
10 खिलाड़ियों के साथ इंग्लैंड की नाटकीय जीत, टूशेल बोले- 'फाइनल जीतने जैसा अहसास'
मेक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची इंग्लैंड, लेकिन कोच ने गेंद पर नियंत्रण की कमजोरी को लेकर बड़े सुधार का वादा किया।
एस्टाडियो एज़्टेका में सोमवार तड़के खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने मेज़बान मेक्सिको को 3-2 से हराकर 2026 फीफा विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बना ली। जूड बेलिंगहैम ने 98 सेकंड के भीतर दो गोल दागकर टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई, और हैरी केन ने पेनल्टी पर तीसरा गोल किया। लेकिन 54वें मिनट में जेरेल क्वांसाह के लाल कार्ड के बाद इंग्लैंड को 10 खिलाड़ियों के साथ 40 से अधिक मिनट तक संघर्ष करना पड़ा। मेक्सिको ने जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज़ के गोलों से वापसी की, मगर इंग्लिश डिफेंस ने आखिरी सीटी तक बढ़त बचाए रखी।
यह मुकाबला सिर्फ एक नॉकआउट नहीं था—समुद्र तल से 2,200 मीटर ऊपर, 80,000 मेक्सिकी समर्थकों के सामने और उस ऐतिहासिक मैदान पर जहां मेक्सिको आधिकारिक मुकाबलों में केवल दो बार हारा था। इंग्लैंड के लिए एज़्टेका का अपना एक दुखद अतीत रहा है: 1986 में यहीं अर्जेंटीना के खिलाफ ‘हैंड ऑफ गॉड’ विवाद में टीम क्वार्टर फाइनल से बाहर हुई थी। कोच थॉमस टूशेल ने जीत के बाद कहा, “यह अंतिम-16 का मैच नहीं लगा, ऐसा लगा जैसे हमने फाइनल जीत लिया।” उन्होंने मेक्सिको के प्रति सम्मान जताते हुए लैटिन अमेरिकी मीडिया से कहा, “लगभग मन करता है कि हम माफी मांग लें, क्योंकि हमने यहां के लोगों का जुनून और भावनाएं देखीं।”
हालांकि, टूशेल ने जीत के बाद सिर्फ जज़्बाती बयान नहीं दिए। इंडोनेशियाई मीडिया ने उनके उस आकलन को प्रमुखता से उठाया जिसमें उन्होंने टीम की गेंद पर पकड़ (बॉल पज़ेशन) और लाइनों के बीच जगह तलाशने की क्षमता को कमज़ोर बताया। उन्होंने साफ कहा, “हम और बेहतर खेल सकते हैं; अभी भी हमारी लाइनों में कड़ियां नहीं जुड़ी हैं और मैंने अपनी असली फिलॉसफी मैदान पर नहीं देखी।” यह तकनीकी आलोचना इसलिए अहम है क्योंकि मेक्सिको ने इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर दो गोल किए। टूशेल ने वादा किया कि नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल से पहले खेल योजना की बड़ी समीक्षा होगी।
इंग्लैंड अब तक टूर्नामेंट में अजेय है, लेकिन उसकी अगली परीक्षा 11 जुलाई को मियामी में नॉर्वे के खिलाफ होगी, जिसने ब्राज़ील को हराकर सबसे बड़ा उलटफेर किया है। गोल्डन बूट की दौड़ में केन (6 गोल) अब अर्लिंग हालांड, लियोनेल मेस्सी और किलियन एम्बाप्पे के करीब पहुंच गए हैं। टूशेल के लिए चुनौती सिर्फ नॉर्वे की आक्रामकता नहीं, बल्कि अपनी टीम के पज़ेशन खेल को उस स्तर पर ले जाना भी है जो चैंपियन बनने के लिए ज़रूरी है।
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.30 | aligned |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
टूशेल खुद स्वीकार करते हैं कि जीत कठिन थी लेकिन तुरंत कमजोर गेंद कब्ज़े की ओर इशारा करते हुए सामरिक बदलाव की मांग करते हैं। यह गुट शुद्ध जश्न के बजाय कोच के आत्म-आलोचनात्मक मूल्यांकन के साथ खड़ा है।
टूशेल की मानसिक ताकत की प्रशंसा और गेंद कब्ज़े पर उनकी आलोचना को एक साथ रखकर, कवरेज एक संतुलित लेकिन संदेहपूर्ण स्वर बनाता है जो जीत को अस्थायी बनाए रखता है।
लैटिन अमेरिकी कवरेज में मौजूद मैक्सिकन प्रशंसकों के प्रति भावनात्मक माफी और रेफरी की आलोचना यहाँ अनुपस्थित है, साथ ही मैक्सिको के प्रयास के लिए कोई गहरी सहानुभूति भी नहीं है।
टूशेल लगभग मैक्सिकन प्रशंसकों से माफी मांगते हैं और स्वीकार करते हैं कि मैच फाइनल जैसा लगा, जिससे प्रतिद्वंद्वी की ताकत मान्य होती है। यह गुट मैक्सिकन दृष्टिकोण के साथ खड़ा है, कोच के अपने शब्दों का उपयोग करके इंग्लैंड की उपलब्धि को कम करता है।
टूशेल की विनम्र टिप्पणियों और रेफरी की आलोचना को सामने रखकर, कवरेज एक जीत को मैक्सिको के लिए नैतिक जीत में बदल देता है, जिससे इंग्लैंड की जीत अयोग्य या भाग्यशाली लगती है।
दक्षिण-पूर्व एशियाई कवरेज में मौजूद सामरिक आत्म-आलोचना और गेंद कब्ज़े में सुधार का वादा यहाँ अनुपस्थित है, साथ ही इंग्लैंड के अपने प्रदर्शन की खामियों पर कोई ध्यान नहीं है।
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