
जर्मन रक्षामंत्री ने हार्मुज संकट के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया, फिर से खोलने के लिए ईरान-ओमान के समर्थन की ज़रूरत
जर्मनी के रक्षामंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने रविवार को एआरडी साक्षात्कार में कहा कि हार्मुज जलडमरूमध्य का अवरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाइयों का नतीजा है और यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति व आर्थिक सुधार के लिए इसे दोबारा खोलना ज़रूरी है।
जर्मनी के रक्षामंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने रविवार को सीधे-सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हार्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। एआरडी प्रसारक को दिए एक साक्षात्कार में पिस्टोरियस ने कहा, “आखिरकार, हार्मुज की बोतल-गर्दन में कॉर्क हमने नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप ने ठूंसा, लेकिन अब हमारी दिलचस्पी इसे फिर से बाहर निकालने में है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद तेहरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया था। बाद में ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के बीच हस्ताक्षरित एक प्रारंभिक समझौते के तहत ईरान ने इसे खोलने पर सहमति दी और शिपिंग यातायात वापस लौटने लगा था, लेकिन शनिवार को लेबनान में इज़राइली हमलों के कारण ईरान ने फिर से जलमार्ग बंद करने की चेतावनी दी।
यूरोपीय पक्ष के अनुसार, हार्मुज का सुरक्षित आवागमन पूरे महाद्वीप की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक सुधार के लिए अहम है। पिस्टोरियस ने ज़ोर देकर कहा कि इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या सुरक्षित गुज़ारा सुनिश्चित करने का कोई भी समझौता ईरान और ओमान के सहयोग पर निर्भर करेगा। बर्लिन ने बार-बार ईरान के ख़िलाफ़ ट्रंप के सैन्य अभियान से दूरी बनाई है, भले ही जर्मन अधिकारियों ने खुले तौर पर अमेरिका को दोषी ठहराने से परहेज़ किया हो। चांसलर फ्रीडरिश मेर्ज़ ने अप्रैल में जब ट्रंप ने सहयोगियों पर हार्मुज को सुरक्षित करने में मदद का दबाव डाला था, तब साफ़ कह दिया था कि यह युद्ध “नाटो का मामला नहीं है।” मेर्ज़ और पिस्टोरियस दोनों ने अमेरिका की इस बात पर भी आलोचना की है कि उसने हमले शुरू करने से पहले सहयोगियों से परामर्श नहीं किया।
ईरानी पक्ष ने हार्मुज को अपने क्षेत्रीय जल के समीप बताते हुए स्पष्ट किया है कि सभी आवागमन ईरान के साथ समन्वय में होंगे। ईरानी वार्ता दल के प्रमुख ने ट्रंप की हालिया धमकी भरी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बेहतर होगा कि वे अपने बयानों में सावधानी बरतें, हमारी सशस्त्र सेनाएँ अलग अंदाज़ में जवाब देने को तैयार हैं।” तेहरान के अनुसार, अमेरिका और इज़राइली शासन तथा उनके सहयोगियों से जुड़े जहाज़ों को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन के पाँचवें खंड के तहत ईरान ही जलडमरूमध्य के भावी प्रशासन और समुद्री सेवाओं का निर्धारण करेगा और इस बारे में ओमान से बातचीत करेगा।
यह संकट केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है—हार्मुज से गुज़रने वाला कच्चा तेल और गैस दक्षिण एशिया सहित वैश्विक बाज़ारों के लिए अहम है। यूरोप और अमेरिका के बीच ईरान नीति को लेकर बढ़ती दरार, तथा इज़राइल-लेबनान तनाव से जुड़ी ईरान की सशर्त चेतावनी, इस जलमार्ग की अनिश्चितता को और बढ़ा रही है। अभी तक कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं हुई है, लेकिन अगला कूटनीतिक कदम ईरान और ओमान के साथ बातचीत पर केंद्रित रहेगा, जबकि ज़मीनी हालात इज़राइल-लेबनान मोर्चे पर होने वाली कार्रवाइयों से जुड़े रहेंगे।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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The Southeast Asian press reported that the German defense minister attributed the closure of the Strait of Hormuz to former President Trump, emphasizing Europe's interest in reopening the vital waterway. The coverage focused on the minister's statement without adding much commentary, presenting the issue as a practical concern for global trade and energy supplies.
The Russian state-affiliated press highlighted the German minister's accusation against Trump, framing it as a confirmation of US responsibility for the crisis. The reporting subtly endorsed the view that the United States, not Europe or Russia, caused the blockade, and noted the need for a resolution involving Iran and Oman.
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