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गोलों के बीच एक अजीब आईना: हालैंड का हमशक्ल बनकर वायरल हुई रूसी मॉडलब्राजील, नाइजीरिया, इटली और कोलंबिया में नाबालिगों से यौन शोषण के आरोप में रिश्तेदार गिरफ्तार या आरोपितअमेरिका नहीं चाहता इज़राइल की सैन्य भागीदारी, लेकिन नेतन्याहू सरकार ने ईरान पर तीसरे हमले की दी चेतावनीरूस-चीन के विरोध के बाद भी ईरान पर सुरक्षा परिषद की बैठक, परमाणु निगरानी का संकट गहरायाअमेरिका ने ईरान को शनिवार तक दी सार्वजनिक बयान की समयसीमा, हरमुज में हमले रोकने की मांगफीफा ने विश्व कप फाइनल की घास के टुकड़े 17 हज़ार रुपये तक में बेचने का फैसला कियावैश्विक सामाजिक सुरक्षा सुधार: जर्मनी में ऐतिहासिक बचत कानून, ब्रिटेन में पेंशन आयु वृद्धि पर बहसपेरिस की अदालत से मरीन ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंज़ूरी, दक्षिणपंथी खेमे में हलचलगोलों के बीच एक अजीब आईना: हालैंड का हमशक्ल बनकर वायरल हुई रूसी मॉडलब्राजील, नाइजीरिया, इटली और कोलंबिया में नाबालिगों से यौन शोषण के आरोप में रिश्तेदार गिरफ्तार या आरोपितअमेरिका नहीं चाहता इज़राइल की सैन्य भागीदारी, लेकिन नेतन्याहू सरकार ने ईरान पर तीसरे हमले की दी चेतावनीरूस-चीन के विरोध के बाद भी ईरान पर सुरक्षा परिषद की बैठक, परमाणु निगरानी का संकट गहरायाअमेरिका ने ईरान को शनिवार तक दी सार्वजनिक बयान की समयसीमा, हरमुज में हमले रोकने की मांगफीफा ने विश्व कप फाइनल की घास के टुकड़े 17 हज़ार रुपये तक में बेचने का फैसला कियावैश्विक सामाजिक सुरक्षा सुधार: जर्मनी में ऐतिहासिक बचत कानून, ब्रिटेन में पेंशन आयु वृद्धि पर बहसपेरिस की अदालत से मरीन ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंज़ूरी, दक्षिणपंथी खेमे में हलचल
समाज और संस्कृतिगुरुवार, 9 जुलाई 2026

चटकते जीरे से गुलाई तक: घर की रसोई में बनती दुनिया भर की सुगंध

एक कड़ाही में चटकते जीरे की आवाज़ से लेकर ब्राज़ील के एस्पेतिन्यो और इंडोनेशिया की गुलाई तक, घर के बने व्यंजन सीमाओं को पार कर संस्कृतियों को जोड़ते हैं।

तेल गरम होते ही जीरे के दाने चटकने लगते हैं—एक ऐसी आवाज़ जो मुंबई की किसी रसोई से लेकर सिडनी के एक घर तक, भारतीय खाना पकाने की शुरुआत का परिचित संकेत है। शेफ़ एडम लियाव की सूखी सब्ज़ी करी की विधि में यही पहला कदम है: कड़ाही में जीरा चटकाना, फिर अदरक-लहसुन की खुशबू, और बाद में हल्दी, धनिया पाउडर व मिर्च का तड़का। यह साब्ज़ी—गाजर, फूलगोभी, आलू, बीन्स और मटर का मेल—भारतीय परिवारों के रोज़मर्रा के भोजन की रीढ़ है, जिसे रोटी या चावल के साथ परोसा जाता है। इसकी खासियत है कम से कम पानी में सब्ज़ियों को पकाना, ताकि मसाले हर टुकड़े पर चिपक जाएँ और एक गहरा, मिट्टी जैसा स्वाद दें।

इसी तरह की सुगंध इंडोनेशिया के पदांग शहर की रसोई में भी उठती है, जहाँ गुलाई आयम बन रही होती है। जावा पोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मिनांगकाबाउ व्यंजन में अदरक, लेंगकुआस, हल्दी और सेराई जैसे पारंपरिक मसालों के साथ दौन कुन्यित और दौन जेरुक की पत्तियाँ डाली जाती हैं, जो एक अलग ही महक पैदा करती हैं। मांस को जल्दी गलाने के लिए यहाँ आयम नेगेरी (ब्रॉयलर चिकन) का इस्तेमाल आम है। वहीं, पूर्वी जावा के केदिरी क्षेत्र का सांबल तुंपांग कुछ और ही कहानी कहता है: इसमें तेम्पे सेमांगित यानी अधिक किण्वित तेम्पेह का इस्तेमाल होता है, जो एक तीखी, मिट्टी जैसी सुगंध और गहरा स्वाद लाता है। नारियल के दूध और मिर्च के साथ पकाया गया यह सांबल, सादे चावल और सब्ज़ियों के साथ परोसा जाने वाला एक पारंपरिक आरामदायक भोजन है। और जब समय कम हो, तो ओसेंग तेलूर पेदास—हरी व लाल मिर्चों के साथ तले हुए अंडे—की एक सरल रेसिपी कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जो बताती है कि कैसे सीमित सामग्री भी एक संतोषजनक व्यंजन बना सकती है।

