
इंग्लैंड ने पनामा के खिलाफ उतारी बदली हुई टीम, राइस को आराम; ग्रुप एल की अगुआई पर नज़र
थॉमस टूशेल ने अंतिम ग्रुप मुकाबले में पांच बदलाव किए, जिसमें डेक्लान राइस को बाहर रखा गया, जबकि पनामा पहले ही बाहर हो चुका है।
न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में ग्रुप एल के निर्णायक मुकाबले के लिए इंग्लैंड के कोच थॉमस टूशेल ने अपनी शुरुआती ग्यारह में पांच बदलाव किए। चोटिल रीस जेम्स की जगह जैरेल क्वांसाह को पहला विश्व कप शुरुआत मिला, वहीं निको ओ’रेली ने लेफ्ट-बैक पर डेज्ड स्पेंस की जगह ली। मिडफील्ड में मॉर्गन रॉजर्स को डेक्लान राइस पर तरजीह दी गई, जबकि आक्रमण में बुकायो साका और मार्कस रैशफोर्ड ने क्रमशः नोनी माडुएके और एंथनी गॉर्डन की जगह ली। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राइस की पिंडली पर पट्टी थी और एक और पीला कार्ड मिलने पर वह अगले दौर से बाहर हो सकते थे, इसलिए उन्हें आराम दिया गया।
इंग्लैंड के लिए यह मैच ग्रुप विजेता बनने की राह तय करने वाला था। चार अंकों के साथ वे घाना के बराबर थे, लेकिन गोल अंतर में आगे थे। पनामा को हराने या घाना के नतीजे से बेहतर करने पर टीम सीधे अटलांटा में 32 के दौर में तीसरे स्थान वाली टीम से भिड़ती। दूसरी ओर, पनामा की टीम लगातार दो 1-0 की हार के बाद पहले ही बाहर हो चुकी थी और टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर पाई थी। भारतीय खेल कवरेज में इस बात पर जोर दिया गया कि पनामा के कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन ने खिलाड़ियों से गर्व के साथ खेल खत्म करने का आग्रह किया था।
मैच के शुरुआती 45 मिनट तक इंग्लैंड का कब्जा भले रहा, लेकिन पनामा की संगठित रक्षा ने बड़े मौके नहीं बनने दिए। लाइव अपडेट के अनुसार, 45+3वें मिनट में हैरी केन को बॉक्स के ठीक बाहर फाउल कराए जाने पर मिली फ्री-किक पर मार्कस रैशफोर्ड का शॉट पोस्ट से चंद इंच दूर से निकल गया। इससे पहले, 26वें मिनट में टॉमस रॉड्रिगेज के लो शॉट को जॉर्डन पिकफोर्ड ने आसानी से पकड़ लिया। केन पारंपरिक नंबर 9 की भूमिका में अलग-थलग नजर आए और 20 मिनट तक उन्हें कोई उल्लेखनीय स्पर्श नहीं मिला।
दूसरे मैदान पर क्रोएशिया ने 31वें मिनट में पेटार सुचिच के गोल से घाना के खिलाफ बढ़त बना ली, जो ग्रुप एल की तस्वीर को लगातार बदल रही थी। इंग्लिश प्रशंसकों की बेचैनी सोशल मीडिया पर दिखी, जहाँ रचनात्मकता की कमी और केन की सीमित भूमिका पर सवाल उठाए गए। हालाँकि, इंग्लैंड का पिछला मुकाबला घाना के खिलाफ 78.8 प्रतिशत गेंद पर कब्जे के बावजूद गोलरहित ड्रॉ रहा था, जिससे यह स्पष्ट था कि टूशेल की टीम को कम ब्लॉक तोड़ने में दिक्कत हो रही है।
पनामा की मजबूत 5-4-1 रक्षात्मक संरचना ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़ी टीमों को रोकने में सक्षम है, भले ही एडलबर्टो कैरास्किया की चोट ने उनके आक्रमण को कमजोर कर दिया था। इंग्लैंड के लिए जीत ग्रुप विजेता के रूप में अटलांटा में 1 जुलाई को होने वाले अगले मुकाबले की राह पक्की करती, जबकि दूसरे स्थान पर रहने पर उन्हें किसी ग्रुप विजेता से भिड़ना पड़ता।
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इंग्लैंड ने पनामा के खिलाफ पहला हाफ नीरस खेला, जिससे घाना के खिलाफ चूक के बाद ग्रुप में शीर्ष स्थान खतरे में पड़ गया। टुचेल के बदलावों से टीम में जान नहीं आई, जिससे ग्रुप पर दबदबा बनाने की उनकी क्षमता पर संदेह बढ़ गया।
थॉमस टुचेल ने पनामा मुकाबले के लिए पांच बदलाव किए, जिसमें आर्सेनल स्टार डेक्लान राइस को आश्चर्यजनक रूप से बाहर कर दिया। यह कदम घाना के साथ निराशाजनक ड्रॉ के बाद झटके की जरूरत को रेखांकित करता है, लेकिन टीम की स्थिरता पर सवाल खड़े करता है।
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