
जीवाश्म विज्ञान में तीन खोजें प्राचीन जीवन के मानचित्र को नया आकार दे रही हैं
अंटार्कटिका का पहला डायनासोर जीवाश्म, मिस्र का पहला टेरोसॉर और कछुओं की उत्पत्ति पर नया अध्ययन — तीनों महाद्वीपों से आए निष्कर्ष सरीसृपों के विकास की पुरानी मान्यताओं को चुनौती दे रहे हैं।
पिछले कुछ सप्ताह में तीन अलग-अलग महाद्वीपों से प्रकाशित जीवाश्म अध्ययनों ने प्राचीन सरीसृपों के विकास और भौगोलिक प्रसार की समझ को एक साथ संशोधित किया है। सबसे पुरानी खोज 1985 में अंटार्कटिका की जेम्स रॉस द्वीप पर मिली एक कशेरुका है, जिसे अब लंदन के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के वैज्ञानिकों ने टाइटनोसॉर समूह के एक सॉरोपॉड डायनासोर के रूप में चिह्नित किया है। यह महाद्वीप पर खोजा गया पहला डायनासोर जीवाश्म है और अंटार्कटिका से अब तक मिला केवल दूसरा सॉरोपॉड अवशेष है। साथ ही, मिस्र की मंसूरा विश्वविद्यालय की एक टीम ने पश्चिमी रेगिस्तान की बहारिया ओएसिस संरचना से 9.5 करोड़ वर्ष पुराने टेरोसॉर (उड़ने वाले सरीसृप) के पंख का जीवाश्म प्रलेखित किया, जो देश में इस समूह का पहला पुष्ट रिकॉर्ड है। इनके समानांतर, करंट बायोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन ने 226 नमूनों के उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्कैन के आधार पर कछुओं की उत्पत्ति को आर्कोसॉरोमॉर्फ समूह (जिसमें मगरमच्छ, पक्षी और डायनासोर शामिल हैं) से जोड़ा है, न कि पहले माने जाने वाले यूनोटोसॉरस अफ्रीकैनस से।
अंटार्कटिका की कशेरुका लगभग 10 सेंटीमीटर चौड़ी है और 8.2 करोड़ वर्ष पूर्व क्रीटेशियस काल की है। यह समुद्री चट्टानों में अमोनाइट के टुकड़ों के साथ मिली, जिससे संकेत मिलता है कि मृत जानवर किसी नदी द्वारा बहाकर समुद्र में लाया गया था। शोधकर्ता पॉल बैरेट के अनुसार, उस समय अंटार्कटिका दक्षिण अमेरिका से जुड़ा था और वहाँ ताड़ व शंकुधारी वनों वाली समशीतोष्ण जलवायु थी। यह खोज इस परिकल्पना को बल देती है कि अंटार्कटिक प्रायद्वीप ने दक्षिण अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड तक डायनासोरों के प्रसार के लिए एक गलियारे का काम किया।
मिस्र का टेरोसॉर जीवाश्म बहारिया ओएसिस से 2018 के क्षेत्रीय अभियान में मिला था। अध्ययन के मुख्य लेखक बिलाल सलेम के अनुसार, इसके पंख का फैलाव लगभग चार मीटर रहा होगा, जो एक मध्यम आकार के उड़ने वाले सरीसृप को दर्शाता है। यह इलाका पहले स्पिनोसॉरस और पैरालिटिटन जैसे प्रसिद्ध अफ्रीकी डायनासोरों के लिए जाना जाता था, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई मूल जीवाश्म नष्ट हो गए थे। नई खोज उस खोई हुई जैवविविधता के पुनर्निर्माण में सहायक है।
कछुओं पर हुए अध्ययन ने शारीरिक संरचना के आधार पर पुरानी मान्यता को खारिज किया है। न्यूयॉर्क के अमेरिकी प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के ज़ेवियर जेनकिंस और दक्षिण अफ्रीका की विटवाटर्सरैंड यूनिवर्सिटी के जोना चोइनियर सहित शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रारंभिक कछुओं और आर्कोसॉरों में मस्तिष्क के चारों ओर एक विशेष हड्डी, पैर की पाँचवीं मुड़ी हुई मेटाटार्सल और कान की एक मुक्त स्टेप्स हड्डी मौजूद थी, जो यूनोटोसॉरस में नहीं थी। यूनोटोसॉरस की चौड़ी पसलियाँ अब अभिसारी विकास का उदाहरण मानी जा रही हैं, जो बिल खोदने की आदत से विकसित हुई थीं, न कि कवच के पूर्ववर्ती रूप में।
इन तीनों खोजों का अगला पड़ाव पहले से ही तय है। अंटार्कटिका में जलवायु परिवर्तन से बर्फ पीछे हटने के साथ और अधिक जीवाश्म स्थलों के उजागर होने की संभावना है, जिस पर ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वेक्षण की निगरानी रहेगी। मिस्र में बहारिया ओएसिस से आगामी क्षेत्रीय मौसमों में अतिरिक्त टेरोसॉर अवशेषों की खोज जारी रहेगी। कछुओं की उत्पत्ति पर बहस अभी समाप्त नहीं हुई है; डेनवर संग्रहालय के टायलर लाइसन जैसे विशेषज्ञ यूनोटोसॉरस को कछुआ मानने पर अडिग हैं, जबकि न्यू मैक्सिको संग्रहालय के स्पेंसर लुकास नए वर्गीकरण का समर्थन करते हैं। आगामी अध्ययनों में आनुवंशिक और शारीरिक आँकड़ों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
40 साल तक एक दराज में भूला हुआ जीवाश्म अंटार्कटिका का पहला डायनासोर हड्डी साबित हुआ, जिससे पता चला कि 7 करोड़ साल पहले वहाँ समशीतोष्ण वनों में टाइटानोसॉर घूमते थे। इस बीच, वैज्ञानिक कछुओं के खोल की उत्पत्ति पर पुनर्विचार कर रहे हैं, जो एक विकासवादी पहेली है। ये भूली-बिसरी कड़ियाँ प्रागैतिहासिक दुनिया के नक्शे को फिर से बना रही हैं।
कछुओं की विकासवादी उत्पत्ति एक पहेली बनी हुई है; नए शोध प्राचीन यूनोटोसॉरस से हटकर मगरमच्छों और पक्षियों के साथ आनुवंशिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कछुए के पूर्वज पर बहस जारी है, क्योंकि इस कवचधारी सरीसृप की अनोखी शारीरिक रचना आसान वर्गीकरण को चुनौती देती है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान भरी
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में चीनी कंपनियों की धमक: BYD टेस्ला को पीछे छोड़ने को तैयार, यूरोपीय दिग्गज संकट में
3 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेभारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा
4 भाषाएँ · 16 स्रोत