
विंबलडन 2026: सबालेंका-ओसाका की तूफानी जीत, इतालवी लहर पर सबकी निगाहें
विंबलडन के छठे दिन आर्यना सबालेंका और नाओमी ओसाका ने शानदार जीत के साथ प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जबकि चार इतालवी खिलाड़ी अंतिम-16 में पहुंचने के लिए मैदान में उतरे।
विंबलडन के छठे दिन की शुरुआत दो दिग्गज महिला खिलाड़ियों की धमाकेदार जीत से हुई। विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने पूर्व फ्रेंच ओपन चैंपियन येलेना ओस्तापेंको को 6-4, 6-4 से हराकर लगातार 15वें ग्रैंड स्लैम में दूसरे सप्ताह में प्रवेश किया। सबालेंका ने मैच के बाद कहा, 'यह सब मानसिकता पर निर्भर करता है,' और उनकी कुशलता ने ओस्तापेंको की 18 अनफोर्स्ड एरर्स के मुकाबले केवल 6 गलतियां कीं। वहीं, नाओमी ओसाका ने मात्र 65 मिनट में डारिया कसात्किना को 6-1, 6-3 से रौंदते हुए पहली बार विंबलडन के चौथे दौर में कदम रखा। इस जीत के साथ ओसाका ने सभी चार ग्रैंड स्लैम में अंतिम-16 में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड पूरा किया। उन्होंने कोच टॉमस विक्टोरोवस्की के मार्गदर्शन में घास पर अपने खेल को 'अधिक प्रवाहमय' बनाने की बात स्वीकारी। अब चौथे दौर में सबालेंका और ओसाका के बीच टकराव होगा, जो इस साल का उनका चौथा मुकाबला होगा।
दूसरी ओर, इतालवी टेनिस की लहर ने ऑल इंग्लैंड क्लब में इतिहास रचने की ओर कदम बढ़ाए। गत चैंपियन जानिक सिनर ने पहले ही जेन्सन ब्रूक्सबी को 6-4, 6-3, 6-4 से हराकर पांचवीं बार अंतिम-16 में जगह बनाई और निकोला पीटरांगेली के इतालवी रिकॉर्ड की बराबरी की। मैच के दौरान सिनर ने दर्शकों की ओर उंगली उठाकर कान की ओर इशारा किया—एक असामान्य भाव-भंगिमा, जिसके बारे में उन्होंने कहा, 'आज मुझे इसकी ज़रूरत थी।' इस बीच, शनिवार को चार और इतालवी खिलाड़ी तीसरे दौर में उतरे: फ्लावियो कोबोली का सामना कैरन खाचानोव से, लोरेंजो सोनेगो का टेलर फ्रिट्ज से, माटेओ बेरेटिनी का ग्रिगोर दिमित्रोव से और जैस्मीन पाओलिनी का मारिया सकारी से। युगल में सिमोने बोलेली और आंद्रेया वावासोरी पहले ही अगले दौर में पहुंच चुके हैं। अगर तीनों पुरुष जीत दर्ज करते हैं, तो यह पहला मौका होगा जब चार इतालवी पुरुष एक साथ विंबलडन के अंतिम-16 में होंगे।
एशियाई संदर्भ में, फिलीपींस की 21 वर्षीय एलेक्जेंड्रा ईला ने डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक के खिलाफ पहले सेट में 3-2 की बढ़त बनाकर सनसनी मचा दी। ईला ओपन एरा में विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचने वाली पहली फिलिपिना हैं और उन्होंने तुरंत ब्रेक वापस लेकर अपनी क्षमता साबित की। यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक ने एमा नवारो को 6-2, 4-6, 6-1 से हराकर पहली बार चौथे दौर में प्रवेश किया। वहीं, एलेना रिबाकिना और एलिस मेर्टेंस के बीच मुकाबला भी दिन का मुख्य आकर्षण रहा।
अब सबकी निगाहें रविवार को होने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। सबालेंका बनाम ओसाका की भिड़ंत निश्चित रूप से आक्रामक शक्ति का प्रदर्शन होगी, जबकि सिनर का सामना जापान के क्वालीफायर शिंतारो मोचिज़ुकी से होगा। इतालवी खिलाड़ियों के लिए यह दिन ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बन सकता है, जो विंबलडन की हरी घास पर एक नया अध्याय लिखने का अवसर है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | +0.90 | aligned |
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| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
Italy presents itself at Wimbledon with a quartet of aces ready to make history. Our tennis players are the absolute protagonists of the day.
By emphasizing the number of Italians on court and using terms like 'historic' and 'super Saturday', a sense of national pride is created, turning an ordinary tournament day into an epic event for the country.
Ukrainian player Kostyuk, who reached the round of 16 for the first time, is not mentioned because she falls outside the scope of Italian national interest.
Russia follows its athletes at Wimbledon: Khachanov and Samsonova on court today. The tournament continues with global stars, but attention is on Russian representatives.
By focusing exclusively on Russian and allied tennis players, visibility is denied to Ukrainian players like Kostyuk, in line with a policy of not acknowledging Ukrainian achievements in sports.
The milestone of Marta Kostyuk, the first Ukrainian to reach the Wimbledon round of 16, is omitted, likely for political reasons related to the ongoing conflict.
The Wimbledon tournament offers a day of high-level tennis. The main matches are listed for the Latin American audience, with practical viewing instructions.
By adopting a purely informative tone with no national emphasis, the tournament is presented as a global accessible event, prioritizing scheduling convenience.
Neither Kostyuk's achievement nor the strong Italian presence is highlighted, as they are not relevant to the Latin American audience.
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