
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूसी तेल रिफाइनरियों में आग; पुतिन ने 'मुश्किल हालात' स्वीकारे
रविवार को दो रूसी रिफाइनरियों पर हमले के बाद यूक्रेन ने 'लंबी दूरी के प्रतिबंधों' की बात कही, जबकि रूसी राष्ट्रपति ने सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रविवार तड़के रूस की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया। क्रास्नोदार क्षेत्र की स्लावयांस्क-ना-कुबानी रिफाइनरी में भीषण आग लग गई, जिसमें गिरते मलबे से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हुआ। स्थानीय गवर्नर के अनुसार, बिजली लाइन और गैस पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई। रूसी अधिकारियों ने बताया कि यारोस्लाव क्षेत्र की एक रिफाइनरी भी हमले की चपेट में आई, जो यूक्रेनी सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और कहा कि ये 'लंबी दूरी के प्रतिबंध' हैं, जो रूसी युद्ध मशीन को कमजोर करने की मुहिम का हिस्सा हैं।
कीव सरकार का तर्क है कि इन हमलों का उद्देश्य मॉस्को की सैन्य आपूर्ति और ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय को प्रभावित करना है, ताकि क्रेमलिन पर बातचीत का दबाव बढ़े। दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सत्तारूढ़ 'यूनाइटेड रशिया' पार्टी के सम्मेलन में पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि देश 'समस्याओं' का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे,' और 'आतंकवादी हमलों' से निपटने का वादा किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रात भर में 213 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया।
पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की यह रणनीति रूसी ईंधन आपूर्ति और सैन्य वितरण को बाधित कर रही है, जिससे युद्ध के मैदान पर मॉस्को की गति धीमी पड़ी है। स्लावयांस्क रिफाइनरी दक्षिणी रूस की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जो सालाना लगभग 40 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और काला सागर बंदरगाहों के जरिए निर्यात के लिए ईंधन का प्रमुख स्रोत है। हाल के हफ्तों में, क्रीमिया समेत कई रूसी इलाकों में ईंधन की कमी और बिजली कटौती की खबरें हैं; क्रीमिया में आपातकाल घोषित किया गया है। रूसी उपप्रधानमंत्री अलेक्ज़ेंडर नोवाक ने कहा कि सरकार घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए ईंधन निर्यात समझौतों की समीक्षा कर रही है।
इस बीच, रूस ने भी रात में यूक्रेन पर 142 ड्रोन और 8 मिसाइलों से हमला किया, जिनमें से अधिकांश को यूक्रेनी वायु सेना ने मार गिराने का दावा किया। पांचवें वर्ष में चल रहे इस युद्ध में दोनों पक्षों ने लंबी दूरी के हमले तेज कर दिए हैं। ज़ेलेंस्की ने आगे भी रणनीतिक रूसी ठिकानों पर हमले जारी रखने की बात कही है। पुतिन ने सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले आश्वस्त किया कि सभी रणनीतिक योजनाएं पूरी होंगी और सुरक्षा बनाए रखी जाएगी। फिलहाल किसी कूटनीतिक पहल के संकेत नहीं हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Ukraine strikes two Russian refineries to weaken Moscow's war machine. Putin admits problems but promises security, a bid to mask vulnerability. The West must support Kyiv without hesitation.
Ukrainian strikes on Russian refineries raise tensions, but Europe watches with caution. Putin acknowledges problems, yet his promise of security does not ease fears of escalation. Diplomatic de-escalation is needed.
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