
लखनऊ के अलीगंज में व्यावसायिक भवन में आग: 15 युवाओं की मौत, चार अधिकारी निलंबित
सोमवार दोपहर लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में लगी आग में अधिकांशतः एनिमेशन प्रशिक्षण ले रहे छात्रों और कर्मचारियों की जान गई; प्रशासन ने भवन स्वामियों को गिरफ्तार कर जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा सूत्रों के अनुसार मृतकों में अधिकतर युवा थे, जो भवन की ऊपरी मंजिलों पर संचालित एनिमेशन और गेमिंग स्टूडियो में प्रशिक्षण ले रहे थे या कार्यरत थे। भूतल पर एक पशु चिकित्सालय एवं पालतू जानवरों की दुकान भी थी, जहां से कुछ जानवरों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन कई की मौत की आशंका है।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के आघात केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक ने पुष्टि की कि 15 शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं, जबकि पांच घायलों का उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय विधायक के बयानों के अनुसार, इमारत में आपातकालीन निकास द्वार नहीं था, जिससे धुएं और लपटों में फंसे लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई हुई। कई युवाओं ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगाई, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हो गए।
आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में एयर कंडीशनिंग डक्ट प्रणाली में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, जबकि वास्तव में इसका व्यावसायिक संचालन हो रहा था। नगर निगम 2022 से इस भवन पर व्यावसायिक संपत्ति कर वसूल रहा था, जो प्रशासनिक स्तर पर जानकारी होने का संकेत देता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के तुरंत बाद अलीगढ़ से अपना दौरा काटकर लखनऊ लौटते हुए चार अधिकारियों—विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, फायर सेफ्टी ऑफिसर, और लखनऊ विकास प्राधिकरण के दो इंजीनियरों—को निलंबित कर दिया। पुलिस ने भवन के संयुक्त स्वामियों, पशु चिकित्सालय संचालक और एनिमेशन सेंटर संचालक सहित कम से कम तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दो सदस्यीय विशेष जांच दल सात दिनों में रिपोर्ट देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों के लिए पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
यह हादसा दिल्ली के मालवीय नगर में हाल ही में हुए होटल अग्निकांड के बाद व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। फिलहाल बचाव अभियान समाप्त हो चुका है और प्रशासन पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ नियामकीय चूक की जांच कर रहा है। मरने वालों की अंतिम संख्या 15 बताई जा रही है, हालांकि कुछ स्रोतों ने 14 का आंकड़ा भी दिया था; प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार यह आंकड़ा अभी अनंतिम है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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लखनऊ के एक भवन में भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर युवा छात्र थे। यह भवन एक कोचिंग सेंटर और पालतू जानवरों की दुकान को समायोजित करता था। फंसे हुए छात्रों ने खिड़कियों से छलांग लगाई, जबकि बचाव दल ने आग से कई बिल्लियों को भी सुरक्षित निकाला। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने तुरंत उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और मुआवजे की घोषणा की।
लखनऊ के एक व्यावसायिक भवन में आग लगने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक कोचिंग सेंटर और पालतू जानवरों की दुकान थी। फंसे हुए छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग लगाई, जबकि आग एक घंटे से अधिक समय तक जलती रही। बचाव दल ने आग बुझाने के बाद शव बाहर निकाले।
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