दूसरी ओर, ब्राज़ील में जब दोस्त किसी फुटबॉल मैच के लिए इकट्ठा होते हैं, तो एस्पेतिन्यो (सीख) का दौर चलता है। ब्राज़ीलियाई समाचार पत्र बांड की एक रिपोर्ट बताती है कि मांसाहार के बिना भी ये सीखें रंगीन और व्यावहारिक हो सकती हैं: यूनानी शैली में फेटा चीज़, जैतून, टमाटर और खीरा; इतालवी अंदाज़ में चेरी टमाटर, बफ़ेलो मोज़ारेला और तुलसी; या फिर तोरी और बैंगन की पट्टियाँ जिन्हें नमक, ऑरेगैनो और काली मिर्च से सजाया जाता है। ये ठंडी या हल्की गरम सीखें बिना प्लेट-चम्मच के खाई जा सकती हैं, जो सामूहिकता और सहजता का प्रतीक हैं। यही सहजता इंडोनेशिया में भी दिखती है, जहाँ होकबेन जैसे रेस्तरां की चिकन कात्सू की नकल घर पर ही उतारी जाती है—कुरकुरी बाहरी परत और अंदर से रसीला चिकन, साथ में ताज़ी पत्तागोभी और गाजर का सलाद।

इन सब व्यंजनों में एक समानता है: ये किसी शेफ़ की किताब या रेस्तरां के मेन्यू के लिए नहीं, बल्कि घर की रसोई के लिए बनाए गए हैं। चाहे वह सिडनी में एडम लियाव की सूखी सब्ज़ी हो, पदांग की गुलाई, या ब्राज़ील के एस्पेतिन्यो—हर रेसिपी अपने साथ एक सांस्कृतिक स्मृति लेकर चलती है। आखिरी तस्वीर: एक कड़ाही से उठती भाप, जिसमें नींबू और हरे धनिए की महक है, और एक परिवार मेज़ के चारों ओर बैठा है—यह दृश्य दुनिया के किसी भी कोने का हो सकता है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
5%कम
3 ब्लॉक · स्थिति +0.20 से +0.30 तक
आलोचनात्मकसमर्थक
SEAEURATL
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस+0.30aligned
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस+0.20neutral
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस+0.30aligned
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस+0.30
स्वर

घर का खाना अपनी जड़ों का जश्न मनाता है: हर रेसिपी स्थानीय परंपराओं की यात्रा है।

तंत्रautenticazione

मसालों और पारंपरिक तकनीकों के उपयोग पर जोर देकर, यह प्रामाणिकता का एक आभा बनाता है जो पकवान को उसकी सांस्कृतिक उत्पत्ति से जोड़ता है।

चूक

यह पाक संलयन या अन्य संस्कृतियों के प्रभाव की संभावना का उल्लेख नहीं करता है, केवल स्थानीय परंपरा पर ध्यान केंद्रित करता है।

व्यावहारिकताविजय
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस+0.20
स्वर

मेज पर गर्मी: बिना दिखावे के सामूहिक पलों के लिए व्यावहारिक सुझाव।

तंत्रuniversalizzazione

खाना पकाने को एक सार्वभौमिक मौसमी गतिविधि में बदलकर, यह किसी भी सांस्कृतिक विशिष्टता को समाप्त कर देता है, जिससे व्यंजन किसी के लिए भी लागू हो जाते हैं।

चूक

यह खाना पकाने के वैश्विक आयाम को संबोधित नहीं करता है, खुद को स्थानीय मौसमी युक्तियों तक सीमित रखता है।

व्यावहारिकताउदासीनता
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस+0.30
स्वर

तनाव मुक्त खाना बनाना: रोजमर्रा के आनंद के लिए सरल व्यंजन।

तंत्रbanalizzazione

सांस्कृतिक रूप से समृद्ध व्यंजनों को त्वरित, आसान भोजन में कम करके, यह उनकी उत्पत्ति को तुच्छ बनाता है, उन्हें बिना संदर्भ के सभी के लिए सुलभ बनाता है।

चूक

यह व्यंजनों की सांस्कृतिक जड़ों का उल्लेख नहीं करता है, उन्हें साधारण त्वरित भोजन के रूप में मानता है।

