
Nestlé 2026 तक कृत्रिम रंग हटाएगा, EPA ने पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक परीक्षण टाला
खाद्य कंपनी 2026 तक वैश्विक स्तर पर कृत्रिम रंग हटाने वाली पहली बड़ी कंपनी बनेगी, जबकि अमेरिकी पर्यावरण एजेंसी ने पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक के परीक्षण को पांच साल के लिए स्थगित कर दिया।
नेस्ले ने एक साथ दो बड़े उत्पाद बदलावों की घोषणा की है। कंपनी 2026 के अंत तक दुनिया भर में अपने सभी उत्पादों से कृत्रिम खाद्य रंगों को हटा देगी, ऐसा करने वाली यह पहली वैश्विक खाद्य कंपनी बन जाएगी। मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी स्टीफन पाल्जर ने स्विट्जरलैंड स्थित मुख्यालय में बताया कि अमेरिकी बाजार से ये रंग पहले ही हटाए जा चुके हैं, अब यह नीति शेष विश्व पर लागू होगी। इसके अलावा, कंपनी सितंबर 2027 तक यूरोप के अधिकांश हिस्सों में किटकैट चॉकलेट बार की रेसिपी बदलकर इसे अधिक कुरकुरा बनाएगी और इसमें हेज़लनट का हल्का स्वाद जोड़ेगी, हालांकि कोको की मात्रा में कटौती नहीं होगी। ब्रिटेन में यह बदलाव लागू नहीं होगा, क्योंकि वहां के उपभोक्ताओं की पसंद को पहले से ही ‘परफेक्ट’ माना गया है, जबकि अमेरिका में हर्शे कंपनी 2027 में अपनी किटकैट को अधिक क्रीमी बनाने की योजना पर काम कर रही है।
ये कदम ऐसे समय उठाए गए हैं जब पैकेज्ड फूड कंपनियों पर निवेशकों और उपभोक्ताओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जीएलपी-1 वजन घटाने वाली दवाओं के प्रसार और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच कंपनियां सरल और स्वास्थ्यप्रद रेसिपी की मांग का सामना कर रही हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने भी कृत्रिम रंगों को खाद्य पदार्थों से हटाने का इरादा जताया है, इनका संभावित संबंध एडीएचडी, मोटापा और मधुमेह जैसी स्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि कई वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी और शोध की आवश्यकता है।
इसके विपरीत, अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) ने पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक और फार्मास्यूटिकल्स के परीक्षण को अगले पांच वर्षों के लिए अनिवार्य निगरानी सूची से बाहर रखा है। एजेंसी प्रशासक ली जेल्डिन ने इसी वर्ष अप्रैल में माइक्रोप्लास्टिक को प्राथमिकता वाला प्रदूषक घोषित किया था, लेकिन अब ईपीए का कहना है कि उसके पास पेयजल में प्लास्टिक कणों के परीक्षण की कोई मान्य या मानकीकृत विधि नहीं है और दिसंबर तक ऐसी विधि विकसित नहीं की जा सकती, जब परीक्षण शुरू होना अनिवार्य है।
पर्यावरण समूहों ने इस फैसले पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ ने पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक के परीक्षण की विधियां विकसित कर ली हैं, और कैलिफोर्निया का जल बोर्ड भी 2018 के राज्य कानून के तहत एक प्रोटोकॉल तैयार कर चुका है, हालांकि वह अभी पूरी तरह मान्य नहीं हुआ है। ईपीए ने अपने प्रस्तावित नियम में कहा है कि वह भविष्य की निगरानी के लिए जोखिमों के मूल्यांकन हेतु अन्य संघीय एजेंसियों के साथ सहयोग करेगी।
नेस्ले के लिए अगला पड़ाव 2026 का अंत है, जब कंपनी को वैश्विक स्तर पर कृत्रिम रंगों को पूरी तरह हटाने का लक्ष्य हासिल करना है, जबकि किटकैट की नई रेसिपी सितंबर 2027 से यूरोपीय बाजारों में उपलब्ध होगी। ईपीए की ओर से माइक्रोप्लास्टिक को अनिवार्य परीक्षण सूची में शामिल करने का अगला अवसर पांच वर्ष बाद ही आएगा।
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नेस्ले 2026 के अंत तक अपने सभी वैश्विक उत्पादों से कृत्रिम रंगों को हटाकर खाद्य उद्योग का नेतृत्व कर रही है, जिसके लिए प्राकृतिक विकल्प खोजने हेतु हजारों घंटे का शोध किया गया। यह कदम स्वस्थ विकल्पों की बढ़ती उपभोक्ता मांग का जवाब है और कंपनी को स्वच्छ-लेबल सुधार में अग्रणी के रूप में स्थापित करता है।
जहाँ नेस्ले 2026 तक कृत्रिम खाद्य रंगों को हटाने का वादा करती है, वहीं EPA ने अगले पाँच वर्षों के लिए अमेरिकी पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक के अनिवार्य परीक्षण को चुपचाप स्थगित कर दिया है। यह नियामक वापसी नल के पानी की सुरक्षा और उभरते प्रदूषकों से निपटने की सरकारी प्रतिबद्धता पर चिंताएँ बढ़ाती है।
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