
NEET पेपर लीक पर CJP आंदोलन हिंसक झड़पों और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बाद नए चरण में
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया, राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया और विपक्ष ने संसद में हंगामा किया।
20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को एक राष्ट्रीय राजनीतिक संकट में बदल दिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पथराव किया, जिसके जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए; इस दौरान 118 पुलिसकर्मी और 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए। अगले दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लिया और कुछ घंटों बाद छोड़ दिया।
विभिन्न पक्षों की स्थितियां स्पष्ट रूप से विभाजित हैं। CJP और प्रदर्शनकारी छात्र NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में व्यापक अनियमितताओं के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा सुधारों की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और पेपर लीक के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मंत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास पर धरने के दौरान शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और संसद में बहस की मांग रखी। वहीं आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया, जबकि बीजद और टीवीके जैसे क्षेत्रीय दलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया।
इस टकराव ने भारत की युवा आबादी में व्याप्त गहरी नाराजगी को उजागर किया है। लगातार हो रहे पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत ने युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर दिया है। CJP आंदोलन, जो सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी के जवाब में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था, अब सड़कों पर उतर आया है और विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने में सफल रहा है। हालांकि, पुलिस द्वारा बल प्रयोग, इंटरनेट शटडाउन और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक कार्यकर्ता को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने पर पुलिस की ‘गुंडागर्दी’ करार दिया, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
यह संकट मई 2026 में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक से उपजा, जिसने 22 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थियों को प्रभावित किया और कई छात्रों की आत्महत्या की खबरों ने आक्रोश को और बढ़ाया। सरकार ने 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम पारित किया था, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं जारी रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘फूलप्रूफ सिस्टम’ बनाया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए ‘धुरंधर वकील’ भी लगाए जाएंगे।
फिलहाल, CJP ने संसद मार्च स्थगित कर दिया है लेकिन जंतर-मंतर पर धरना जारी रखने की घोषणा की है। सरकार ने संसद में चर्चा की पेशकश की है, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। दिल्ली पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में छह एफआईआर दर्ज की हैं और ‘बड़ी आपराधिक साजिश’ की जांच की बात कही है। सोनम वांगचुक का मेदांता अस्पताल में इलाज जारी है। मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का केंद्र बना रहेगा।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.60 | critical |
|---|---|---|
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.30 | aligned |
प्रदर्शनकारी और विपक्ष पुलिस की क्रूरता की निंदा करते हैं और सरकार से इस्तीफे की मांग करते हैं।
ब्लॉक भावनात्मक कथाओं और पीड़ितों की छवियों का उपयोग करके आक्रोश पैदा करता है, विरोध को एक शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता है जिसे हिंसा से कुचल दिया गया।
ब्लॉक मोदी के परीक्षा सुधार और सार्वजनिक व्यवस्था की आवश्यकता पर बयानों को छोड़ देता है, साथ ही यह तथ्य कि विरोध अनधिकृत था।
भारत सरकार लीक के खिलाफ उठाए गए कदमों और अचूक परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देती है।
ब्लॉक सरकार की प्रतिक्रिया को संतुलित और जिम्मेदार बताने के लिए आधिकारिक बयानों और संस्थागत लहजे का उपयोग करता है, विरोध को सार्वजनिक व्यवस्था के लिए चुनौती के रूप में प्रस्तुत करता है।
ब्लॉक पुलिस हिंसा के आरोपों और विपक्ष के इस्तीफे की मांगों के साथ-साथ दमन के पैमाने को छोड़ देता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल 90 डॉलर के पार, वैश्विक आपूर्ति पर संकट
8 भाषाएँ · 21 स्रोत
Technology सेओपनएआई के एआई मॉडलों ने परीक्षण में खुद हैक की हगिंग फेस, साइबर सुरक्षा जगत में हड़कंप
10 भाषाएँ · 29 स्रोत
Science & Health सेदालें और सोया उत्पाद उच्च रक्तचाप का जोखिम 30% तक घटा सकते हैं: 12 अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों की समीक्षा
4 भाषाएँ · 5 स्रोत