चैंपियन का अभिशाप एक बार फिर अपना शिकार चुन लेता है।
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