
विश्व कप 2026: मोरक्को और मिस्र के अरब सपने का अंत, पर स्वदेश लौटने पर मिला ऐतिहासिक सम्मान
मोरक्को फ्रांस से क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुआ, वहीं मिस्र नाटकीय ढंग से अर्जेंटीना से हारा; दोनों टीमों को उनके अदम्य साहस और अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए घर लौटने पर नायक जैसा स्वागत मिला।
अरब जगत का विश्व कप 2026 का सफर गुरुवार रात समाप्त हो गया जब मोरक्को को फ्रांस के हाथों क्वार्टर फाइनल में 0-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। दो दिन पहले, मिस्र 16वें दौर में अर्जेंटीना के सामने 2-0 की बढ़त गंवाकर 2-3 से दिल तोड़ने वाली हार का सामना कर चुका था। ये नतीजे भले ही दुखद रहे, लेकिन दोनों टीमों के प्रदर्शन ने पूरे अरब क्षेत्र में गर्व और एकजुटता की लहर पैदा कर दी, जिसकी गूंज काहिरा की भीड़ भरी कॉफी शॉप से लेकर गाजा के मलबे के बीच लगी स्क्रीनों तक सुनाई पड़ी।
मोरक्को की टीम ने ग्रुप चरण में ब्राजील से 1-1 की बराबरी, स्कॉटलैंड पर 1-0 और हैती पर 4-2 की जीत के साथ सात अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। प्री-क्वार्टर में नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराने के बाद उन्होंने राउंड ऑफ 16 में कनाडा को 3-0 से ध्वस्त किया। यह किसी भी अफ्रीकी और अरब टीम का 48-टीमों के विश्व कप में क्वार्टर फाइनल तक का पहला सफर था। दूसरी ओर, मिस्र ने पहली बार ग्रुप स्टेज में जीत दर्ज की और राउंड ऑफ 32 में पेनल्टी पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर नॉकआउट चरण की ऐतिहासिक यात्रा तय की।
दोनों टीमों की घरेलू वापसी ने जश्न की ऐसी तसवीरें खींचीं, जो आमतौर पर चैंपियनों के लिए आरक्षित होती हैं। रबात-सले हवाई अड्डे पर रविवार तड़के हजारों मोरक्को के समर्थक हाथों में झंडे लिए जमा हुए और यासीन बोनो तथा अशरफ हकीमी जैसे सितारों का गर्मजोशी से स्वागत किया। मिस्र में, न्यू अलामीन एयरपोर्ट पर भीड़ ने मोहम्मद सलाह की अगुवाई वाली टीम को खुली बस में सड़कों पर घुमाकर सम्मानित किया। मिस्र के कप्तान ने प्रशंसकों को भरोसा दिलाया कि यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नए युग की शुरुआत मात्र है।
यह विश्व कप सिर्फ खेल आयोजन नहीं बन गया था; यह पूरे अरब क्षेत्र के साझा सपनों का प्रतीक बन चुका था। काहिरा का एक एकाउंटेंट अहमद यासीन मैच हारने के बाद भी कह रहा था, "हम मोरक्को का समर्थन करते हैं क्योंकि वे अरब टीम हैं।" गाजा के बाशिंदे सुलेमान हिज्जी ने बताया कि कैसे तबाह हुई सड़कों पर बची-खुची जगहों पर बड़ी स्क्रीनें लगाकर लोगों ने हर मैच देखा। इन भावनाओं ने सीमाओं और विभाजनों को पार करते हुए एक विशाल, उम्मीदों से भरी भीड़ का चित्र खींचा, जिसके लिए एक का दर्द सबका दर्द था।
अब जबकि दोनों टीमें बाहर हो चुकी हैं, अरब दुनिया की निगाहें भविष्य की ओर हैं। मोरक्को आखिरी आठ में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी-अरब टीम बनी, और मिस्र ने पहली बार नॉकआउट में कदम रखा। इन उपलब्धियों ने आने वाले विश्व कप क्वालीफायर और महाद्वीपीय चैंपियनशिप के लिए एक ठोस आधार तैयार किया है। हालांकि इस विश्व कप में अब कोई अरब चुनौती नहीं, पर यह अभियान साबित करता है कि बड़े सपने आकार लेने शुरू हो चुके हैं।
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | +0.80 | aligned |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | +0.60 | aligned |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.40 | aligned |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.70 | aligned |
Morocco salutes its champions.
Using details about the late hour and large crowd builds an image of popular devotion that justifies national pride.
The Arab world reaffirms its dignity.
The first-person narrative and the choice to emphasize values of solidarity and ambition transform a sports defeat into a collective moral triumph.
The neutral report observes without involvement.
The absence of evaluative adjectives and the purely descriptive structure present facts as objective and indisputable.
Indonesia celebrates Egypt's historic success.
Focusing on the historic nature of the result legitimizes popular enthusiasm and presents the welcome as a deserved tribute.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का आकस्मिक निधन, सीनेट और विदेश नीति पर पड़ेगा असर
13 भाषाएँ · 59 स्रोत
Economy & Markets सेऋण, जनसांख्यिकी और नीति: दुनिया के आवास बाजारों में तीन बड़े बदलाव
4 भाषाएँ · 6 स्रोत
Technology सेओपनएआई का नया एआई एजेंट ChatGPT Work लॉन्च, एटलस ब्राउज़र का अंत
7 भाषाएँ · 7 स्रोत