
कतर में जमी 6 अरब डॉलर की ईरानी राशि केवल अमेरिकी वस्तुओं पर खर्च होगी
60 दिन की अस्थायी समझौता अवधि में चरणबद्ध रिलीज, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता में प्रगति पर शर्त।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते के तहत ईरान को कतर में जमी 6 अरब डॉलर की अवरुद्ध तेल आय तक चरणबद्ध पहुंच मिलेगी, लेकिन इसका उपयोग केवल अमेरिका से मानवीय और गैर-प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार, यह राशि 60 दिन की विस्तारित युद्धविराम अवधि के दौरान जारी होगी और इसका सीधा संबंध हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पुनः खुलने तथा अंतिम परमाणु समझौते की दिशा में प्रगति से जोड़ा गया है। ईरानी वार्ता दल की मीडिया समिति के सदस्य सईद अजोरलू ने बताया कि समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद 11 में स्पष्ट किया गया है कि ईरान के सीमित या अवरुद्ध धन और परिसंपत्तियां उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी, और कतर के साथ हुए पृथक समझौते में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ईरान द्वारा अपने दायित्व पूरे करने से पहले ही धनराशि सुलभ हो जाए।
विभिन्न पक्षों की स्थिति इस समझौते को लेकर भिन्न-भिन्न है। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन अंतिम वार्ता के दौरान ईरान की कुछ अवरुद्ध परिसंपत्तियां जारी करेगा, बशर्ते तेहरान ‘उचित व्यवहार’ प्रदर्शित करे, जिसमें अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को सौंपना शामिल है। एक राजनयिक के हवाले से कहा गया कि ट्रंप प्रशासन ने बाइडन प्रशासन के एक ‘खराब सौदे’ को लेकर उसके उपयोग को मानवीय और गैर-प्रतिबंधित वस्तुओं तक सीमित कर दिया और यह सुनिश्चित किया कि धन अमेरिकी उत्पादों पर ही खर्च हो, जिससे दोनों पक्षों को लाभ हो। वहीं, अमेरिकी यहूदी समिति एआईपीएसी ने प्रारंभिक समझौते पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि इसमें प्रतिबंधों में ढील के बदले हॉर्मुज खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर अस्पष्ट वचनबद्धताएं शामिल हैं, और कांग्रेस को अंतिम समझौते की पूर्ण जानकारी तथा समीक्षा की केंद्रीय भूमिका मिलनी चाहिए। कार्नेगी एंडोमेंट ने चेतावनी दी कि प्रावधानों में अस्पष्टता पिछले असफल समझौतों जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, क्योंकि दो दशकों से अधिक की परमाणु वार्ताओं का अनुभव बताता है कि व्यापक और अस्पष्ट भाषा व्याख्या के विवादों और अंततः समझौतों की विफलता का कारण बनती है।
इस व्यवस्था के व्यापक निहितार्थ हैं। ईरान सालाना लगभग 17 अरब डॉलर का अनाज आयात करता है और अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा अनाज निर्यातक है, इसलिए यह शर्त अमेरिकी कृषि क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा सकती है। साथ ही, आर्थिक राहत को सुरक्षा शर्तों—हॉर्मुज खोलने और परमाणु कदमों—से जोड़ा गया है। ईरान की कुल अवरुद्ध विदेशी परिसंपत्तियां 100 अरब डॉलर तक आंकी गई हैं, जिनमें 50 अरब चीन में, 15 अरब इराक में, और 7-7 अरब भारत तथा दक्षिण कोरिया में हैं। भारत के लिए यह प्रासंगिक है कि उसके पास जमी 7 अरब डॉलर की ईरानी राशि किसी भी व्यापक अनफ्रीजिंग तंत्र से प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत-ईरान ऊर्जा व्यापार और भुगतान प्रणाली पर पड़ सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ में, 1978 में अमेरिका-ईरान द्विपक्षीय व्यापार 6.6 अरब डॉलर का था, जो 1979 की क्रांति, तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हमले और राजनयिकों को बंधक बनाए जाने के बाद लगे प्रतिबंधों के कारण कभी भी एक अरब डॉलर के स्तर तक नहीं पहुंच सका। कतर में जमी 6 अरब डॉलर मूलतः दक्षिण कोरिया में थी और सितंबर 2023 में बाइडन प्रशासन के तहत कैदियों की अदला-बदली के समझौते के तहत दोहा स्थानांतरित की गई थी, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद ईरान-पश्चिम तनाव बढ़ने से तेहरान इसका उपयोग नहीं कर सका। वर्तमान समझौता एक संक्षिप्त सैन्य टकराव और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बाद हुआ, जिसके बारे में ट्रंप ने दावा किया कि इसने ईरान को बातचीत के लिए मजबूर किया।
फिलहाल यह प्रारंभिक समझौता ज्ञापन 60 दिन की अवधि के लिए है, जिसके दौरान अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटा ली है और तेल निर्यात की छूट जारी की है। ईरान का केंद्रीय बैंक यह तय करेगा कि जारी राशि किन लाभार्थियों और वस्तुओं पर खर्च होगी। अंतिम वार्ता में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध राहत, मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे शामिल होंगे। अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने समझौते की जांच की मांग की है, जबकि सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने डेमोक्रेट्स द्वारा ईरान को ‘300 अरब डॉलर’ आवंटित करने के किसी भी प्रस्ताव का समर्थन न करने की बात कही है। आगे की ठोस प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष अस्पष्ट प्रावधानों को कितनी स्पष्टता से परिभाषित कर पाते हैं और क्या अंतरिम अवधि में विश्वास बहाली के उपाय सफल होते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अंतरिम संघर्ष विराम के तहत, ईरान को कतर में जमे 6 अरब डॉलर तक चरणबद्ध पहुंच मिलेगी, जो केवल अमेरिकी मानवीय और गैर-प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए निर्धारित है। यह राशि होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने और अंतिम परमाणु समझौते की दिशा में प्रगति पर सशर्त है। अमेरिकी अधिकारी इसे दोहरे लाभ का सौदा बता रहे हैं, जिससे धन अमेरिकी निर्यातकों के पास वापस जाएगा और मानवीय जरूरतें भी पूरी होंगी।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ईरान को कतर में जमे उसके 6 अरब डॉलर के तेल राजस्व का उपयोग अमेरिकी सामान खरीदने के लिए करने देगा। धनराशि चरणों में जारी होगी, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने और वार्ता की प्रगति से जुड़ी है। इस व्यवस्था को पारस्परिक रूप से लाभकारी बताया गया है, जिसमें ईरान को मानवीय आपूर्ति मिलेगी और अमेरिका को निर्यात बाजार सुरक्षित होंगे।
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