
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज, तेल कीमतों में उछाल
अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच भीषण हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के दावों से वैश्विक तेल बाजार में हलचल, युद्धविराम समझौता संकट में।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव सोमवार को और व्यापक हो गया, जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली और ओमान में रडार प्रणालियों को नष्ट करने का दावा किया। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान में दर्जनों लक्ष्यों पर सटीक हमलों की पुष्टि की थी, जिनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कम करना बताया गया। इस ताजा हिंसा के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.3 प्रतिशत उछलकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, क्योंकि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पांच सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई।
दोनों पक्षों ने रणनीतिक जलमार्ग के नियंत्रण को लेकर परस्पर विरोधी दावे किए। CENTCOM ने कहा कि “ईरान जलडमरूमध्य को नियंत्रित नहीं करता” और यातायात जारी है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घोषणा की कि “जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक इस क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप समाप्त नहीं हो जाते।” ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने पिछले कुछ महीनों के राजनयिक प्रयासों को विफल कर दिया है और जलडमरूमध्य में असुरक्षा लौट आई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को समाप्त मानते हुए भी बातचीत का दरवाजा खुला रखा, जबकि ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “एकतरफा समझौतों का युग खत्म हो गया है।”
इस टकराव के क्षेत्रीय और आर्थिक प्रभाव तेजी से उभर रहे हैं। बहरीन ने सोमवार तड़के कई ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को नष्ट करने की सूचना दी, कुवैत ने “शत्रुतापूर्ण हवाई लक्ष्यों” को रोकने की बात कही और जॉर्डन ने चार ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। यमन में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सना हवाई अड्डे पर सऊदी अरब के हवाई हमलों का आरोप लगाया, जिससे वहां का नाजुक युद्धविराम भी परीक्षा में पड़ गया। दक्षिण एशिया में, पाकिस्तान—जो दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है—ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारत जैसे प्रमुख तेल आयातकों के लिए जलडमरूमध्य में स्थिरता ऊर्जा सुरक्षा से सीधे जुड़ी है, क्योंकि युद्ध से पहले दुनिया का पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और एलएनजी इसी मार्ग से गुजरता था।
यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए युद्ध का हिस्सा है, जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। 17 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए एक अंतरिम समझौते के तहत 60 दिनों की बातचीत और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनी थी, लेकिन पिछले सप्ताह से दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हमले तेज कर दिए। अमेरिकी सेना ने पहली बार समुद्री ड्रोनों का इस्तेमाल किया, जबकि ईरान ने ओमान के साथ मिलकर जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाने की कोशिशें तेज कीं, हालांकि ओमान पर अमेरिकी दबाव इसमें बाधा बताया जा रहा है।
फिलहाल कूटनीति की संभावनाएं क्षीण हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने पूर्ण पैमाने की शत्रुता की वापसी को “विनाशकारी” बताते हुए तत्काल बातचीत की अपील की, लेकिन दोनों पक्षों के तेवरों में नरमी के संकेत नहीं हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में ढील देने वाले लाइसेंस को रद्द कर दिया है, जबकि ईरान ने जलडमरूमध्य में स्थायी शुल्क प्रणाली लागू करने की चेतावनी दी है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी कांग्रेस चुनावों से पहले तेल की बढ़ती कीमतें ट्रंप के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जा रही हैं।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | 0.00 | neutral |
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| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
ईरान अमेरिकी हमलों को आक्रमण के रूप में रिपोर्ट करता है, अमेरिकी सेना की एकतरफा कार्रवाई पर जोर देता है। यह ईरानी राज्य की आवाज है, जो अमेरिका को हिंसा का आरंभकर्ता प्रस्तुत करता है।
ईरानी प्रेस केवल अमेरिकी हमलों की रिपोर्ट करके और ईरान के जवाबी हमलों को स्वीकार न करके अमेरिका को एकमात्र आक्रामक के रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे पीड़ित होने की कथा बनती है।
ईरानी प्रेस बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में ईरान के अपने हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कोई उल्लेख नहीं करता, जो अन्य ब्लॉकों द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं।
अटलांटिक प्रेस पश्चिमी सुरक्षा परिप्रेक्ष्य से बोलता है, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए संघर्ष के परिणामों की चेतावनी देता है। यह ईरानी आक्रमण के जवाब में अमेरिका को प्रस्तुत करता है, साथ ही ट्रम्प के मुखर रुख को भी नोट करता है।
संघर्ष को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए खतरे के रूप में प्रस्तुत करके और अमेरिकी अधिकारियों को उद्धृत करके, अटलांटिक प्रेस तात्कालिकता की भावना पैदा करता है और ईरानी उकसावे के लिए आवश्यक प्रतिक्रिया के रूप में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को उचित ठहराता है।
लैटिन अमेरिकी प्रेस संघर्ष को एक क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य से रिपोर्ट करता है, खाड़ी राज्यों और वैश्विक तेल बाजारों पर प्रभाव को नोट करता है। यह कोई स्पष्ट पक्ष नहीं लेता है लेकिन क्षेत्र के लिए वृद्धि और जोखिमों पर जोर देता है।
ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमलों और जलडमरूमध्य को बंद करने का विवरण देकर, लैटिन अमेरिकी प्रेस ईरान को अमेरिकी आक्रमण के जवाब में एक सक्षम अभिनेता के रूप में प्रस्तुत करता है, साथ ही आर्थिक परिणामों को भी नोट करता है।
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