
OpenAI ने अमेरिकी सरकार को 5% हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होने वाले मुनाफे को जनता में बांटने के लिए ओपनएआई ने ट्रंप प्रशासन को पांच प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की है।
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने अमेरिकी सरकार को अपनी पांच प्रतिशत हिस्सेदारी देने पर चर्चा की है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ शुरुआती बातचीत में रखा। ओपनएआई का मानना है कि इस कदम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के आर्थिक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाए जा सकते हैं और वाशिंगटन में बढ़ते राजनीतिक दबाव को कम किया जा सकता है।
यह प्रस्ताव अलास्का परमानेंट फंड की तर्ज पर एक सार्वजनिक संपदा कोष बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इस मॉडल में तेल राजस्व से मिलने वाली आय को निवेश कर हर साल नागरिकों को लाभांश दिया जाता है। ऑल्टमैन ने सुझाव दिया है कि गूगल, मेटा और एंथ्रोपिक जैसी अन्य प्रमुख अमेरिकी एआई कंपनियां भी इसी तरह की हिस्सेदारी सरकार को दें, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे इसके लिए तैयार हैं या नहीं। यह विचार 'यूनिवर्सल बेसिक कैपिटल' की उस अवधारणा से मेल खाता है जिसमें हर नागरिक को एआई कंपनियों में स्वामित्व देकर भविष्य की आर्थिक विषमता को रोकने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस में इस मुद्दे पर द्विदलीय रुचि देखी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि जनता को एआई कंपनियों के मुनाफे में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। वहीं डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एक विधेयक पेश किया है जिसके तहत एक सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए बड़ी एआई कंपनियों में 50 प्रतिशत तक सार्वजनिक स्वामित्व की मांग की गई है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों ने गोपनीय रूप से आईपीओ के लिए आवेदन किया है, ऐसे में सरकारी हिस्सेदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और नियामकीय बाधाएं कम हो सकती हैं।
हाल के महीनों में एआई कंपनियों पर सरकारी निगरानी काफी बढ़ी है। अमेरिकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर एंथ्रोपिक के उन्नत मॉडलों तक विदेशी नागरिकों की पहुंच अस्थायी रूप से रोक दी थी और ओपनएआई को जीपीटी-5.6 का सार्वजनिक विमोचन स्थगित करने को कहा था। ये कदम बताते हैं कि वाशिंगटन अब एआई क्षेत्र में केवल नियामक नहीं, बल्कि संभावित भागीदार के रूप में भी उभर रहा है।
फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है और इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होगी। अगला ठोस कदम यह देखना होगा कि क्या अन्य एआई कंपनियां इस पहल में शामिल होने के लिए औपचारिक सहमति देती हैं, और क्या प्रशासन इस दिशा में कोई विधायी प्रस्ताव तैयार करता है।
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OpenAI का अमेरिकी सरकार को 5% हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव राजनीतिक दबाव कम करने और नियामक सहयोग सुनिश्चित करने की एक रणनीतिक रियायत के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब व्हाइट हाउस AI मॉडल मानकों पर तेज़ी से काम कर रहा है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि क्या जनता को वास्तव में लाभ होगा या यह सख्त निगरानी के खिलाफ एक कॉर्पोरेट ढाल मात्र है।
OpenAI अमेरिकी सरकार को 5% इक्विटी हस्तांतरित करने पर बातचीत कर रही है, जो राजनीतिक जोखिमों को कम करने और प्रशासनिक समर्थन सुरक्षित करने का एक व्यावहारिक कदम है। कंपनी इस सौदे को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आर्थिक लाभों को अमेरिकी नागरिकों के साथ साझा करने के तरीके के रूप में पेश करती है, राज्य को एक व्यावसायिक भागीदार मानते हुए।
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