
रॉकी की मूर्ति पर अर्जेंटीना की जर्सी: ब्राज़ीलियाई प्रशंसकों का 'मुहा' ऑपरेशन
फिलाडेल्फिया में विश्व कप 2026 के दौरान, ब्राज़ील के समर्थकों ने अंधविश्वास का सहारा लेते हुए रॉकी बाल्बोआ की मूर्ति पर अर्जेंटीना की कमीज चढ़ाकर अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी को बदकिस्मती का शिकार बनाने की कोशिश की।
गुरुवार शाम फिलाडेल्फिया के कला संग्रहालय की प्रसिद्ध सीढ़ियों पर, ब्राज़ील के एक समर्थक ने रॉकी बाल्बोआ की कांस्य प्रतिमा पर चढ़कर अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी जबरन पहना दी। जर्सी पर लियोनेल मेस्सी का 10 नंबर और खरीद का टैग अभी भी लटक रहा था। यह दृश्य एक सुनियोजित 'मुहा' (बदकिस्मती) अभियान का चरमोत्कर्ष था, जिसे वहाँ मौजूद सैकड़ों ब्राज़ीलियाई प्रशंसकों ने हँसी-ठिठोली के साथ अंजाम दिया।
इससे पहले, ब्राज़ील के समर्थक हैती के खिलाफ़ ग्रुप सी मुकाबले से पूर्व झंडा-रैली के लिए एकत्र हुए थे। स्थानीय अंधविश्वास के अनुसार, यदि रॉकी की मूर्ति पर किसी टीम की जर्सी डाली जाए तो उस टीम की हार निश्चित है। इस डर से प्रशंसकों ने मूर्ति के चारों ओर मानव-घेरा बना लिया ताकि कोई ब्राज़ील की हरी-पीली जर्सी न चढ़ा सके। फिर उन्होंने खेल को आगे बढ़ाते हुए यह तय किया कि अगर बदकिस्मती भेजनी ही है तो वह चिर-प्रतिद्वंद्वी अर्जेंटीना को भेजी जाए। एक समर्थक ने सावधानी से अर्जेंटीना की जर्सी मूर्ति के गले में डाली, और यह क्षण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह अंधविश्वास 2002 में अमेरिकी फुटबॉल टीम ग्रीन बे पैकर्स से शुरू हुआ और फिर फुटबॉल में भी फैल गया। हाल ही में, इक्वाडोर के प्रशंसकों ने मूर्ति को अपनी जर्सी पहनाई थी और उसके बाद आइवरी कोस्ट से 1-0 से हार गए। इस घटना ने ब्राज़ीलियाई प्रशंसक समूह 'ग्रीन एंड यलो मूवमेंट' को सचेत कर दिया था, जिसने इंस्टाग्राम पर चेतावनी जारी की थी कि रॉकी पर ब्राज़ील की जर्सी डालना सख्त मना है। पेंसिल्वेनिया के पर्यटन कार्यालय ने भी मज़ाकिया अंदाज़ में विदेशी मेहमानों को आगाह किया था।
ब्राज़ील और अर्जेंटीना इस विश्व कप में एक ही ग्रुप में नहीं हैं, लेकिन नॉकआउट चरण में उनकी भिड़ंत संभव है—यदि दोनों अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हैं तो फाइनल में ही मुलाकात होगी। दोनों टीमें 1990 के बाद विश्व कप में आमने-सामने नहीं आई हैं। इस पूरे प्रकरण ने फुटबॉल लोककथाओं में एक नया अध्याय जोड़ दिया, जो दक्षिण एशियाई क्रिकेट प्रशंसकों के बीच प्रचलित अंधविश्वासों और रस्मों की भी याद दिलाता है।
उसी शाम ब्राज़ील का सामना हैती से हुआ, और यह चुटीला 'मुहा' ऑपरेशन पूरे टूर्नामेंट में चर्चा का विषय बन गया। नॉकआउट संरचना ने ब्राज़ील-अर्जेंटीना के संभावित मुकाबले की संभावना को जीवित रखा, जिससे यह मनोवैज्ञानिक खेल आगे भी गूँजता रहेगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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फिलाडेल्फिया में ब्राज़ीलियाई प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति पर अर्जेंटीना की जर्सी डालकर एक प्रसिद्ध अभिशाप को सक्रिय किया और 2026 विश्व कप में अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए दुर्भाग्य लाने की कोशिश की। यह वायरल क्षण दक्षिण अमेरिकी दिग्गजों के बीच तीव्र फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता में एक लोककथात्मक अध्याय जोड़ता है। लैटिन अमेरिकी मीडिया इसे साझा सांस्कृतिक अंधविश्वास के रूप में मनोरंजक विडंबना के साथ प्रस्तुत करता है।
फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति देखने आए प्रशंसकों ने इसे कपड़े पहनाने से परहेज किया, क्योंकि उन्हें उस पौराणिक अभिशाप का डर था जो कथित तौर पर उस टीम के लिए दुर्भाग्य लाता है जिसके रंग उस पर डाले जाते हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि विश्व कप मैच के लिए शहर में मौजूद ब्राज़ीलियाई समर्थकों ने अंधविश्वास से अवगत होकर मूर्ति को अछूता छोड़ दिया। कवरेज एक अलग, थोड़ा संशयपूर्ण लहजा बनाए रखती है, इस मान्यता को एक अनोखी स्थानीय परंपरा के रूप में प्रस्तुत करती है।
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