
डेढ़ घंटे की नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, नए शोध में खुलासा
अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार, रोजाना डेढ़ घंटे कम सोने से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और मोटापे का खतरा बढ़ता है।
एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक यादृच्छिक नैदानिक परीक्षण के अनुसार, रोजाना केवल डेढ़ घंटे की नींद की कमी से शरीर के वजन और कमर के घेरे में क्रमिक वृद्धि हो सकती है। 95 वयस्कों पर छह सप्ताह तक चले इस अध्ययन में पाया गया कि नींद में कटौती करने वाले प्रतिभागियों का वजन बढ़ा और वे अधिक समय तक बिना हलचल के बैठे रहे। यह प्रभाव उन लोगों में अधिक स्पष्ट था जिन्हें पहले से हृदय व चयापचय संबंधी जोखिम थे।
इसका जैविक तंत्र आंत-मस्तिष्क अक्ष और सर्कैडियन लय से जुड़ा है। नींद में खलल पड़ने पर आंत के सूक्ष्मजीवों का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसे ‘गट जेट लैग’ कहा जाता है। इससे सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोनों का उत्पादन प्रभावित होता है, जो न केवल नींद बल्कि पाचन क्रिया और मनोदशा को भी नियंत्रित करते हैं। यूके बायोबैंक के आंकड़ों पर आधारित एक अन्य अवलोकनात्मक अध्ययन में पाया गया कि लगातार 30 मिनट से अधिक बैठे रहने से कैंसर से मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है, जबकि हर 20-30 मिनट पर थोड़ी देर खड़े होने या चलने से यह जोखिम कम हो सकता है।
टफ्ट्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 21 यादृच्छिक नैदानिक परीक्षणों के मेटा-विश्लेषण में पाया कि कृत्रिम मिठास वाले पदार्थ उपवास इंसुलिन स्तर और एचबीए1सी को बढ़ा सकते हैं, तथा इंसुलिन संवेदनशीलता को कम कर सकते हैं। इसका संभावित कारण आंत के माइक्रोबायोम में परिवर्तन है। यूरोपीय संघ में स्वीडन की दवा एजेंसी ने मधुमेह रोगियों को लक्षित करने वाले ‘इंसुलिनॉर्म’ नामक पूरक आहार के भ्रामक विज्ञापनों के प्रति आगाह किया है, क्योंकि यह उत्पाद किसी भी प्रकार के मधुमेह के उपचार के लिए स्वीकृत नहीं है और डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा को इससे बदलना जानलेवा हो सकता है।
भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में, जहां मधुमेह और हृदय रोग का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, ये निष्कर्ष विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि केवल व्यायाम ही पर्याप्त नहीं है; लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को तोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगला कदम इन संबंधों की कारणात्मकता स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप परीक्षणों का संचालन है, जिसके परिणाम आने वाले वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों को आकार दे सकते हैं।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
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