
इटली ने जासूसी के आरोप में दो रूसी सैन्य अताशे निष्कासित किए, रूस ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
रोम अभियोजकों की जांच में सामने आई जासूसी गतिविधियों के बाद इटली ने दो रूसी राजनयिकों को तीन दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया, जिस पर मास्को ने 'उचित जवाब' देने की बात कही है।
इटली सरकार ने 9 जुलाई 2026 को रूसी दूतावास के दो सैन्य अताशे – इवान पेत्रोविच गोर्बाचेव और मिखाइल वासिल्येविच अस्ताखोव – को जासूसी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में निष्कासित कर दिया। रोम अभियोजक कार्यालय की जांच के अनुसार, ये दोनों अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं एकत्र करने और धन के बदले उन्हें रूसी खुफिया एजेंसियों तक पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा थे। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि इन राजनयिकों को तीन दिनों के भीतर रोम छोड़ना होगा।
इटली की ओर से इस कदम को रूस की 'हाइब्रिड लड़ाई' की रणनीति का मुकाबला करने के लिए उठाया गया कदम बताया गया। विदेश मंत्री तायानी ने कहा कि मॉस्को पश्चिमी देशों और इटली पर हमला करने के लिए लगातार हाइब्रिड हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, और यह इतालवी संस्थाओं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर व अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। इतालवी अधिकारियों के अनुसार, निष्कासन का निर्णय ठोस सबूतों – वीडियो, तस्वीरों और अन्य सामग्री – पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक सनक पर। तायानी ने स्पष्ट किया कि ये दोनों व्यक्ति जासूस थे जो लोगों को रिश्वत देकर गोपनीय जानकारी हासिल कर रहे थे, इसलिए उनका इटली में रहना संभव नहीं था।
रूसी पक्ष ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इटली में रूसी राजदूत अलेक्सेई पारामोनोव ने टेलीग्राम पर लिखा कि इतालवी कूटनीति के 'ग्रे एमिनेंस' महासचिव रिकार्डो गुआरिग्लिया अधिक से अधिक रूसी राजनयिकों को निष्कासित करके इटली में रूस के प्रभाव को सीमित करना चाहते हैं, लेकिन यह असंभव है। उन्होंने यह भी कहा कि इटली के पास व्लादिमीर पुतिन और सर्गेई लावरोव जैसे कद के नेता नहीं हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि मॉस्को इस निष्कासन का 'उचित जवाब' देगा, हालांकि प्रतिक्रिया का स्वरूप स्पष्ट नहीं किया गया।
यह प्रकरण हाल ही में सामने आए एक बड़े जासूसी मामले से जुड़ा है, जिसमें दो पूर्व इतालवी खुफिया अधिकारियों – गाविनो राउल पिरास और विन्सेंज़ो दी पास्क्वाले – को गिरफ्तार किया गया था। अभियोजकों के अनुसार, ये दोनों यूक्रेन को सैन्य सहायता, नाटो मिशनों, ड्रोन उत्पादन सुविधाओं और इतालवी-फ्रांसीसी वायु रक्षा प्रणाली एसएएमपी/टी जैसी संवेदनशील सूचनाएं रूसी हैंडलरों को दे रहे थे। जांच में चार सक्रिय सैन्यकर्मियों सहित पांच अन्य लोगों को भी संदिग्ध बनाया गया है। यह कोई अकेली घटना नहीं है; 2021 और 2023 में भी इसी तरह के मामलों में इटली ने रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया था, और हर बार मॉस्को ने जवाबी कार्रवाई की थी।
पश्चिमी सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम यूक्रेन युद्ध के बाद से यूरोप में रूसी खुफिया गतिविधियों में वृद्धि और पश्चिमी देशों द्वारा जवाबी कार्रवाई के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है। हाल के वर्षों में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नॉर्वे और रोमानिया सहित कई यूरोपीय देशों ने जासूसी के आरोप में रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया है, और हर मामले में रूस ने 'दर्पण जैसी' या 'कठोर' प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। फिलहाल, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह जल्द ही ठोस जवाबी कदम उठाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और बढ़ने की आशंका है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.80 | critical |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.40 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
Italy defends its national security by expelling two Russian spies, legitimizing the action through the judicial investigation.
The narrative relies on judicialization: the expulsion is presented as the outcome of a judicial inquiry, making the action legal and fact-based, while the Russian reaction is dismissed as revenge.
Russia condemns the unjustified expulsion and promises an appropriate response, presenting it as a hostile act requiring a symmetrical reaction.
The technique of symmetrical escalation: the threat of retaliation is presented as automatic and necessary to maintain diplomatic balance, without engaging with the substance of the accusations.
No details of the Italian investigation that led to the expulsion are provided, nor statements from prosecutors, merely reporting the espionage accusation without elaboration.
Italy expels two Russian military attachés for espionage, while Moscow promises a response, without taking sides.
Factual detachment: the news is presented as a fact, using the language of official sources without adding commentary or analysis, maintaining an external observer perspective.
The names of the expelled are not mentioned, nor the detail of the recruitment of former Italian agents, limited to a generic account.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
Apple ने Nvidia को पछाड़कर पुनः हासिल किया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब
7 भाषाएँ · 16 स्रोत
Technology सेस्पेसएक्स का स्टारशिप परीक्षण अंतिम क्षण में रद्द, इंजन विफलता से शेयर बाजार पर असर
9 भाषाएँ · 16 स्रोत
Science & Health सेप्लास्टिक सर्जरी में देरी और जोखिम पर वैश्विक चिंता, कोलंबिया की अदालत ने दिया ऐतिहासिक आदेश
3 भाषाएँ · 6 स्रोत