
अमेरिकी आप्रवासन नीति में बहुआयामी सख्ती: टीपीएस समाप्ति, राज्य स्तरीय रजिस्ट्री और ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अस्थायी संरक्षण प्राप्त प्रवासियों को निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है, जबकि मिसिसिपी जैसे राज्य अवैध प्रवासियों की सूची बना रहे हैं।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 25 जून को प्रशासन को हेती और सीरिया के नागरिकों के लिए अस्थायी संरक्षित स्थिति (टीपीएस) समाप्त करने की अनुमति दे दी, जिससे लगभग 3.5 लाख हेतीवासी और 6,100 सीरियाई नागरिक निर्वासन के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। न्यायालय के बहुमत के अनुसार, निचली अदालतें गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के टीपीएस पदनामों को रद्द नहीं कर सकतीं। इस निर्णय के तत्काल बाद, गृह सुरक्षा मंत्री मार्क्वेन मुलिन ने सीएनएन पर कहा कि टीपीएस धारकों को स्थायी वैधानिक दर्जा प्राप्त करना चाहिए या देश छोड़ देना चाहिए, और प्रशासन स्वदेश लौटने वालों को हवाई टिकट तथा पुनर्वास के लिए लगभग 2,100 डॉलर प्रदान करेगा।
इस केंद्रीय घटनाक्रम के समानांतर, कई राज्यों ने अपने स्तर पर प्रवर्तन कदम उठाए हैं। मिसिसिपी में एक जुलाई से एक कानून लागू हो गया है जो राज्य पुलिस को अवैध प्रवासियों का एक रजिस्टर तैयार करने का अधिकार देता है, जिसमें नाम, पते, मूल देश और आपराधिक इतिहास जैसी जानकारी एकत्र की जाएगी। मिसिसिपी राज्य विधानमंडल के अनुसार, यह सूची राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी, हालांकि इसे संघीय आप्रवासन एजेंसी आईसीई को देने की बाध्यता या मनाही नहीं है। दूसरी ओर, न्यूयॉर्क राज्य ने एक स्मारक लाइसेंस प्लेट जारी की है जो बिना कानूनी दर्जे वाले व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध है, बशर्ते उनके पास राज्य का वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो, जो ग्रीन लाइट कानून के तहत प्राप्त किया जा सकता है।
आप्रवासी अधिकार संगठनों ने इन कदमों पर चिंता व्यक्त की है। अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल की विक्टोरिया फ्रांसिस ने चेतावनी दी कि मिसिसिपी का रजिस्टर प्रोफाइलिंग को बढ़ावा देगा और पूरे समुदायों को निशाना बनाएगा। ओहायो के गवर्नर माइक डीवाइन, एक रिपब्लिकन, ने कहा कि हेतीवासियों को वापस भेजना सुरक्षित नहीं है और इससे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी हो जाएगी। वहीं, सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज की जेसिका वॉन ने मिसिसिपी कानून का समर्थन करते हुए स्वीकार किया कि राज्य को आप्रवासन स्थिति का सही निर्धारण करने का एक विश्वसनीय तरीका विकसित करना होगा।
संघीय स्तर पर, यूएससीआईएस ने मई में एक ज्ञापन जारी कर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया को सख्त कर दिया है, जिसके तहत अस्थायी वीजा पर आए कई प्रवासियों को अब अमेरिका छोड़कर अपने मूल देश के वाणिज्य दूतावास में आवेदन करना होगा। गवर्निंग पत्रिका के विश्लेषण के अनुसार, इस बदलाव का सर्वाधिक प्रभाव कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, टेक्सास और न्यूयॉर्क पर पड़ेगा, जहां 2023 में देश के भीतर ही स्थायी निवास प्राप्त करने वाले आधे से अधिक लोग रहते थे। साथ ही, एक अन्य संघीय अदालत के निर्णय ने त्वरित निर्वासन के दायरे को व्यापक किया है, जिससे दो वर्ष से कम समय से अमेरिका में रह रहे बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को बिना सुनवाई के निकाला जा सकता है; विशेषज्ञ अब ऐसे लोगों को रोजगार प्रमाण, कर रिकॉर्ड और बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज साथ रखने की सलाह दे रहे हैं।
वर्तमान में 17 देशों के नागरिक टीपीएस के अंतर्गत आते हैं, जिनमें अफगानिस्तान, यूक्रेन, वेनेजुएला और म्यांमार शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही इनमें से 13 देशों के लिए पदनाम रद्द कर दिए हैं, केवल लेबनान के लिए इसे नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को “विनाशकारी क्षति” बताया है। फिलहाल, टीपीएस समाप्ति की सटीक समय-सीमा स्पष्ट नहीं है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन के खिलाफ लंबित याचिकाएं अब खारिज हो सकती हैं, जिससे आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई संभव है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +0.20 | neutral |
Latinos suffer a blow to their integration: the DHS makes citizenship unaffordable for low-income workers.
It highlights the exact fee amount and the impact on the Latino community, generating empathy and criticism, without balancing factors like system improvements.
It omits that the increases also fund immigration system upgrades and the context of rising administrative costs.
Britain expands detention centers for illegal immigrants, while the US tightens borders: uncontrolled migration is a global threat requiring firm responses.
It draws a parallel between policies of different countries to legitimize repressive actions as objective necessity, normalizing tough control.
It omits root causes of migration and humanitarian alternatives, and overlooks the specific US context.
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