
वेस्ट बैंक में दो किशोरों की गोली मारकर हत्या, गाज़ा में छात्रा पर हवाई हमला; संघर्ष विराम उल्लंघन जारी
इज़रायली कार्रवाइयों में सोमवार को तीन फ़लस्तीनी नागरिकों की मौत, जिनमें परीक्षा देने जा रही एक छात्रा भी शामिल; वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा और सैन्य छापे तेज़।
सोमवार, 22 जून 2026 को इज़रायली सैनिकों ने वेस्ट बैंक के कर्मेई त्ज़ूर क्षेत्र में दो फ़लस्तीनी किशोरों को गोली मार दी, जबकि गाज़ा शहर में एक हवाई हमले में हाई स्कूल की छात्रा रघद अशूर की मौत हो गई। फ़लस्तीनी सूत्रों के अनुसार, मारे गए किशोरों की उम्र 15 और 19 वर्ष थी और इज़रायली सेना ने उनके शवों को अपने कब्ज़े में ले लिया तथा रेड क्रिसेंट की चिकित्सा टीमों को घटनास्थल तक पहुँचने से रोक दिया। गाज़ा में, रघद अशूर अपनी अंतिम परीक्षा देने जा रही थी, तभी एक ड्रोन से दागे गए मिसाइल ने उसके वाहन को निशाना बनाया।
इज़रायली सेना ने वेस्ट बैंक की घटना को 'आतंकवाद-रोधी अभियान' बताते हुए कहा कि सैनिकों ने टायर जलाकर और पेट्रोल बम फेंककर बस्ती पर हमला करने वाले तीन लोगों पर गोली चलाई, जिसमें दो की मौत हो गई और एक घायल हुआ। फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने घायल की उम्र 15 वर्ष बताई है। गाज़ा हमले पर इज़रायली रक्षा बलों ने कहा कि उन्होंने हमास के सैन्य विंग के एक सदस्य को निशाना बनाया, लेकिन एक असंबद्ध व्यक्ति के प्रभावित होने पर खेद व्यक्त किया। इस बीच, चरमपंथी बसने वालों ने रामल्लाह के पश्चिम में शुक्बा गाँव में कई फ़लस्तीनी वाहनों को आग लगा दी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, बसने वालों की हिंसा रिकॉर्ड स्तर पर है, जहाँ प्रतिदिन औसतन छह हमले हो रहे हैं। फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2025 में संघर्ष विराम लागू होने के बाद से गाज़ा में 1,028 मौतें हो चुकी हैं, जबकि वेस्ट बैंक में 7 अक्टूबर 2023 से अब तक 1,169 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं।
इन घटनाओं ने गाज़ा में पहले से ही नाज़ुक संघर्ष विराम को और कमज़ोर कर दिया है। स्थानीय सूत्रों ने सोमवार सुबह पाँच नए उल्लंघनों की सूचना दी, जिनमें पूर्वी इलाकों में मशीनगन से गोलीबारी और तोपखाने की बमबारी शामिल है। गाज़ा में छात्र युद्ध के कारण इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से परीक्षाएँ देने को मजबूर हैं, और कई बार उन्हें इंटरनेट व बिजली की तलाश में कैफे जाना पड़ता है। फ़लस्तीनी शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष 37,000 से अधिक छात्र गाज़ा में परीक्षा दे रहे हैं। कुल मिलाकर, 7 अक्टूबर 2023 से गाज़ा में 73,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 1.73 लाख से अधिक घायल हुए हैं, जो इस संघर्ष की भयावह मानवीय कीमत को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वेस्ट बैंक में इज़रायली बस्तियों को अवैध माना जाता है, और अधिकांश देश इन्हें फ़लस्तीनी राज्य की स्थापना में प्रमुख बाधा के रूप में देखते हैं। भारत ने परंपरागत रूप से दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है और नागरिक हताहतों पर चिंता व्यक्त की है। दक्षिण एशियाई विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता ऊर्जा कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है, जिसका भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों पर सीधा असर पड़ता है। फ़िलहाल, संघर्ष विराम कमज़ोर बना हुआ है और इज़रायली सैन्य अभियान जारी हैं; किसी ठोस राजनयिक पहल की कोई घोषणा नहीं हुई है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
इजरायली कब्जे वाली सेनाओं ने एक अवैध बस्ती के पास दो फिलिस्तीनी किशोरों को गोली मार दी और गाजा में एक कार पर बमबारी की, जिसमें अंतिम परीक्षा देने जा रही एक छात्रा की मौत हो गई। दैनिक नरसंहारों के बीच नाजुक युद्धविराम ढह रहा है, जबकि सैनिक मारे गए युवाओं के शवों को रोके हुए हैं। मरने वालों की संख्या 73,000 पार कर गई है और दुनिया खामोश है।
गाजा में पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों में तीन फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें एक 18 वर्षीय छात्रा भी शामिल है। इजरायली सेना ने असंबद्ध लोगों को हुए किसी भी नुकसान पर खेद व्यक्त किया। कई पीड़ित अभी भी मलबे के नीचे फंसे हैं और बचाव दल उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
संबंधित लेख
संयुक्त राष्ट्र आयोग ने इज़राइल पर गाज़ा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया
10 भाषाएँ · 24 स्रोत
खेलहालैंड का दोहरा धमाका: नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराकर 28 साल बाद विश्व कप नॉकआउट में बनाई जगह
8 भाषाएँ · 24 स्रोत
अर्थव्यवस्था और बाजारएआई बुलबुले की आशंका से वैश्विक बाजार धड़ाम, सियोल का कोस्पी 10% लुढ़का
7 भाषाएँ · 20 स्रोत