
ईरानी हमले से कुवैत का बिजली-डिसेलिनेशन संयंत्र क्षतिग्रस्त, खाड़ी में जल संकट की आशंका
हमले के बाद कुवैत ने आपातकालीन उपाय सक्रिय किए, नागरिकों से बिजली बचाने की अपील; बहरीन, कतर और जॉर्डन ने भी ईरानी प्रोजेक्टाइल रोके।
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को ईरानी हवाई हमले ने कुवैत के एक बिजली उत्पादन और जल डिसेलिनेशन संयंत्र को क्षतिग्रस्त कर दिया। कुवैत के विद्युत, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, हमले से आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयाँ प्रभावित हुईं। अग्निशमन दलों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए आपातकालीन योजनाएँ सक्रिय कर दी गई हैं। मंत्रालय ने नागरिकों से इस 'असाधारण अवधि' के दौरान बिजली खपत कम करने का आग्रह किया है।
कुवैती विदेश मंत्रालय ने इस हमले को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की और इसे 'अत्यंत खतरनाक वृद्धि' करार दिया जो क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालती है। वहीं, ईरानी राज्य मीडिया और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि ये ड्रोन और मिसाइलें कुवैत में अमेरिकी सेना के ठिकानों को निशाना बनाकर भेजी गईं, जो अमेरिकी हमलों का जवाब और 'शहीदों के खून का बदला' हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने ईरानी ठिकानों पर लगातार छठी रात हमले किए, जिनमें तटीय निगरानी, वायु रक्षा प्रतिष्ठान और सैन्य ढाँचागत क्षमताएँ शामिल थीं।
यह हमला खाड़ी क्षेत्र की जल आपूर्ति की गंभीर निर्भरता को उजागर करता है। विश्व जनसंख्या समीक्षा के आँकड़ों के अनुसार, कुवैत दुनिया का सबसे अधिक जल-संकटग्रस्त देश है, जहाँ पीने के पानी की लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति डिसेलिनेशन संयंत्रों से होती है। ओमान में यह निर्भरता 86 प्रतिशत और सऊदी अरब में 70 प्रतिशत है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई बड़ा डिसेलिनेशन संयंत्र पूरी तरह ठप हो जाए, तो खाड़ी के प्रमुख शहरों में कुछ ही दिनों में स्वच्छ जल की पहुँच समाप्त हो सकती है और महत्वपूर्ण उपकरणों के नष्ट होने पर यह संकट महीनों तक बना रह सकता है।
यह घटना 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिकी-इज़राइली संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद से जारी तनाव की श्रृंखला का हिस्सा है। 12 जून को हस्ताक्षरित एक शांति समझौता ज्ञापन के बावजूद, संघर्षविराम कमज़ोर बना हुआ है। इससे पहले 2 जून को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और 60 से अधिक घायल हुए थे, जिसके बाद कुवैत ने दो ईरानी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। शुक्रवार को बहरीन, कतर और जॉर्डन ने भी ईरानी हवाई हमलों को रोकने की सूचना दी; कतर में एक मिसाइल अवरोधन के दौरान गिरे मलबे से एक बच्चा घायल हो गया। कुवैती तकनीकी दल क्षतिग्रस्त इकाइयों की मरम्मत में जुटे हैं, जबकि कूटनीतिक स्तर पर निंदा जारी है। अमेरिकी हमले लगातार जारी हैं और फिलहाल तनाव में कमी के कोई ठोस संकेत नहीं हैं।
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | −0.30 | critical |
कुवैत, ईरानी आक्रामकता का शिकार, संकट से उबरने के लिए एकता और ऊर्जा संरक्षण का आह्वान करता है।
नागरिक बुनियादी ढांचे को सीधे नुकसान और आपातकालीन उपायों की आवश्यकता पर जोर देकर, हमले को एक अन्यायपूर्ण आक्रामकता के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिसके लिए एकजुटता की आवश्यकता है।
ईरान पर अमेरिकी हमलों के व्यापक संदर्भ या इस संभावना का उल्लेख नहीं करता कि हमला उन कार्यों की प्रतिक्रिया है।
अटलांटिक पर्यवेक्षक हमले को अमेरिका-ईरान संघर्ष के एक प्रकरण के रूप में प्रासंगिक बनाता है, बिना पक्ष लिए।
हमले को व्यापक अमेरिका-ईरान शत्रुता के ढांचे में रखकर, घटना को एक बड़े पैटर्न के हिस्से के रूप में सामान्यीकृत किया जाता है, जिससे कुवैत की पीड़ितता पर ध्यान कम होता है।
मानवीय तात्कालिकता या कुवैत की विशिष्ट जल संवेदनशीलता पर जोर नहीं देता, घटना को संघर्ष में एक तथ्य के रूप में मानता है।
दक्षिण पूर्व एशिया मानवीय चिंता के साथ देखता है, नागरिकों के लिए संकट के जोखिम पर जोर देता है।
मानवीय परिणामों और जल आपूर्ति के खतरे पर ध्यान केंद्रित करके, यह सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानून की अपील करता है, जिससे हमला नैतिक रूप से निंदनीय हो जाता है।
ईरान पर अमेरिकी हमलों के संदर्भ या प्रतिशोध की संभावना का उल्लेख नहीं करता, हमले को एकतरफा आक्रामकता के रूप में प्रस्तुत करता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
न्यूयॉर्क मेयर ममदानी का नेतन्याहू की संभावित गिरफ्तारी पर कानूनी परामर्श जारी, इजरायल ने खारिज किया
4 भाषाएँ · 13 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिकी शुल्क युद्ध: ब्राज़ील पर 25% टैरिफ, लूला ने 'पारस्परिकता कानून' सक्रिय करने की चेतावनी दी
2 भाषाएँ · 14 स्रोत
Technology सेविक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान: भारत बना निजी कक्षीय रॉकेट क्षमता वाला तीसरा देश
8 भाषाएँ · 24 स्रोत