
वांस का इज़राइल पर आरोप: ईरान युद्ध को अनिश्चितकाल तक खींचने की कोशिश, अमेरिकी कूटनीति को कमज़ोर करने का प्रयास
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस ने जो रोगन पॉडकास्ट में कहा कि इज़राइली सरकार के कुछ तत्व ईरान के साथ युद्धविराम वार्ता को विफल करने और संघर्ष को लम्बा खींचने के लिए अमेरिकी जनमत को प्रभावित कर रहे हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस ने बुधवार को एक पॉडकास्ट में आरोप लगाया कि इज़राइली सरकार के भीतर कुछ तत्व ईरान के साथ जारी सैन्य अभियान को 'अनिश्चितकाल तक' जारी रखने के लिए अमेरिकी जनमत को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। वांस ने कहा कि ये तत्व पिछले महीने हुए अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन को पटरी से उतारने के लिए एक 'बेहद गुप्त और भारी वित्तपोषित अभियान' चला रहे थे, जिसमें पूर्व ट्रंप चुनाव अभियान से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना करवाई गई। टाइम पत्रिका की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए वांस ने दावा किया कि यह अभियान सीधे तौर पर इज़राइली सरकार के कुछ हिस्सों द्वारा वित्तपोषित था।
इज़राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन नाम न छापने की शर्त पर बोलते हुए वरिष्ठ इज़राइली अधिकारियों ने कहा कि समझौते की शर्तें इज़राइल के लिए खराब थीं क्योंकि वे ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर अंकुश लगाने में विफल रहीं। वहीं, वांस ने यह भी स्पष्ट किया कि इज़राइली सरकार के भीतर ऐसे कई तत्व हैं जो शांति प्रक्रिया का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि अनिश्चितकालीन अभियान उनके हित में भी नहीं है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय पूरी तरह से इस विश्वास के आधार पर लिया कि तेहरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए, न कि किसी इज़राइली प्रभाव में आकर।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने 8 जुलाई से ईरान पर कई हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और रविवार को जलडमरूमध्य को तब तक बंद करने की घोषणा की जब तक क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप समाप्त नहीं हो जाता। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान ने वाशिंगटन द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करने के बाद समझौते के तहत अपने दायित्वों को निलंबित कर दिया है और फिलहाल बातचीत का कोई एजेंडा नहीं है, पूरा ध्यान रक्षा पर है।
विश्लेषकों के अनुसार, वांस के बयान अमेरिकी प्रशासन के भीतर इज़राइल के प्रति बढ़ती शीतलता और कूटनीतिक समाधान की ओर झुकाव को दर्शाते हैं। वांस, जो 2028 में राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार माने जाते हैं, रिपब्लिकन पार्टी के उस धड़े का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जो नेतन्याहू सरकार के प्रति आलोचनात्मक है। इससे उन्हें इज़राइल-समर्थक रिपब्लिकन दानदाताओं की नाराज़गी का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर पड़ सकता है। दक्षिण एशिया के लिए, होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल कीमतों और भारत जैसे प्रमुख आयातकों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है, जो अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
फिलहाल, अमेरिकी नौसेना ने जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जारी रखी है और ट्रंप ने अमेरिका को इसका 'संरक्षक' घोषित किया है। वहीं, वांस ने स्वीकार किया कि स्थिति का अंत क्या होगा, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि केवल सैन्य बल से जलडमरूमध्य में शिपिंग सुरक्षित नहीं की जा सकती और बातचीत ज़रूरी है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह सार्वजनिक कटुता अमेरिका-इज़राइल संबंधों में स्थायी दरार लाती है या दोनों पक्ष साझा सुरक्षा चिंताओं पर फिर से एकजुट हो पाते हैं।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | −0.20 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | 0.00 | neutral |
The Atlantic alliance records the rift between Washington and Tel Aviv with detachment, presenting the accusation as a fact without taking sides.
It reports the statements without commentary, letting the facts speak for themselves, which reinforces the credibility of a neutral source.
Missing the Israeli government's response, which could challenge the accusation.
Southeast Asia denounces Israeli maneuvers, amplifying Vance's accusation with strong terms like 'manipulation' and 'rot'.
It uses sensational and repetitive language to create a sense of indignation and urgency, making the accusation appear as an indisputable truth.
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It adopts a descriptive and detached tone, citing sources without adding interpretations, which lends objectivity.
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