
आखिरी सांस में तुर्की का अमेरिका पर नाटकीय प्रहार, ऑस्ट्रेलिया ने पैराग्वे को रोका
ग्रुप डी के अंतिम मुकाबले में पहले ही बाहर हो चुकी तुर्की ने मेज़बान अमेरिका को 3-2 से हराया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पैराग्वे से गोलरहित ड्रॉ खेलकर नॉकआउट का टिकट पक्का किया।
लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में निर्धारित समय के आठवें मिनट में कान आयहान की करीबी दूरी से मारी गई चपत ने तुर्की को अमेरिका पर 3-2 की यादगार जीत दिला दी। यह वही तुर्की टीम थी जो पहले दो मैचों में एक भी गोल किए बिना बाहर हो चुकी थी, लेकिन इस बार उसने नौ बदलावों के साथ उतरी मेज़बान टीम की हर कोशिश का करारा जवाब दिया। अमेरिका ने तीसरे ही मिनट में ऑस्टन ट्रस्टी के गोल से बढ़त ले ली थी, मगर तुर्की ने अरदा गुलेर (10वें मिनट) और ओरकुन कोकचू (31वें मिनट) के गोलों से पहले हाफ में ही स्कोर 2-1 कर दिया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में सेबेस्टियन बेरहाल्टर ने बॉक्स के बाहर से ज़ोरदार शॉट लगाकर अमेरिका को 2-2 की बराबरी दिला दी। इसके बाद मैदान पर पूरा रोमांच बिखर गया। 58वें मिनट में चोट के बाद वापसी कर रहे ‘कैप्टन अमेरिका’ क्रिस्चियन पुलिसिक के मैदान में उतरते ही अमेरिकी हमले तेज़ हो गए। पुलिसिक ने दो बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन तुर्की के गोलकीपर उगुरचान चाकिर ने एक को डिफ्लेक्ट कर पोस्ट से टकरा दिया और दूसरे को बचा लिया। दूसरी ओर, तुर्की के केनान यिल्दिज़ का शॉट चंद इंच से बाहर निकल गया।
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अलग-अलग मायने रखता था। अमेरिका पहले ही ग्रुप डी में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-32 में जगह बना चुका था और कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने बोस्निया के खिलाफ अगले मैच को ध्यान में रखते हुए नौ बदलाव किए थे। पोचेतिनो ने बाद में कहा, “हमारी दूसरी प्राथमिकताएं थीं। तीन ग्रुप मैच जीतने का क्या फायदा अगर अगला मैच हारकर विश्व कप से बाहर हो जाओ?” वहीं तुर्की के कोच विन्सेंज़ो मोंटेला की टीम के लिए यह सिर्फ स्वाभिमान बचाने की लड़ाई थी, जिसे उन्होंने शानदार ढंग से जीता।
दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पैराग्वे को 0-0 से रोककर ग्रुप में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। दोनों टीमों के चार-चार अंक रहे, लेकिन बेहतर गोल अंतर (0 बनाम -2) के चलते ऑस्ट्रेलिया सीधे अगले दौर में पहुंच गया। पैराग्वे को अब सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह मिलने का इंतज़ार करना होगा। ऑस्ट्रेलिया ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और कई मौके बनाए, लेकिन पैराग्वे के गोलकीपर गिल ने शानदार बचाव कर उन्हें निराश किया।
अब अमेरिका का सामना एक जुलाई को सांता क्लारा में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना से होगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया की राह ग्रुप बी के विजेता से टकराएगी। पैराग्वे की किस्मत दूसरे ग्रुपों के नतीजों पर टिकी है। तुर्की भले ही तीन अंकों के साथ ग्रुप में सबसे नीचे रहा, लेकिन इस जीत ने उसके अभियान को एक सम्मानजनक विदाई दे दी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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लॉस एंजिल्स में एक मृत रबड़ मैच में तुर्की ने बड़े पैमाने पर बदली हुई अमेरिकी टीम को अतिरिक्त समय के गोल से 3-2 से हराया। इस नतीजे का ग्रुप स्टैंडिंग पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि अमेरिका पहले ही ग्रुप जीत चुका था और तुर्की पहले ही बाहर हो चुका था।
तुर्की ने अंतिम क्षणों के नाटकीय गोल से संयुक्त राज्य अमेरिका को 3-2 से हराकर अपनी प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त की। पहले ही बाहर हो चुकी तुर्की टीम ने लॉस एंजिल्स में अपने विश्व कप अभियान का समापन शानदार अंदाज में किया।
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