
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन: आधुनिक कतर के शिल्पकार को वैश्विक शोक
74 वर्ष की आयु में पूर्व अमीर के निधन पर कतर में चार दिवसीय राष्ट्रीय शोक, उनके शासनकाल में देश ने ऊर्जा, मीडिया और कूटनीति में वैश्विक हैसियत बनाई और 2022 फीफा विश्व कप की मेजबानी हासिल की।
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार, 12 जुलाई 2026 को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अमीरी दीवान ने एक बयान में पुष्टि की कि उनका देहांत सुबह हुआ, हालांकि मृत्यु का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके तुरंत बाद कतर सरकार ने चार दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जिसके दौरान सभी मंत्रालय, सरकारी संस्थान और सार्वजनिक कार्यालय 13 जुलाई से बंद रहेंगे तथा राष्ट्रभर में झंडे आधे झुके रहेंगे। अमीरी दीवान के अनुसार, अंतिम संस्कार की नमाज़ रविवार को मग़रिब के बाद इमाम मुहम्मद बिन अब्दुल वहाब मस्जिद में अदा की जाएगी और पार्थिव शरीर को लुसैल कब्रिस्तान में दफ़नाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोक संवेदनाएँ व्यक्त करने वालों में दक्षिण पूर्व एशियाई और अफ्रीकी देश प्रमुख रहे। इंडोनेशिया और नाइजीरिया के विदेश मंत्रालयों ने अलग-अलग बयानों में शेख हमद को “दूरदर्शी नेता” बताया, जिनके कार्यकाल में कतर का तीव्र आधुनिकीकरण हुआ। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उन्हें “देश का सच्चा मित्र” और मुस्लिम जगत में सम्मानित व्यक्तित्व करार दिया। कुवैत के अमीर ने भी चार दिवसीय शोक की घोषणा की, जबकि मिस्र, भारत, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों ने संवेदना संदेश भेजे। इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट होता है कि शेख हमद के कार्यकाल में निर्मित आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों का दायरा कितना व्यापक था।
खाड़ी और अरब मीडिया के विश्लेषण के अनुसार, शेख हमद को “आधुनिक कतर का शिल्पकार” माना जाता है। उन्होंने विशाल प्राकृतिक गैस भंडारों का उपयोग कर एलएनजी उद्योग का विस्तार किया, जिससे कतर दुनिया का सबसे धनी देश (प्रति व्यक्ति जीडीपी) बन गया। 1996 में अल जज़ीरा नेटवर्क की स्थापना ने अरब मीडिया परिदृश्य को बदल दिया और कतर को एक वैश्विक आवाज़ दी। क़तर एयरवेज़ का विकास, हैरोड्स डिपार्टमेंट स्टोर का अधिग्रहण और 2022 फीफा विश्व कप की मेज़बानी इन्हीं प्रयासों का परिणाम थे। हालांकि, इज़रायली विश्लेषकों (जेरूसलम पोस्ट) के अनुसार उनकी स्वतंत्र विदेश नीति — जिसमें ईरान, हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड से निकटता शामिल थी — ने सऊदी अरब और यूएई जैसे पड़ोसियों के साथ तनाव पैदा किया, जो बाद में 2017 के राजनयिक नाकेबंदी के रूप में सामने आया। पश्चिमी मीडिया (द इंडिपेंडेंट) ने अल जज़ीरा की संपादकीय नीति और विश्व कप निर्माण में श्रमिकों के अधिकारों पर आलोचना का उल्लेख किया है। वहीं, ईरानी पक्ष के विश्लेषण (अल-मॉनिटर) के अनुसार, शेख हमद ने अमेरिकी सैन्य अड्डे की मेज़बानी और तेहरान से संवाद बनाए रखते हुए मध्यस्थता की भूमिका की नींव रखी, जो आज गाज़ा और ईरान-अमेरिका वार्ता में दिखती है।
शेख हमद ने 1995 में अपने पिता को सत्ता से हटाकर शासन संभाला और 2013 में स्वेच्छा से पुत्र शेख तमीम को सत्ता हस्तांतरित कर एक दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम खाड़ी राजशाहियों में अरब स्प्रिंग के बाद सुधारों की माँग और स्थिरता सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा था। उनके उत्तराधिकारी ने ऊर्जा संपदा और निवेश कोष के आधार पर कतर की वैश्विक भूमिका को आगे बढ़ाया है, हालाँकि क्षेत्रीय तनावों का सामना भी करना पड़ा।
वर्तमान में शोक अवधि के दौरान सरकारी कामकाज ठप रहेगा और 13 से 15 जुलाई तक शेख तमीम राष्ट्राध्यक्षों तथा जनता से शोक संवेदनाएँ स्वीकार करेंगे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों में शेख हमद के निधन को एक ऐसे नेता की विदाई के रूप में देखा जा रहा है जिसने एक छोटे खाड़ी राज्य को ऊर्जा, मीडिया और कूटनीति का वैश्विक केंद्र बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई, लेकिन जिसकी नीतियों ने क्षेत्रीय राजनीति में गहरे प्रभाव छोड़े।
| अरब खाड़ी प्रेस | +1.00 | aligned |
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| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +1.00 | aligned |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | +0.70 | aligned |
Qatar gathers in grief for the loss of the Father Emir, whose reign brought prosperity and international prestige.
A narrative of national unity is built around the sovereign as father of the nation, emphasizing official mourning as a collective ritual.
Silent about the coup against his father and controversies around rapid modernization, such as treatment of foreign workers.
The former emir redefined the role of a small country on the world stage, with a story of rise that inspires admiration.
A classical 'rise and fall' lexicon is used, emphasizing transformation from 'backwater' to 'global powerhouse' to universalize Qatar's success.
Does not mention details of official mourning or criticisms of the development model, such as migrant labor.
The former emir used natural resources to position Qatar as a global player, with particular attention to internal reforms.
Policies are hierarchized: natural gas and World Cup as priorities, omitting the media dimension (Al Jazeera) and diplomatic role.
No mention of Al Jazeera's role or mediation in regional conflicts, nor the voluntary abdication.
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