व्यावहारिकताव्यंग्य

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गोलों के बीच एक अजीब आईना: हालैंड का हमशक्ल बनकर वायरल हुई रूसी मॉडल·ब्राजील, नाइजीरिया, इटली और कोलंबिया में नाबालिगों से यौन शोषण के आरोप में रिश्तेदार गिरफ्तार या आरोपित·अमेरिका नहीं चाहता इज़राइल की सैन्य भागीदारी, लेकिन नेतन्याहू सरकार ने ईरान पर तीसरे हमले की दी चेतावनी·रूस-चीन के विरोध के बाद भी ईरान पर सुरक्षा परिषद की बैठक, परमाणु निगरानी का संकट गहराया·अमेरिका ने ईरान को शनिवार तक दी सार्वजनिक बयान की समयसीमा, हरमुज में हमले रोकने की मांग·फीफा ने विश्व कप फाइनल की घास के टुकड़े 17 हज़ार रुपये तक में बेचने का फैसला किया·वैश्विक सामाजिक सुरक्षा सुधार: जर्मनी में ऐतिहासिक बचत कानून, ब्रिटेन में पेंशन आयु वृद्धि पर बहस·पेरिस की अदालत से मरीन ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंज़ूरी, दक्षिणपंथी खेमे में हलचल·गोलों के बीच एक अजीब आईना: हालैंड का हमशक्ल बनकर वायरल हुई रूसी मॉडल·ब्राजील, नाइजीरिया, इटली और कोलंबिया में नाबालिगों से यौन शोषण के आरोप में रिश्तेदार गिरफ्तार या आरोपित·अमेरिका नहीं चाहता इज़राइल की सैन्य भागीदारी, लेकिन नेतन्याहू सरकार ने ईरान पर तीसरे हमले की दी चेतावनी·रूस-चीन के विरोध के बाद भी ईरान पर सुरक्षा परिषद की बैठक, परमाणु निगरानी का संकट गहराया·अमेरिका ने ईरान को शनिवार तक दी सार्वजनिक बयान की समयसीमा, हरमुज में हमले रोकने की मांग·फीफा ने विश्व कप फाइनल की घास के टुकड़े 17 हज़ार रुपये तक में बेचने का फैसला किया·वैश्विक सामाजिक सुरक्षा सुधार: जर्मनी में ऐतिहासिक बचत कानून, ब्रिटेन में पेंशन आयु वृद्धि पर बहस·पेरिस की अदालत से मरीन ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंज़ूरी, दक्षिणपंथी खेमे में हलचल·
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गुरुवार, 9 जुलाई 2026

चटकते जीरे से गुलाई तक: घर की रसोई में बनती दुनिया भर की सुगंध

एक कड़ाही में चटकते जीरे की आवाज़ से लेकर ब्राज़ील के एस्पेतिन्यो और इंडोनेशिया की गुलाई तक, घर के बने व्यंजन सीमाओं को पार कर संस्कृतियों को जोड़ते हैं।

तेल गरम होते ही जीरे के दाने चटकने लगते हैं—एक ऐसी आवाज़ जो मुंबई की किसी रसोई से लेकर सिडनी के एक घर तक, भारतीय खाना पकाने की शुरुआत का परिचित संकेत है। शेफ़ एडम लियाव की सूखी सब्ज़ी करी की विधि में यही पहला कदम है: कड़ाही में जीरा चटकाना, फिर अदरक-लहसुन की खुशबू, और बाद में हल्दी, धनिया पाउडर व मिर्च का तड़का। यह साब्ज़ी—गाजर, फूलगोभी, आलू, बीन्स और मटर का मेल—भारतीय परिवारों के रोज़मर्रा के भोजन की रीढ़ है, जिसे रोटी या चावल के साथ परोसा जाता है। इसकी खासियत है कम से कम पानी में सब्ज़ियों को पकाना, ताकि मसाले हर टुकड़े पर चिपक जाएँ और एक गहरा, मिट्टी जैसा स्वाद दें।

इसी तरह की सुगंध इंडोनेशिया के पदांग शहर की रसोई में भी उठती है, जहाँ गुलाई आयम बन रही होती है। जावा पोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मिनांगकाबाउ व्यंजन में अदरक, लेंगकुआस, हल्दी और सेराई जैसे पारंपरिक मसालों के साथ दौन कुन्यित और दौन जेरुक की पत्तियाँ डाली जाती हैं, जो एक अलग ही महक पैदा करती हैं। मांस को जल्दी गलाने के लिए यहाँ आयम नेगेरी (ब्रॉयलर चिकन) का इस्तेमाल आम है। वहीं, पूर्वी जावा के केदिरी क्षेत्र का सांबल तुंपांग कुछ और ही कहानी कहता है: इसमें तेम्पे सेमांगित यानी अधिक किण्वित तेम्पेह का इस्तेमाल होता है, जो एक तीखी, मिट्टी जैसी सुगंध और गहरा स्वाद लाता है। नारियल के दूध और मिर्च के साथ पकाया गया यह सांबल, सादे चावल और सब्ज़ियों के साथ परोसा जाने वाला एक पारंपरिक आरामदायक भोजन है। और जब समय कम हो, तो ओसेंग तेलूर पेदास—हरी व लाल मिर्चों के साथ तले हुए अंडे—की एक सरल रेसिपी कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जो बताती है कि कैसे सीमित सामग्री भी एक संतोषजनक व्यंजन बना सकती है।

