
यमन में हूती हमले से 16 सैनिकों की मौत, लाल सागर में मालवाहक जहाज पर भी हमला
होदेइदाह के पास जमीनी और समुद्री हमलों ने 2022 के युद्धविराम को कमजोर किया; हूतियों ने सऊदी अरब को धमकी दी।
यमन के पश्चिमी तट पर स्थित होदेइदाह बंदरगाह के दक्षिण में हूती विद्रोहियों ने सरकार समर्थक बलों पर बड़ा हमला किया, जिसमें चिकित्सा सूत्रों के अनुसार 16 सैनिक मारे गए और 22 घायल हुए। यह हमला शुक्रवार देर रात शुरू होकर शनिवार तड़के तक चला, जिसे एक सैन्य अधिकारी ने ‘वर्षों का सबसे घातक हूती हमला’ बताया। इसी बीच, रविवार को होदेइदाह से लगभग 30 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसके बाद जहाज के सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की और हमलावर भाग निकले।
सरकारी बलों से जुड़े अधिकारी के अनुसार, हूती लड़ाकों ने शुरुआत में हेइस जिले के जबल दुबास क्षेत्र में कुछ ठिकानों पर कब्जा कर लिया था, लेकिन बाद में जवाबी कार्रवाई में उन्हें खदेड़ दिया गया। हमले में स्नाइपर, ड्रोन और मोर्टार का इस्तेमाल किया गया। दूसरे सैन्य सूत्र ने बताया कि हूतियों को भी भारी नुकसान हुआ, हालांकि संख्या नहीं बताई गई। वहीं, जहाज पर हमले की जानकारी ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र (यूकेएमटीओ) ने दी, जिसने कहा कि मामले की जांच जारी है और किसी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
यमन का गृह युद्ध 2015 से जारी है, जिसमें अब तक सैकड़ों हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और भीषण मानवीय संकट पैदा हो गया है। ईरान समर्थित हूती राजधानी सना और होदेइदाह सहित उत्तर के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं, जबकि सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार दक्षिणी इलाकों पर काबिज है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद से बड़ी लड़ाइयाँ थम गई थीं, लेकिन यह ताजा हमला उस समझौते के लिए बड़ा झटका है। हूतियों ने शुक्रवार को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की धमकी भी दी थी, जो एक ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने के आरोप को लेकर दी गई।
इन घटनाओं ने लाल सागर में व्यावसायिक जहाजरानी की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। हूती पहले भी बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुके हैं, जिसके चलते गाजा युद्ध के दौरान कई कंपनियों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी छोर से जहाज भेजना पड़ा था। विश्लेषकों के अनुसार, ईरान अपने ‘प्रतिरोध की धुरी’ के जरिए क्षेत्रीय तनाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है, और हूती हमले इसी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। दूसरी ओर, सऊदी अरब और यमन सरकार इसे युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में देखते हैं, जो शांति प्रयासों को पटरी से उतार सकता है।
फिलहाल, जहाज हमले की जांच जारी है और हूती प्रवक्ता ने टिप्पणी से इनकार किया है। सैन्य सूत्रों का कहना है कि जमीनी झड़पों के बाद इलाके में स्थिति शांत है, लेकिन तनाव बरकरार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पर है कि क्या इस घटनाक्रम से व्यापक संघर्ष फिर शुरू होगा या कूटनीतिक प्रयासों से हालात संभल पाएंगे।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.40 | critical |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.50 | critical |
Iran downplays Houthi aggression, focusing on anonymous threats at sea.
By omitting the attack on soldiers, the Iranian narrative implies that the only violence comes from generic non-state actors, not from its Houthi ally.
It does not mention the killing of 14-16 government troops by the Houthis, a central fact in other coverage.
Russia observes the event as a maritime news story, without taking sides or assigning responsibility.
By isolating the episode from the ongoing war, Russia neutralizes the political charge of the news.
It does not report the Houthi attack on government forces, the main event of the day according to other sources.
The West condemns Houthi aggression and warns of regional escalation, linking attacks to Iranian sponsorship.
The juxtaposition of ground and maritime attacks creates a narrative of a multiple, coordinated threat attributable to Iran.
It does not report Houthi casualties, focusing only on government fatalities.
The Arab world condemns the Houthi attack and denounces Iranian interference, highlighting the casualties among government forces.
By citing medical and official sources, credibility is given to the narrative of a unilateral and brutal attack.
It does not mention the cargo ship attack, a parallel event that could divert attention from the ground conflict.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अमेरिका ने सीरिया को आतंकी राज्यों की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की, 45 दिन की समीक्षा के बाद होगा फैसला
8 भाषाएँ · 28 स्रोत
Economy & Markets सेआईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर घटाकर 3% की, भारत के लिए 6.4% का अनुमान
7 भाषाएँ · 22 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 4 स्रोत