
पहले हाफ की सुस्ती और विवादित गोल ने ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका के सामने 2-0 से धराशायी किया
सिएटल में विश्व कप मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया पहले 45 मिनट में पूरी तरह बिखर गया, जिससे मेज़बान अमेरिका ने नॉकआउट का टिकट पक्का कर लिया।
सिएटल के लुमन स्टेडियम में 66,925 दर्शकों के शोर के बीच ऑस्ट्रेलिया का विश्व कप अभियान गहरे संकट में घिर गया। मेज़बान अमेरिका ने ग्रुप डी के इस अहम मुकाबले को 2-0 से अपने नाम कर लिया, जिसमें सॉकरूज़ की पहले हाफ की लाचारी निर्णायक साबित हुई। 11वें मिनट में कैमरन बर्गेस ने फोलारिन बालोगुन के खतरनाक क्रॉस को अपने ही जाल में भेज दिया, और फिर 43वें मिनट में एलेक्स फ्रीमैन ने सर्जिनो डेस्ट के फ्री-किक से उपजी गेंद पर हेडर लगाकर बढ़त दोगुनी कर दी। दूसरा गोल पहले ऑफसाइड करार दिया गया, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद उसे वैध ठहराया गया, जिस पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
पहला हाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए किसी खेल-दुःस्वप्न से कम नहीं था। कोच टोनी पोपोविच ने तुर्की के खिलाफ जीत के नायक रहे नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ को बेंच पर रखकर मैट लेकी और निशान वेलुपिल्ले को उतारा, लेकिन टीम हर दूसरी गेंद और हर डुएल में पिछड़ती नज़र आई। पोपोविच ने बाद में कहा, “हम सुस्त और भारी-पैर वाले लग रहे थे, वे हर मौके पर हमसे मज़बूत रहे।” ऑस्ट्रेलियाई विश्लेषकों और पूर्व दिग्गज मार्क श्वार्ज़र ने इस चयन को “गलत” बताया और कहा कि इरानकुंडा की अनुपस्थिति ने पीछे भागने का खतरा ही खत्म कर दिया।
दूसरे हाफ में पोपोविच ने तीन बदलाव कर इरानकुंडा, मेटकाफ और जेसन गेरिया को उतारा, जिससे टीम ने कुछ पकड़ बनाई और मौके बनाए, लेकिन मोहम्मद टूरे को हटाने से पेनल्टी एरिया में कोई मान्यता प्राप्त टारगेट नहीं बचा। क्रिस्टियन वोल्पाटो के आकर्षक क्रॉस बिना किसी फिनिशर के बेकार गए। पोपोविच ने दूसरे हाफ की प्रतिक्रिया को “शानदार” करार दिया, मगर स्वीकार किया कि इस स्तर पर पहले हाफ में इतनी गलतियाँ बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। मैच के आखिरी क्षणों में तनाव भड़का जब हैरी साउटर ने बालोगुन को गर्दन से पकड़ा, जिसके बाद रेफरी फेलिक्स ज़्वायर ने तीन खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया। पोपोविच ने रेफरी के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए, खासकर दूसरे गोल के फैसले पर।
इस हार के बाद ग्रुप डी की तस्वीर साफ हो गई है: अमेरिका छह अंकों के साथ नॉकआउट में पहुँच चुका है, जबकि ऑस्ट्रेलिया तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। तुर्की और पैराग्वे दोनों के खाते में अभी कोई अंक नहीं है। अब ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 जून को सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में पैराग्वे के खिलाफ मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा होगा—कम से कम एक ड्रॉ की ज़रूरत है ताकि ग्रुप से आगे बढ़ा जा सके। पोपोविच के लिए अगले पाँच दिन सिएटल की गलतियों से सबक लेने और टीम की मानसिकता को फिर से पटरी पर लाने का वक्त हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
ऑस्ट्रेलियाई कोच ने अमेरिका के खिलाफ 2-0 की हार के लिए सुस्त पहले हाफ और विवादास्पद VAR निर्णय को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके खिलाड़ियों में एकाग्रता और ऊर्जा की कमी थी, और दूसरे गोल पर रेफरी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
अमेरिका ने पहले हाफ में दो गोल करके ऑस्ट्रेलिया को हराया और नॉकआउट चरण में जगह पक्की की। कोच ने अपनी टीम की शारीरिक क्षमता की तारीफ की और VAR द्वारा पुष्टि किए गए गोल पर किसी भी विवाद को सही निर्णय बताकर खारिज कर दिया।
संबंधित लेख
चिली में कोच फर्नांडो गागो को हार्ट अटैक, इमरजेंसी स्टेंट सर्जरी के बाद खतरे से बाहर
5 भाषाएँ · 21 स्रोत
खेलरियल मैड्रिड का साफ इनकार: माइकल ओलिस के लिए कोई प्रस्ताव नहीं
7 भाषाएँ · 11 स्रोत
मीडिया और मनोरंजनदुआ लिपा के गाउन में 480,000 मोती, टेलर स्विफ्ट की बैचलरेट अटकलें
6 भाषाएँ · 12 स्रोत