
चीन में अमेरिकी सीज़्मोलॉजिस्ट की दो साल से जासूसी के आरोप में हिरासत
परिवार ने बताया कि यूलिन चेन को नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था और अमेरिका इसे 'गलत हिरासत' मानता है, जबकि चीन इसे कानूनी प्रक्रिया बताता है।
अमेरिकी सीज़्मोलॉजिस्ट यूलिन चेन को चीन में जासूसी के आरोप में लगभग दो साल से हिरासत में रखा गया है। 54 वर्षीय चेन, जो मूल रूप से चीन में जन्मे और 2011 में अमेरिकी नागरिक बने, नवंबर 2024 में बीजिंग में परिवार से मिलने के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। उनके परिवार और बंधक मामलों की पैरवी करने वाले संगठन ग्लोबल रीच ने अब यह जानकारी सार्वजनिक की है। चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का भूकंपीय आंकड़ों के जरिए पता लगाने में विशेषज्ञ हैं और उनके कई शोध अमेरिकी सरकार द्वारा वित्तपोषित रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चेन को 'गलत तरीके से हिरासत में लिया गया' एकमात्र अमेरिकी नागरिक घोषित किया है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कहा है कि उसके न्यायिक अधिकारी कानून के अनुसार मामलों को संभालते हैं और 'तथाकथित गलत हिरासत' जैसी कोई चीज नहीं है। चीन में जासूसी के दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। दूसरी ओर, चेन की पत्नी यूफांग रोंग, जो स्वयं भी सीज़्मोलॉजिस्ट हैं, का कहना है कि आरोप 'गलत हैं और उनके काम के सार्वजनिक व सहयोगात्मक स्वरूप के विपरीत हैं।' उन्होंने बताया कि चेन से 100 से अधिक बार पूछताछ की गई और पहले 13 महीनों तक उन्हें वकील से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ग्लोबल रीच के अनुसार, अमेरिकी सरकार के भीतर संदेह है कि चेन की गिरफ्तारी चीन द्वारा व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) के उल्लंघन में किए गए गुप्त परमाणु परीक्षणों से प्रेरित हो सकती है, ताकि अमेरिकी भूकंपीय निगरानी तकनीकों को समझा जा सके और उनसे बचने के उपाय विकसित किए जा सकें।
इस मामले ने अमेरिका-चीन शैक्षणिक सहयोग पर प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिकी सीनेटर एडवर्ड मार्की ने कहा कि चेन के साथ बीजिंग का व्यवहार 'साझेदारी को कमजोर करता है और अन्य शिक्षाविदों को चीन में अपने सहयोगियों के साथ जुड़ने से रोक सकता है।' यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चीन ने एक अन्य अमेरिकी विद्वान मिन जिन की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जिससे अकादमिक आदान-प्रदान के लिए प्रतिकूल माहौल बनने की आशंका है। दक्षिण एशियाई रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण परमाणु अप्रसार व्यवस्था में चीन की भूमिका और पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े करता है। भारत, जो स्वयं परमाणु शक्ति संपन्न देश है और सीटीबीटी का पक्षकार नहीं है, ऐसे घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखता है, क्योंकि इसका क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ सकता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में बीजिंग यात्रा के दौरान शी जिनपिंग से चेन की रिहाई का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्लोबल रीच के एरिक लेब्सन ने कहा कि यदि मामला जल्द सुलझा नहीं, तो सितंबर में शी जिनपिंग की प्रस्तावित वाशिंगटन यात्रा के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। चेन के परिवार ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि वे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं और उन्हें हिरासत में विश्वसनीय चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। फिलहाल, चीन की ओर से रिहाई का कोई संकेत नहीं है और मामला कूटनीतिक गतिरोध की ओर बढ़ता दिख रहा है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.50 | critical |
| इज़राइली प्रेस | −0.60 | critical |
परिवार का बयान विश्वसनीय है; चीनी आरोप निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। आवाज परिवार और वकालत समूहों की है, जो चीनी अधिकारियों के खिलाफ हिरासत में लिए गए वैज्ञानिक का पक्ष लेते हैं।
कथा परिवार की भावनात्मक गवाही और चीनी आधिकारिक प्रतिक्रिया की अनुपस्थिति पर निर्भर करती है, जो निर्दोषता और पीड़ितता की धारणा बनाती है। तकनीक 'पीड़ितीकरण' है – हिरासत में लिए गए व्यक्ति को एक अन्यायपूर्ण प्रणाली के शिकार के रूप में प्रस्तुत करना।
आरोपों पर चीनी अधिकारियों का दृष्टिकोण अनुपस्थित है; लेख में कोई आधिकारिक चीनी बयान या हिरासत का औचित्य शामिल नहीं है।
कथा हिरासत को अमेरिका और चीन के बीच एक राजनयिक मामले के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसमें परिवार की अपील उत्प्रेरक है। आवाज एक तटस्थ पर्यवेक्षक की है जो राजनयिक आदान-प्रदान की रिपोर्ट करता है, लेकिन चीनी प्रतिक्रिया की कमी के प्रति अंतर्निहित रूप से आलोचनात्मक है।
तकनीक 'राजनयिक फ्रेमिंग' है – कहानी को अमेरिका-चीन संबंधों के संदर्भ में रखा गया है, जिसमें उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप की विफलता पर जोर दिया गया है। यह हिरासत को व्यक्तिगत अधिकारों के बजाय अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का मामला बनाता है।
जासूसी के आरोपों की विशिष्ट प्रकृति और वैज्ञानिक के शोध फोकस का विवरण नहीं दिया गया है; लेख परिवार द्वारा उजागर किए गए उनके काम के सहयोगात्मक पहलू को छोड़ देता है।
कथा उत्तर कोरिया पर वैज्ञानिक के काम के सुरक्षा निहितार्थों और मुकदमे की अनुपस्थिति पर जोर देती है, चीन को उचित प्रक्रिया के लिए खतरे के रूप में प्रस्तुत करती है। आवाज एक सुरक्षा-सचेत पर्यवेक्षक की है, जो अंतर्निहित रूप से अमेरिकी चिंताओं के साथ संरेखित है।
तकनीक 'सुरक्षीकरण' है – कहानी को एक सुरक्षा मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो वैज्ञानिक के शोध को उत्तर कोरियाई परमाणु खतरों और चीन की मनमानी हिरासत से जोड़ता है। यह अंतर्राष्ट्रीय चिंता और दबाव को उचित ठहराता है।
परिवार का तर्क कि वैज्ञानिक का काम सहयोगात्मक और सार्वजनिक था, छोड़ दिया गया है; लेख आरोपों की प्रकृति के बजाय मुकदमे की कमी पर केंद्रित है।
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