
यूरोपीय संसद की मंजूरी से डिजिटल यूरो की राह साफ, अमेरिकी भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता घटाने की तैयारी
यूरोपीय संघ की आर्थिक समिति ने डिजिटल यूरो के नियमन को मंजूरी दे दी, जिससे 2029 तक पैन-यूरोपीय भुगतान विकल्प शुरू करने और वीज़ा-मास्टरकार्ड के वर्चस्व को चुनौती देने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
23 जून 2026 को यूरोपीय संसद की आर्थिक एवं मौद्रिक मामलों की समिति (ECON) ने डिजिटल यूरो के लिए नियामक ढाँचे को 43 के मुकाबले 14 मतों से पारित कर दिया। इस निर्णय के साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की उस परियोजना को संस्थागत समर्थन मिल गया, जिसका लक्ष्य 2029 तक पूरे यूरो क्षेत्र में एक सार्वजनिक डिजिटल मुद्रा प्रचलन में लाना है। मतदान के बाद अब यह प्रस्ताव जुलाई के पहले सप्ताह में यूरोपीय संसद के पूर्ण सत्र में रखा जाएगा, जहाँ से इसे सदस्य देशों की सरकारों और यूरोपीय आयोग के साथ अंतिम वार्ता के लिए भेजे जाने की संभावना है।
यूरोपीय संस्थाओं के अनुसार, डिजिटल यूरो का प्राथमिक उद्देश्य अमेरिकी भुगतान कंपनियों—वीज़ा, मास्टरकार्ड, पेपाल और एप्पल पे—पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है। ECB के आँकड़े बताते हैं कि यूरो क्षेत्र में लगभग दो-तिहाई कार्ड भुगतान गैर-यूरोपीय कंपनियाँ संसाधित करती हैं, और 21 में से 13 देशों के पास दैनिक लेन-देन के लिए कोई राष्ट्रीय कार्ड योजना नहीं है। यूरोपीय नीति-निर्माताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में लगाए गए शुल्कों और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के न्यायाधीशों पर प्रतिबंधों का हवाला देते हुए इसे “संप्रभुता का सवाल” बताया है। दूसरी ओर, यूरोपीय बैंकिंग महासंघ ने इस परियोजना पर 18 अरब यूरो तक की लागत का अनुमान लगाया है और जमा के पलायन की आशंका जताई है, हालाँकि ECB ने निवेश लागत 4 से 5.8 अरब यूरो के बीच बताते हुए कहा है कि डिज़ाइन ऐसा है जो बड़े पैमाने पर निकासी को रोकेगा। अति-दक्षिणपंथी समूह “यूरोप ऑफ सॉवरेन नेशंस” ने इस प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान किया, जिससे पूर्ण सत्र में एक और मतदान की संभावना बढ़ गई है।
डिजिटल यूरो एक इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट के रूप में काम करेगा, जिसे बैंक या वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियाँ वितरित करेंगी। यह नकदी का स्थान नहीं लेगा, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के भुगतान का एक मुफ्त विकल्प प्रदान करेगा। ECB के अधिकारियों के अनुसार, इसमें गोपनीयता के कड़े मानक होंगे और ऑफलाइन मोड नकदी जितना ही गोपनीय रहेगा। वैश्विक स्तर पर यह पहल अमेरिकी डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन के बढ़ते प्रभाव के बीच एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) का सबसे बड़ा प्रयोग होगी। दक्षिण एशिया के लिए यह घटनाक्रम भारत के ई-रुपया जैसे प्रयासों को वैश्विक मान्यता दे सकता है और क्षेत्रीय भुगतान प्रणालियों में अमेरिकी नेटवर्कों के विकल्प तलाशने की प्रवृत्ति को बल देगा।
अगले महीने यूरोपीय संसद के पूर्ण सत्र में मतदान के बाद, सदस्य देशों और आयोग के साथ त्रिपक्षीय वार्ता शुरू होगी, जिसका लक्ष्य वर्ष के अंत तक अंतिम विधायी मंजूरी हासिल करना है। ECB 2027 की दूसरी छमाही से 12 महीने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके बाद 2029 में पूर्ण लॉन्च होगा। इस बीच, बैंकों और व्यापारियों को तकनीकी तैयारियों के लिए समय दिया जाएगा।
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आर्थिक मामलों की समिति ने 43 मतों के पक्ष, 14 विरोध और एक अनुपस्थिति के साथ विनियमन को मंजूरी दे दी। डिजिटल यूरो ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान के लिए एक मुफ्त ऐप होगा, जिसमें कोई अतिरिक्त लागत नहीं होगी। यह मतदान विधान को अंतिम रूप देने के लिए आयोग और परिषद के साथ बातचीत शुरू करता है।
डिजिटल यूरो को वीज़ा और मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता कम करने के लिए संप्रभुता के एक उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह यूरोपीय नागरिकों और व्यवसायों को वैश्विक दिग्गजों के माध्यम से भुगतान किए बिना लेन-देन करने की अनुमति देगा। संसदीय मतदान वर्ष के अंत तक आभासी मुद्रा तैयार होने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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