
टकर कार्लसन ने तीसरे दल के गठन का संकेत दिया, अमेरिकी दक्षिणपंथ में गहराती दरार
पूर्व फ़ॉक्स न्यूज़ होस्ट ने ईरान युद्ध पर ट्रंप से मतभेद के बाद अमेरिका में तीसरे राजनीतिक दल की वकालत की, जिससे रिपब्लिकन वोट बैंक में विभाजन की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिकी कंज़र्वेटिव कमेंटेटर टकर कार्लसन ने एक नए राजनीतिक दल के गठन में सहायता करने की घोषणा की है। कोलंबिया जर्नलिज़्म रिव्यू को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियाँ युद्ध और वित्त जैसे मुद्दों पर एक समान हैं, जिससे अमेरिका 'लोकतंत्र का दिखावा करने वाला एक-दलीय राज्य' बन गया है। कार्लसन ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन तीसरे दल के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कार्लसन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान युद्ध को लेकर गहरे मतभेद उभरे हैं। कार्लसन ने ट्रंप का समर्थन करने के लिए अपने दर्शकों से माफ़ी भी माँगी और कहा कि उन्होंने अनजाने में लोगों को गुमराह किया।
चीनी थिंक टैंक चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्पररी इंटरनेशनल रिलेशंस (सीआईसीआईआर) के अनुसार, कार्लसन का रिपब्लिकन पार्टी से अलग होना अमेरिकी दक्षिणपंथ के भीतर बढ़ते तनाव का 'अपरिहार्य परिणाम' है। संस्थान के विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रूढ़िवादी गठबंधन की आंतरिक दरार और गहराएगी। वहीं, इज़राइली मीडिया ने कार्लसन के उस बयान को प्रमुखता दी जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध के लिए इज़राइल को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिकी सरकार को अपने नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए। कार्लसन ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ईरान में शासन परिवर्तन के लिए दबाव डाला था।
इतालवी विश्लेषकों के अनुसार, कार्लसन की पहल से रिपब्लिकन मतदाताओं में विभाजन हो सकता है, ठीक वैसे ही जैसे 1992 में रॉस पेरो ने जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की पुनर्निर्वाचन संभावनाओं को नुकसान पहुँचाया था। कार्लसन न तो पारंपरिक रूढ़िवादी हैं और न ही उदारवादी; उनकी विदेश नीति संबंधी आलोचनाएँ वामपंथी मतदाताओं को भी आकर्षित कर सकती हैं। यह घटनाक्रम अमेरिका में व्यापक एंटी-एस्टैब्लिशमेंट लहर का हिस्सा है, जिसमें हाल ही में न्यूयॉर्क और कोलोराडो जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका समर्थित उम्मीदवारों की जीत भी शामिल है। पूर्व कांग्रेस सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन और टेस्ला सीईओ एलन मस्क भी तीसरे दल की संभावनाओं पर बातचीत कर रहे हैं, हालाँकि ग्रीन ने स्वीकार किया कि इसे सफल होने में कई चुनाव चक्र लग सकते हैं।
रूसी मीडिया ने कार्लसन के इस कदम को ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे से विश्वासघात के रूप में चित्रित किया है, जबकि अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी सितंबर में डलास में एक सम्मेलन आयोजित कर मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, कार्लसन की तीसरे दल की योजना अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी औपचारिक संगठन की घोषणा नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या यह पहल वास्तविक चुनावी ताकत में बदल पाती है या केवल एक वैचारिक बहस बनकर रह जाती है।
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