
तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियाँ तेज़, 2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान
अमेरिकी-इज़राइली हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें भारत समेत 30 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में हैं। 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मारे गए खामेनेई का पार्थिव शरीर 4 जुलाई से तेहरान के भव्य मुसल्ला में जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहाँ पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों के अंतिम संस्कार हो चुके हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, केवल तेहरान में 1.5 से 2 करोड़ शोकाकुलों के एकत्र होने की संभावना है, जो इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह बना सकता है; तेहरान के मेयर ने इसे 'शहर के इतिहास का सबसे बड़ा जमावड़ा' बताया है। मुसल्ला परिसर में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच मजदूर पेंटिंग और सड़कों की मरम्मत में जुटे हैं, और विशाल चित्रों से इमारत का मुखौटा ढक दिया गया है। यह अंतिम संस्कार मूल रूप से मार्च में होना था, लेकिन युद्ध के कारण स्थगित कर दिया गया था, और अब इसे अमेरिका व इज़राइल के साथ नाजुक युद्धविराम के बीच आयोजित किया जा रहा है।
ईरानी सरकार और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निर्देशन में गठित राष्ट्रीय मुख्यालय के सचिव अली-अकबर पूरजमशीदियान ने बताया कि इन समारोहों का एक उद्देश्य देश के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक समूहों के बीच राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है, साथ ही सुन्नी समुदायों सहित पूरे इस्लामी जगत में एकजुटता बढ़ाना और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति निष्ठा प्रकट करना है। इस्लामिक क्रांति गार्ड कोर के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने इसे "ऐतिहासिक घटना" करार दिया और कहा कि पूर्वी से पश्चिमी तेहरान तक रूट निर्धारित किए गए हैं ताकि भीड़ का आवागमन सुचारू रहे; मुख्य जुलूस 6 जुलाई को इमाम हुसैन चौक से आज़ादी चौक तक 10 किलोमीटर के मार्ग पर निकलेगा, जो ईरान के क्रांतिकारी इतिहास का प्रतीक स्थल है। तेहरान, क़ोम और मशहद में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं, और केंद्रीय क्षेत्रों में भारी यातायात प्रतिबंध लागू होंगे। राज्य टेलीविजन लगातार खामेनेई के जीवन पर वृत्तचित्र प्रसारित कर रहा है और भीषण गर्मी (तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक) को देखते हुए शोकाकुलों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह दे रहा है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब छह महीने पहले महँगाई व सत्ता के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, और सरकार इसे राष्ट्रीय सहमति के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है, और शुक्रवार को विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए अलग कार्यक्रम रखा गया है। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत निमंत्रण मिलने के बावजूद विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को भेजने का निर्णय लिया है। भारतीय रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ईरान के साथ संबंधों में प्राथमिकता में कमी का संकेत हो सकता है, खासकर तब जब 2024 में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के निधन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भेजे गए थे और 1989 में अयातुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार में तत्कालीन विदेश मंत्री शामिल हुए थे। कुछ विशेषज्ञ इसे अमेरिका और इज़राइल के प्रति नई दिल्ली के संतुलनकारी रुख के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि यह रणनीतिक स्वायत्तता पर तीसरे पक्षों की धारणाओं के प्रभाव को दर्शाता है। भारत के लिए चाबहार बंदरगाह परियोजना और ऊर्जा सहयोग रणनीतिक महत्व रखते हैं, लेकिन खाड़ी देशों और इज़राइल के साथ बढ़ती साझेदारी ने कूटनीतिक संतुलन को जटिल बना दिया है। पूरे शहर में 'हमें उठना होगा' और 'उज्ज्वल भविष्य' जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इराक ने भी नजफ और करबला में समारोहों के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के नेतृत्व में उच्च-स्तरीय समन्वय समिति गठित की है, जो शिया समुदाय के लिए इन शहरों के धार्मिक महत्व को रेखांकित करता है और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को दर्शाता है।
खामेनेई के उत्तराधिकारी और पुत्र मोजतबा खामेनेई, जिन्होंने मार्च की शुरुआत में सर्वोच्च नेता का पद ग्रहण किया था, अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। अंतिम संस्कार में उनकी उपस्थिति को लेकर अधिकारियों ने अनिश्चितता जताई है, जिससे नए नेतृत्व की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। यह आयोजन न केवल नए नेतृत्व के प्रति निष्ठा प्रदर्शन का मंच होगा, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और युद्धविराम की स्थिरता की भी परीक्षा लेगा। पार्थिव शरीर 9 जुलाई को मशहद में इमाम रज़ा के मकबरे में दफनाया जाएगा, जिससे पहले यह इराक के पवित्र शहरों से होकर गुज़रेगा; मशहद उनका जन्मस्थान भी है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। फिलहाल, तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राज्य मीडिया लगातार खामेनेई के जीवन पर वृत्तचित्र प्रसारित कर रहा है, जबकि अधिकारी 4 जुलाई से शुरू होने वाले छह दिवसीय समारोहों के लिए अंतिम रूप दे रहे हैं। इस आयोजन को ईरान की आंतरिक स्थिरता और विदेश नीति की दिशा के संकेतों के लिए करीब से देखा जा रहा है।
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शहीद नेता का अंतिम संस्कार एक ऐतिहासिक आयोजन है जिसमें भारी जनभागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति होगी, जो इस्लामी क्रांति और उसके नेतृत्व के प्रति नवीकृत निष्ठा को दर्शाता है। सैकड़ों विदेशी पत्रकार समारोहों को कवर करेंगे, जो दुनिया को एकजुट और समर्पित जनता की छवि दिखाएंगे।
ईरान इतिहास के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है, जिसमें पूर्व सर्वोच्च नेता के समारोहों में 3.5 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जो एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। इस बीच, नए नेता मोजतबा खामेनेई को इजरायल ने पहले ही हत्या के लिए चिह्नित कर दिया है, और कुछ शर्तों के तहत युद्ध फिर से शुरू होने की संभावना बनी हुई है।
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