
स्वीडन में रूसी दूतावास पर ड्रोन हमला: मॉस्को ने स्टॉकहोम को ठहराया जिम्मेदार
रूसी मिशन ने इसे 'डराने-धमकाने की कोशिश' बताया, जबकि स्वीडन यूक्रेन का प्रमुख सैन्य समर्थक बना हुआ है।
2-3 जुलाई की रात स्टॉकहोम स्थित रूसी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया। एक क्वाडकॉप्टर ने परिसर में लाल रंग से भरा कंटेनर गिराया, जबकि दूसरे ड्रोन से नकली विस्फोटक उपकरण जुड़ा था और वह दूतावास भवन के निकट गिरा। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन रूसी राजनयिक मिशन ने इसे महज उकसावे की बजाय कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास करार दिया।
रूसी दूतावास के अनुसार, स्टॉकहोम में ऐसी घटनाएं व्यवस्थित रूप ले चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में दर्जनों बार ड्रोन से पेंट या नकली बम गिराए जा चुके हैं। मिशन ने आरोप लगाया कि स्वीडिश कानून प्रवर्तन एजेंसियां केवल औपचारिक रिपोर्ट दर्ज करती हैं, लेकिन जांच का कोई नतीजा नहीं निकला। रूसी पक्ष ने 1961 की वियना कूटनीतिक संबंध संधि का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेज़बान देश का दायित्व है, और इस हमले तथा भविष्य के संभावित परिणामों की पूरी जिम्मेदारी स्वीडन पर डाली।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब स्वीडन यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत करने वाले प्रमुख सहयोगियों में शामिल है। हाल ही में यूक्रेन ने स्वीडन से 16 ग्रिपेन लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया है, और रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के खिलाफ कीव को लगातार सैन्य सहायता दे रहा है। मॉस्को के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा पहले भी संकेत दे चुकी हैं कि स्वीडिश अधिकारियों ने ऐसे ड्रोन हमलों को 'अधिकृत' किया हो सकता है। वहीं, रूसी मीडिया रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि मॉल्डोवा और रोमानिया ने रूस पर अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं, जिससे ड्रोन घटनाओं को लेकर आपसी आरोप-प्रत्यारोप का एक व्यापक संदर्भ उभरता है।
स्वीडिश अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रूसी दूतावास ने पहले भी इसी तरह के हमलों पर स्वीडन को विरोध पत्र भेजे हैं और स्टॉकहोम से 'अपने उग्रवादियों पर लगाम लगाने' को कहा है। मामला फिलहाल जांच के स्तर पर है, लेकिन रूसी पक्ष ने चेतावनी दी है कि हमले जारी रहने पर जिम्मेदारी और परिणाम स्वीडन को ही भुगतने होंगे।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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स्टॉकहोम स्थित रूसी दूतावास पर ड्रोनों से जानबूझकर हमला किया गया: एक ने लाल रंग गिराया, दूसरे में नकली विस्फोटक उपकरण था। मॉस्को इसे व्यवस्थित वृद्धि और राजनयिक कर्मचारियों को डराने का स्पष्ट प्रयास बता रहा है। पूरी जिम्मेदारी स्वीडिश अधिकारियों की है, जो मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे।
स्वीडन में रूसी दूतावास ने बताया कि रात में दो ड्रोन उसके परिसर में घुसे, एक ने लाल रंग गिराया और दूसरे में नकली विस्फोटक था। राजनयिक मिशन ने स्टॉकहोम पर सुरक्षा प्रदान न करने का आरोप लगाया और इसे उकसावा बताया। रिपोर्ट रूसी दावों को आलोचनात्मक दूरी के साथ प्रस्तुत करती है।
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