
ब्रिटेन के संभावित प्रधानमंत्री बर्नहैम ने मैनचेस्टर से सत्ता विकेंद्रीकरण का वादा किया
एंडी बर्नहैम ने अपने पहले नीतिगत भाषण में 'नंबर 10 नॉर्थ' कार्यालय, राजकोषीय अनुशासन और दस वर्षीय आर्थिक पुनर्संतुलन की योजना प्रस्तुत की।
ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे लेबर सांसद एंडी बर्नहैम ने सोमवार को मैनचेस्टर में अपने पहले बड़े नीतिगत भाषण में सत्ता के व्यापक विकेंद्रीकरण की रूपरेखा पेश की। उन्होंने लंदन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय की तर्ज पर मैनचेस्टर में 'नंबर 10 नॉर्थ' नामक एक समानांतर कार्यालय स्थापित करने की घोषणा की, जिसे वे "पुनर्निर्मित ब्रिटेन का तंत्रिका केंद्र" बताते हैं। बर्नहैम ने मौजूदा राजकोषीय नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई, जिसके बाद ब्रिटिश पाउंड में मजबूती देखी गई और बॉन्ड बाजार स्थिर रहे। यह भाषण ऐसे समय आया है जब पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद बर्नहैम फिलहाल लेबर पार्टी के नेता पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं और 16 जुलाई तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने पर वे निर्विरोध प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
ब्रिटिश राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बर्नहैम का यह भाषण पिछले एक दशक में ब्रिटेन की राजनीति को हिला देने वाले केंद्रीकरण के खिलाफ एक स्पष्ट संकेत है। लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टिम बेल ने कहा कि यह भाषण "बड़े रीसेट" का आभास देने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन इसमें विस्तृत आंकड़ों का अभाव था। यूरोपीय मीडिया में छपी टिप्पणियों के अनुसार, बर्नहैम ने जर्मनी के संविधान से प्रेरित "समान जीवन स्थितियों" के सिद्धांत का हवाला देते हुए क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने का वादा किया, लेकिन उन्होंने यूरोपीय संघ या अमेरिका के साथ संबंधों जैसे विदेश नीति के मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी। इटली के 'दोमानी' अखबार ने इस भाषण को "लंदन विरोधी" और "कोर्बिनवादी" तत्वों का मिश्रण बताया, जबकि स्वीडन के 'डागेंस न्येटर' ने बर्नहैम के आत्मविश्वास को रेखांकित करते हुए सवाल उठाया कि क्या वे सीमित राजकोषीय संसाधनों के बीच अपने बड़े वादों को पूरा कर पाएंगे।
क्षेत्रीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। वेल्स के प्रथम मंत्री रून एप आयरवर्थ ने कहा कि 'नंबर 10 नॉर्थ' का वेल्स के लोगों के लिए बहुत कम अर्थ होगा और उन्होंने स्कॉटलैंड के बराबर शक्तियों और निष्पक्ष वित्त पोषण की मांग दोहराई। वहीं, ब्रिटेन के आवास संकट पर काम करने वाली संस्था शेल्टर ने बर्नहैम के युद्धोत्तर काल के सबसे बड़े काउंसिल हाउस निर्माण कार्यक्रम के वादे का स्वागत किया। लेबर पार्टी के भीतर, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इसे "आखिरकार कुछ उम्मीद" करार दिया, जबकि वामपंथी सांसद नादिया व्हिटोम ने प्रवासी अधिकारों और विदेश नीति पर स्पष्टता की कमी की ओर इशारा किया। रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने इस घटनाक्रम को ब्रिटेन के शासन में "जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव" बताते हुए कवर किया।
बर्नहैम का यह भाषण ब्रिटेन के लिए एक ऐसे मोड़ पर आया है जब 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद से देश छह प्रधानमंत्री देख चुका है और राजनीतिक अस्थिरता गहराई है। भारतीय परिप्रेक्ष्य से देखें तो, ब्रिटेन में सत्ता का यह संभावित हस्तांतरण ऐसे समय हो रहा है जब भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और नई दिल्ली क्षेत्रीय नीतियों में किसी भी बदलाव पर करीबी नजर रखेगा, विशेषकर यदि विकेंद्रीकरण से स्थानीय सरकारों को निवेश आकर्षित करने की अधिक स्वायत्तता मिलती है। हालांकि, बर्नहैम ने अपने भाषण में विदेश नीति या व्यापारिक संबंधों पर कोई सीधा संकेत नहीं दिया, जिससे निकट भविष्य में नीतिगत निरंतरता की उम्मीद की जा सकती है।
अगले कदम के तहत, लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगी। यदि कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरता, तो बर्नहैम 16 जुलाई तक निर्विरोध नेता चुन लिए जाएंगे और इसके बाद राजा चार्ल्स तृतीय उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिला सकते हैं। तब तक, ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय बाजार बर्नहैम की राजकोषीय प्रतिबद्धताओं और मंत्रिमंडल गठन से जुड़ी अटकलों पर नजर बनाए रखेंगे।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.10 | neutral |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.10 | neutral |
Burnham offers a credible reset: decentralise power to Manchester while sticking to fiscal rules. This is a sensible, grown-up proposal.
The bloc frames the story as a straightforward policy announcement, using neutral language and citing the mayor’s own promises without external critique, thereby normalising the proposal as a natural step.
Burnham talks of a reset, but Britain’s economic reality makes such promises hollow. The report notes the plan but offers no endorsement.
By reporting the story in a dry, fact-only style and omitting any supportive context or expert opinion, the bloc implicitly casts doubt on the proposal’s seriousness.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
टी-रेक्स ‘गस’ की 5 करोड़ डॉलर में रिकॉर्ड नीलामी, जीवाश्म बाजार में नया अध्याय
7 भाषाएँ · 16 स्रोत
Technology सेअमेरिका-रूस ने ISS का संचालन 2030 तक बढ़ाया, भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री मेनन स्टेशन पर पहुंचे
4 भाषाएँ · 9 स्रोत
Science & Health सेरक्त परीक्षण अब स्वस्थ लोगों में भी अल्ज़ाइमर के जोखिम का पूर्वानुमान लगा सकता है
6 भाषाएँ · 8 स्रोत