
मिस्र के खिलाड़ियों और कोच ने रेफरी पर लगाया पक्षपात का आरोप, कहा- 'विश्व कप अर्जेंटीना के लिए निर्देशित'
अर्जेंटीना के खिलाफ 2-0 की बढ़त गंवाने के बाद मिस्र के खिलाड़ियों और कोच ने रेफरी और VAR के फैसलों को अन्यायपूर्ण बताते हुए टूर्नामेंट पर सवाल उठाए।
अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन यह मुकाबला रेफरी विवादों के साये में रहा। मिस्र ने यासर इब्राहिम और मुस्तफा ज़िको के गोलों से 67वें मिनट तक 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी, जबकि इससे पहले ज़िको का एक और गोल VAR द्वारा रद्द कर दिया गया था क्योंकि हमले की शुरुआत में लिसांद्रो मार्टिनेज पर फाउल हुआ था। अर्जेंटीना ने आखिरी 15 मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और इंजुरी टाइम में एंज़ो फर्नांडीज के गोल से ऐतिहासिक वापसी करते हुए जीत दर्ज की।
मैच के बाद मिस्र के खिलाड़ियों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। दूसरा गोल करने वाले मुस्तफा ज़िको ने कहा, “रेफरी अन्यायपूर्ण था, उसका पक्षपात साफ था। वह हमें शुरू से ही निशाना बना रहा था। यह टूर्नामेंट पूरी तरह से निर्देशित है।” उन्होंने मिस्र की जनता से माफी मांगते हुए कहा कि नतीजा उनके हाथ में नहीं, रेफरी के हाथ में था। गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने भी सवाल उठाए कि ज़िको का गोल क्यों रद्द किया गया और अर्जेंटीना के तीसरे गोल से पहले हम्दी फाथी की जर्सी फटने के बावजूद पेनल्टी क्यों नहीं दी गई।
कोच होसाम हसन ने आरोपों को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि अर्जेंटीना ने फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर पर दबाव बनाया था। उन्होंने VAR द्वारा पेनल्टी की समीक्षा न करने और दोपहर के समय मैच रखे जाने पर भी सवाल उठाए। हसन ने यहां तक कहा कि “शायद फीफा चाहता है कि मेसी और विश्व चैंपियन मार्केटिंग के लिए टूर्नामेंट में बने रहें।” मिस्र के पूर्व स्टार मोहम्मद अबाउत्रिका ने भी कहा कि उनकी टीम को अर्जेंटीना, मेसी, रेफरी और फीफा सभी से एक साथ लड़ना पड़ा।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक फुटबॉल में रेफरी और VAR की निष्पक्षता पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। मिस्र की ओर से पांच पीले कार्ड और एक स्टाफ सदस्य को लाल कार्ड दिखाया गया, जबकि अर्जेंटीना को एक भी कार्ड नहीं मिला। अफ्रीकी और अरब मीडिया में इसे व्यापक अन्याय के रूप में देखा जा रहा है, जबकि दक्षिण अमेरिकी मीडिया ने अर्जेंटीना की जुझारू वापसी पर ध्यान केंद्रित किया है।
इस जीत के साथ अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया, जहां उसका सामना स्विट्जरलैंड-कोलंबिया मैच के विजेता से होगा। मिस्र के लिए यह विश्व कप का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, लेकिन विवादास्पद समापन ने उसकी ऐतिहासिक उपलब्धि को फीका कर दिया।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | −0.20 | neutral |
रेफरी पक्षपाती था और विश्व कप अर्जेंटीना के लिए धांधली है। मिस्र को निष्पक्ष मौके से वंचित किया गया।
मिस्र के खिलाड़ियों और कोच के भावनात्मक बयानों को बार-बार उद्धृत करके, आरोप को एक विश्वसनीय और गंभीर दावे के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
अर्जेंटीना का दृष्टिकोण और रेफरी के फैसलों का कोई विश्लेषण अनुपस्थित है, जिससे आरोप अप्रतिबंधित रहता है।
रेफरी अन्यायपूर्ण था और टूर्नामेंट पहले से धांधली है। मिस्र के साथ धोखा हुआ।
रिपोर्ट खिलाड़ी के सीधे आरोप और भावनात्मक लहजे पर निर्भर करती है ताकि अन्याय की भावना व्यक्त की जा सके।
मैच के बारे में कोई प्रतिवाद या संदर्भ प्रदान नहीं किया गया है।
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