
रूस-उत्तर कोरिया रणनीतिक वार्ता: यूक्रेन पर प्योंगयांग का 'अटूट समर्थन', अमेरिका पर निशाना
मॉस्को में विदेश मंत्रियों की बैठक में दोनों देशों ने व्यापक साझेदारी संधि पर प्रगति की समीक्षा की और अमेरिकी नीतियों को क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बताया।
उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन हुई ने मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, तीसरे रणनीतिक संवाद के दौरान सभी मुद्दों पर पूर्ण सहमति बनी और जून 2024 में हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। रूस ने उत्तर कोरिया की संप्रभुता और सुरक्षा हितों के लिए खतरा बताए जाने वाले 'शत्रुतापूर्ण कृत्यों' के खिलाफ प्योंगयांग के कदमों का पूर्ण समर्थन किया, जबकि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन विवाद की 'जड़' समाप्त करने और रूस की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की मास्को की नीति के प्रति 'अटूट समर्थन' दोहराया।
रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में दोनों पक्षों ने पूर्वोत्तर एशिया और वैश्विक स्थिति के बिगड़ने का मुख्य कारण अमेरिका और उसके सहयोगियों का 'गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार' बताया, जो कोरियाई प्रायद्वीप के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय हुई जब रूस ने यूक्रेन पर मिसाइल हमले तेज़ कर दिए थे। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को किम जोंग उन का संदेश भी पहुंचाया, जिसमें रूस के साथ 'व्यापक विकास' की रणनीतिक प्रतिबद्धता दोहराई गई।
सैन्य सहयोग इस साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बना हुआ है। उत्तर कोरिया ने 2024 में शुरू हुए कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी घुसपैठ को विफल करने के लिए अनुमानित 14,000 सैनिक भेजे, जिनमें से कई मारे गए। पुतिन ने उत्तर कोरियाई सैनिकों के 'वीरतापूर्ण कार्यों' की सराहना की और कहा कि उन्हें 'कभी नहीं भुलाया जाएगा'। पश्चिमी विश्लेषकों के अनुसार, इस सैन्य सहयोग के बदले उत्तर कोरिया को आर्थिक सहायता, खाद्य आपूर्ति और सैन्य प्रौद्योगिकी प्राप्त हो रही है, जो उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को उन्नत करने में सहायक हो सकती है।
चोए की यह यात्रा बिना किसी स्पष्ट बहुपक्षीय अवसर के हुई, जिससे यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि यह किम जोंग उन की एक और रूस यात्रा की तैयारी हो सकती है। किम ने 2019 और 2023 में पुतिन से मुलाकात की थी, और जून 2024 के प्योंगयांग शिखर सम्मेलन में पुतिन ने उन्हें पुनः आमंत्रित किया था। दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि वह इन बैठकों पर करीबी नज़र रख रहा है, लेकिन शिखर वार्ता की संभावना पर कोई आकलन नहीं दिया। इस बीच, उत्तर कोरिया ने चीन के साथ भी उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान किया है, जिसमें प्रधानमंत्री पाक थाए सोंग की बीजिंग यात्रा और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग का प्योंगयांग दौरा शामिल है, जो एक नए शीत युद्ध जैसे ध्रुवीकरण की ओर संकेत करता है।
दोनों देशों ने इस प्रारूप में बातचीत जारी रखने और विभिन्न स्तरों पर विदेश मंत्रालयों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह साझेदारी एक नए न्यायसंगत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान दे रही है। भारत और दक्षिण एशिया के लिए, यह घटनाक्रम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सैन्य गठबंधनों और परमाणु प्रसार के जोखिमों को रेखांकित करता है, जहाँ उत्तर कोरिया की तकनीकी प्रगति क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती है। अगले कदम के रूप में, किम जोंग उन की संभावित मास्को यात्रा की तारीखों पर चर्चा जारी रहने की उम्मीद है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +1.00 | aligned |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.80 | critical |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −1.00 | critical |
Russia and North Korea reaffirm their strategic alliance and accuse Washington of destabilizing the region.
By blaming the United States for the security degradation, the Russian narrative turns the meeting into a legitimate defensive reaction, not an act of aggression.
The Russian bloc omits any mention of North Korea's support for Russia's war in Ukraine, focusing instead on US provocations.
Putin thanks Pyongyang for war support, while the West watches the Russia-North Korea axis with alarm.
By framing the meeting as a thank-you for support in the Ukraine war, the Atlantic account highlights the immediate threat to European security.
The Atlantic bloc omits the North Korean perspective on the 'Ukrainian dispute' as a legitimate struggle and does not mention the US role on the Korean Peninsula.
Russia and North Korea ally in their fantasies of power while Ukraine suffers missile terror.
Using highly emotional and accusatory language ('rocket terror', 'fantasies of omnipotence'), the account equates the alliance with an immediate existential threat.
The European continental bloc omits any mention of the strategic partnership treaty or the long-term diplomatic context, focusing solely on the immediate terror and propaganda.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
फ़ार्नबरो एयरशो में मध्य पूर्व की बड़ी दांव, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच बेड़े के विस्तार की घोषणाएं
4 भाषाएँ · 5 स्रोत
Technology सेडॉग एजेंसी का अंत: एलन मस्क ने स्वीकारा राजनीति में अति, एआई और रोबोट पर भविष्यवाणी
3 भाषाएँ · 5 स्रोत
Science & Health सेजीन थेरेपी और mRNA उपचारों से दुर्लभ बीमारियों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को नई उम्मीद
4 भाषाएँ · 6 स्रोत