
ईरान में कुर्द विद्रोह का नया मोर्चा: पावेह में दो रिवोल्यूशनरी गार्ड की हत्या, नए समूह ने ली जिम्मेदारी
पश्चिमी ईरान में सोमवार रात हुए समन्वित हमलों में कम से कम तीन आईआरजीसी सदस्य मारे गए, जिसके बाद तेहरान ने सीमा पार से संचालित कुर्द समूहों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
पश्चिमी ईरान के पावेह शहर में सोमवार रात अज्ञात हथियारबंद लोगों ने दो रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) सदस्यों के घर के दरवाजे पर गोलीबारी कर उनकी हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। इसी दौरान दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के सरावन में एक अन्य हमले में एक आईआरजीसी सदस्य और उनकी पत्नी की गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं, जिसमें दोनों की मौत हो गई। नॉर्वे स्थित कुर्द मानवाधिकार संगठन हेंगाव के अनुसार, पावेह हमले की जिम्मेदारी ‘खोरी हिवा’ (आशा का सूरज) नामक एक नवगठित समूह ने ली है, जिसने मारे गए एक गार्ड सदस्य पर 2022 के महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों के दमन में शामिल होने का आरोप लगाया।
तेहरान ने दोनों हमलों को ‘आतंकवादी कृत्य’ करार दिया है। ईरानी राज्य टेलीविजन ने सरावन हमले के लिए ‘जायोनी-अमेरिकी भाड़े के सैनिकों’ को जिम्मेदार ठहराया, जबकि आईआरजीसी की मीडिया शाखा ‘सपाह न्यूज’ ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी सीमा से घुसपैठ करने वाले छह सदस्यीय ‘अलगाववादी और सरकार विरोधी’ दस्ते को माहाबाद और पीरानशहर के बीच पहाड़ों में घात लगाकर मार गिराया गया। वहीं, कुर्द विपक्षी गठबंधन, जिसमें पीजेएके, पीडीकेआई और कोमाला जैसे समूह शामिल हैं, ने हाल के महीनों में अपनी राजनीतिक और सैन्य गतिविधियों में समन्वय बढ़ाया है। हेंगाव के अनुसार, पूर्वी कुर्दिस्तान रक्षा इकाइयों (वाईआरके) और आईआरजीसी के बीच मारिवान, बानेह और पावेह में झड़पें जारी हैं।
ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और समझौता ज्ञापन के बाद भी तनाव बरकरार है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने कथित तौर पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस युद्ध में कुर्द बलों का इस्तेमाल न करने के लिए राजी किया था, जिससे क्षेत्रीय समीकरण और जटिल हुए हैं। ईरान ने इराकी राजदूत के माध्यम से बगदाद और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार से मांग की है कि वे या तो ईरानी कुर्द विपक्षी नेताओं को तेहरान को सौंप दें या उन्हें किसी तीसरे देश में स्थानांतरित करें।
पश्चिमी ईरान के कुर्द बहुल इलाकों में लंबे समय से व्यवस्थित भेदभाव और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों का इतिहास रहा है। फरवरी 2026 में सात प्रमुख कुर्द विपक्षी दलों ने ‘ईरानी कुर्दिस्तान की राजनीतिक ताकतों का गठबंधन’ बनाया, जिसका घोषित लक्ष्य राजनीतिक और सैन्य प्रयासों में समन्वय करना है। विश्लेषकों के अनुसार, यह गठबंधन पहले के वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर एक साझा मोर्चा बनाने की कोशिश है, लेकिन ईरान के भीतर अन्य अल्पसंख्यक समूहों और फारसी विपक्ष के एक वर्ग का कुर्द आंदोलन के प्रति संदेह इसे कमजोर कर सकता है।
फिलहाल, पावेह और सरावन हमलों की जांच जारी है और आईआरजीसी ने सीमावर्ती इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। तेहरान ने इराक से कुर्द विपक्षी ठिकानों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है, जबकि कुर्द समूहों ने अपने अभियान जारी रखने की घोषणा की है। आने वाले दिनों में सीमा पार तनाव और बढ़ने की आशंका है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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The US-Israeli offensive against Iran has triggered a surge in Iranian cyberattacks, with incidents tripling compared to the previous year. Israeli authorities report a worrying escalation that threatens regional security. Tehran's response manifests through hybrid warfare, not just military means.
Iran prepares to legally pursue the United States for human rights violations and to seize American assets, in response to the aggressions it has suffered. The Iranian judiciary chief announces international legal actions, presenting Tehran as a victim of US crimes. Iranian resistance unfolds on multiple fronts, including the legal one.
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