
मानसिक स्वास्थ्य संकट के बीच, विशेषज्ञों ने नींद, भोजन और डिजिटल डिटॉक्स को बताया समाधान
कोलंबिया के ताजा सर्वेक्षण में मानसिक विकारों में भारी वृद्धि सामने आई है, जबकि लैटिन अमेरिकी और एशियाई विशेषज्ञ भावनात्मक आदतों और जीवनशैली में साधारण बदलावों को कारगर उपाय बता रहे हैं।
कोलंबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2025 ने ठोस आँकड़ों से पुष्टि की है कि देश में मानसिक विकारों की दर पिछले एक दशक में तेज़ी से बढ़ी है। 1.2 लाख से अधिक लोगों पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि 16 प्रतिशत कोलंबियाई अकेलापन या सामाजिक अलगाव का अनुभव करते हैं, हाल के वर्षों में अवसाद के मामले तिगुने और सामान्यीकृत चिंता के मामले चौगुने हो गए हैं। यह वृद्धि केवल चिकित्सकों के अनुभव तक सीमित नहीं रही, बल्कि जनसंख्या स्तर पर भी स्पष्ट दिखी, जिससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक महामारी, नौकरी की असुरक्षा और हाइपर-कनेक्टिविटी जैसे कारकों का गहरा प्रभाव पड़ा है।
लैटिन अमेरिकी विशेषज्ञ इस गिरावट के पीछे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हैं। बोगोटा के सांता फ़े फ़ाउंडेशन के मनोचिकित्सक गुस्तावो पेरडोमो बताते हैं कि खराब नींद, असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी सीधे मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर संतुलन और सूजन प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। उनके अनुसार, आंतों के माइक्रोबायोटा और भावनात्मक नियमन के बीच संबंध पर उभरते शोध ने 'पोषण मनोरोग' नामक एक नए क्षेत्र को जन्म दिया है। मेक्सिको के यूएनएएम मनोविज्ञान संकाय के शोधकर्ता गेरार्डो सांचेज़ दीनोरिन इस बात पर जोर देते हैं कि तंत्रिका तंत्र शारीरिक मुद्रा और अंगों की आंतरिक स्थिति से लगातार संकेत प्राप्त करता है, जिससे छोटी-छोटी शारीरिक आदतें मानसिक स्थिरता के लिए आधारशिला साबित होती हैं।
एशियाई विशेषज्ञों ने दैनिक दिनचर्या में सुधार के लिए कई सरल लेकिन प्रभावी कदम सुझाए हैं। इंडोनेशिया के नींद प्रशिक्षक विशाल दासानी ने मध्य रात्रि जागने के पीछे नींद दबाव (स्लीप प्रेशर) के कम होने और शरीर की सर्कैडियन लय के सक्रिय होने की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की है, तथा सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में दोबारा सोने की कोशिश छोड़ देना बेहतर होता है। इंडोनेशिया के ही मनोविज्ञान लेखों में सोने से पहले 'भावनात्मक समापन' (इमोशनल क्लोज़र) की तकनीक का उल्लेख है, जिसमें मन में चल रही चिंताओं को कागज़ पर लिखकर उस दिन के लिए विराम दिया जाता है। साथ ही, सोने से कम से कम 30-60 मिनट पहले डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है, ताकि मस्तिष्क अति-उत्तेजना से बच सके। अर्जेंटीना के मनोवैज्ञानिक विश्लेषण में बताया गया है कि अच्छी खबर सुनकर रोना भी एक स्वस्थ भावनात्मक नियमन प्रक्रिया है, जो संचित तनाव को मुक्त करती है और सामाजिक बंधनों को मज़बूत करती है।
भारत सहित दक्षिण एशिया में, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा सीमित है, ये निष्कर्ष सुलभ और कम लागत वाले हस्तक्षेपों की दिशा दिखाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नींद, पोषण और भावनात्मक आदतों पर केंद्रित ये उपाय प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में शामिल किए जा सकते हैं। अगला ठोस कदम यह होगा कि इन पद्धतियों का बड़े स्तर पर सामुदायिक परीक्षण किया जाए और देखा जाए कि क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों में इन्हें शामिल करने से जनसंख्या स्तर पर चिंता और अवसाद की दर कम हो सकती है। हालाँकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि गंभीर मामलों में पेशेवर चिकित्सीय सहायता अनिवार्य है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
Sleep issues are framed as internal imbalances (yin-yang, qi) that require lifestyle adjustments. The article offers practical tips like hydration, walking, and limiting evening meals, without mentioning depression or epidemiological data. The frame is that of universal traditional wisdom applicable to everyone.
Mental health has concrete effects on the heart, gut, and hormones, according to experts from the Santa Fe de Bogotá Foundation. It warns that anxiety and depressive disorders have not reversed since the pandemic, and offers daily habits to improve well-being. The tone is informative but with a call to action.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अली ख़ामेनेई का सप्ताहव्यापी अंतिम संस्कार शुरू: ईरान की शक्ति प्रदर्शन की कोशिश, नए नेतृत्व पर सवाल
7 भाषाएँ · 34 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में दोहरी चाल: इंडोनेशिया में नीतिगत अनिश्चितता, ब्राजील और रूस में मजबूत वृद्धि
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेएंथ्रोपिक की चीनी पहुंच पर रोक के बीच अलीबाबा ने क्लॉड कोड पर प्रतिबंध लगाया
4 भाषाएँ · 4 स्रोत