
जून 2026 में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर, अल नीनो से और वृद्धि की आशंका
यूरोपीय संघ की कोपरनिकस सेवाओं के अनुसार जून में औसत समुद्री सतह तापमान 20.98 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो 2023-24 के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया।
जून 2026 में वैश्विक महासागरों की सतह का औसत तापमान 20.98 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस महीने के लिए अब तक का सर्वाधिक स्तर है। यूरोपीय संघ की कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा (C3S) और कोपरनिकस समुद्री सेवा (CMEMS) ने स्वतंत्र आंकड़ों से पुष्टि की कि 21 जून को तापमान क्रमशः 20.86°C और 21.0°C तक पहुंचा, जो 2023 और 2024 के रिकॉर्ड से 0.1°C अधिक है। यह वृद्धि पिछले छह महीनों से जारी लगभग अभूतपूर्व समुद्री गर्मी और लंबी समुद्री ऊष्म लहरों के बीच दर्ज हुई।
इस रिकॉर्ड के पीछे दो प्रमुख कारक हैं: मानव-जनित जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में विकसित हो रही प्राकृतिक अल नीनो परिघटना। कोपरनिकस के निदेशक कार्लो बुओंटेम्पो ने कहा कि वर्तमान स्थितियां एक नए चरण की शुरुआत का संकेत दे सकती हैं, जो दुनिया को 'अज्ञात क्षेत्र' में ले जाएगी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 2 जून को अल नीनो की शुरुआत की घोषणा की थी, और मौसमी पूर्वानुमान मॉडल संकेत दे रहे हैं कि इसकी तीव्रता दशकों में नहीं देखे गए स्तर तक पहुंच सकती है। महासागर पृथ्वी की अतिरिक्त ऊष्मा का लगभग 90% अवशोषित करते हैं, जो मुख्यतः जीवाश्म ईंधन के जलने से उत्पन्न होती है।
प्रभाव क्षेत्रीय रूप से भिन्न दिख रहे हैं। उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर ने जून में 27.26°C के साथ अपना सबसे गर्म महीना दर्ज किया, और जनवरी-जून अवधि 2016 के रिकॉर्ड की बराबरी पर रही। भूमध्य सागर में जून का औसत तापमान 24.3°C रहा, जो 2023 और 2025 के रिकॉर्ड से अधिक है; वर्ष की पहली छमाही में इस बेसिन का 98% हिस्सा समुद्री ऊष्म लहरों की चपेट में रहा। बार्सिलोना स्थित समुद्री विज्ञान संस्थान (CSIC) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भूमध्य सागर में एक ऊष्म लहर ने सोमवार को तीव्रता का नया रिकॉर्ड बनाया, जहां तापमान सामान्य से 5.2°C अधिक था। वैश्विक स्तर पर, वर्ष की पहली छमाही में 82% महासागरीय क्षेत्र समुद्री ऊष्म लहरों से प्रभावित रहे, जो 2024 के बाद दूसरा सबसे बड़ा विस्तार है।
गर्म होते महासागर मौसम प्रणालियों को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं, जिससे चरम वर्षा, बाढ़ और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तीव्रता बढ़ने का जोखिम है। उच्च समुद्री तापमान वायुमंडल को लंबे समय तक गर्म रखता है और वाष्पीकरण बढ़ाता है। यह समुद्री जल स्तर वृद्धि और प्रवाल विरंजन जैसे पारिस्थितिकीय दबावों को भी तीव्र करता है। मर्केटर ओशन इंटरनेशनल के समुद्र विज्ञानी साइमन वान गेनिप ने कहा कि अल नीनो वर्ष के आगमन के साथ 2026 के सबसे गर्म वर्षों में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि सटीक वृद्धि का अनुमान अभी संभव नहीं है।
अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव आगामी महीनों में अल नीनो की वास्तविक तीव्रता और उसके वैश्विक तापमान पर प्रभाव का आकलन होगा। कोपरनिकस के मौसमी पूर्वानुमान इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या समुद्री सतह का तापमान अस्थायी उछाल है या लंबे समय तक रिकॉर्ड स्तर पर बना रहेगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
भूमध्य सागर उबल रहा है, समुद्र की सतह का तापमान ऐतिहासिक औसत से छह डिग्री अधिक है। अल नीनो के आगमन से स्थिति और बिगड़ेगी, जिससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को अपरिवर्तनीय क्षति से बचाने के लिए तत्काल अनुकूलन आवश्यक हो जाएगा।
वैश्विक औसत महासागर तापमान ने जून में एक नया रिकॉर्ड बनाया, जो 2023 और 2024 के स्तरों को पार कर गया। यूरोपीय कोपरनिकस वेधशाला इसका कारण अल नीनो और ग्लोबल वार्मिंग के संयोजन को बताती है, और आने वाले महीनों में और वृद्धि की भविष्यवाणी करती है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान भरी
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिका ने T-MEC का दीर्घकालिक नवीनीकरण रोका, वार्षिक समीक्षा से बढ़ी अनिश्चितता
3 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेभारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा
4 भाषाएँ · 16 स्रोत