दूसरी ओर, ब्राज़ील में जब दोस्त किसी फुटबॉल मैच के लिए इकट्ठा होते हैं, तो एस्पेतिन्यो (सीख) का दौर चलता है। ब्राज़ीलियाई समाचार पत्र बांड की एक रिपोर्ट बताती है कि मांसाहार के बिना भी ये सीखें रंगीन और व्यावहारिक हो सकती हैं: यूनानी शैली में फेटा चीज़, जैतून, टमाटर और खीरा; इतालवी अंदाज़ में चेरी टमाटर, बफ़ेलो मोज़ारेला और तुलसी; या फिर तोरी और बैंगन की पट्टियाँ जिन्हें नमक, ऑरेगैनो और काली मिर्च से सजाया जाता है। ये ठंडी या हल्की गरम सीखें बिना प्लेट-चम्मच के खाई जा सकती हैं, जो सामूहिकता और सहजता का प्रतीक हैं। यही सहजता इंडोनेशिया में भी दिखती है, जहाँ होकबेन जैसे रेस्तरां की चिकन कात्सू की नकल घर पर ही उतारी जाती है—कुरकुरी बाहरी परत और अंदर से रसीला चिकन, साथ में ताज़ी पत्तागोभी और गाजर का सलाद।

इन सब व्यंजनों में एक समानता है: ये किसी शेफ़ की किताब या रेस्तरां के मेन्यू के लिए नहीं, बल्कि घर की रसोई के लिए बनाए गए हैं। चाहे वह सिडनी में एडम लियाव की सूखी सब्ज़ी हो, पदांग की गुलाई, या ब्राज़ील के एस्पेतिन्यो—हर रेसिपी अपने साथ एक सांस्कृतिक स्मृति लेकर चलती है। आखिरी तस्वीर: एक कड़ाही से उठती भाप, जिसमें नींबू और हरे धनिए की महक है, और एक परिवार मेज़ के चारों ओर बैठा है—यह दृश्य दुनिया के किसी भी कोने का हो सकता है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
5%कम
3 ब्लॉक · स्थिति +0.20 से +0.30 तक
आलोचनात्मकसमर्थक
SEAEURATL
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस+0.30aligned
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस+0.20neutral
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस+0.30aligned
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस+0.30
स्वर

घर का खाना अपनी जड़ों का जश्न मनाता है: हर रेसिपी स्थानीय परंपराओं की यात्रा है।

तंत्रautenticazione

मसालों और पारंपरिक तकनीकों के उपयोग पर जोर देकर, यह प्रामाणिकता का एक आभा बनाता है जो पकवान को उसकी सांस्कृतिक उत्पत्ति से जोड़ता है।

चूक

यह पाक संलयन या अन्य संस्कृतियों के प्रभाव की संभावना का उल्लेख नहीं करता है, केवल स्थानीय परंपरा पर ध्यान केंद्रित करता है।

व्यावहारिकताविजय
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस+0.20
स्वर

मेज पर गर्मी: बिना दिखावे के सामूहिक पलों के लिए व्यावहारिक सुझाव।

तंत्रuniversalizzazione

खाना पकाने को एक सार्वभौमिक मौसमी गतिविधि में बदलकर, यह किसी भी सांस्कृतिक विशिष्टता को समाप्त कर देता है, जिससे व्यंजन किसी के लिए भी लागू हो जाते हैं।

चूक

यह खाना पकाने के वैश्विक आयाम को संबोधित नहीं करता है, खुद को स्थानीय मौसमी युक्तियों तक सीमित रखता है।

व्यावहारिकताउदासीनता
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस+0.30
स्वर

तनाव मुक्त खाना बनाना: रोजमर्रा के आनंद के लिए सरल व्यंजन।

तंत्रbanalizzazione

सांस्कृतिक रूप से समृद्ध व्यंजनों को त्वरित, आसान भोजन में कम करके, यह उनकी उत्पत्ति को तुच्छ बनाता है, उन्हें बिना संदर्भ के सभी के लिए सुलभ बनाता है।

चूक

यह व्यंजनों की सांस्कृतिक जड़ों का उल्लेख नहीं करता है, उन्हें साधारण त्वरित भोजन के रूप में मानता है।

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