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खेलशुक्रवार, 26 जून 2026

रूसी जिमनास्ट टीम ने रोमानिया में विश्व चैलेंज कप से नाम वापस लिया, झंडा विवाद बना कारण

रोमानिया के क्लुज-नापोका में आयोजकों द्वारा रूसी ध्वज और राष्ट्रगान पर प्रतिबंध के बाद रूसी लयबद्ध जिमनास्टिक टीम ने टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया।

रूस की लयबद्ध जिमनास्टिक टीम ने 26 जून को रोमानिया के क्लुज-नापोका में शुरू हो रहे विश्व चैलेंज कप से अपना नाम वापस ले लिया। टीम ने यह कदम तब उठाया जब आयोजकों ने मौखिक रूप से सूचित किया कि प्रतियोगिता स्थल पर रूसी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाएगा और जीत की स्थिति में राष्ट्रगान नहीं बजाया जाएगा। रूसी जिमनास्टिक महासंघ (एफजीआर) ने इसे अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक महासंघ (वर्ल्ड जिमनास्टिक्स) के मई के उस निर्णय का सीधा उल्लंघन बताया, जिसमें रूसी एथलीटों को पूर्ण राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ बहाल कर दिया गया था।

क्लुज-नापोका के मेयर एमिल बॉक ने सोशल मीडिया पर पहले ही घोषणा कर दी थी कि शहर के बीटी एरिना में रूसी राज्य चिह्नों की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने रूस को 'यूरोप में एक आक्रामक राज्य' बताते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के देश में ऐसे राजनीतिक प्रतीकों का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। इस पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्थिति को 'अपमानजनक' करार दिया, जबकि रूसी खेल मंत्री मिखाइल देगत्यारेव ने कहा कि रूस रोमानिया को कम से कम जिमनास्टिक की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से वंचित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब वर्ल्ड जिमनास्टिक्स ने चार साल के प्रतिबंध के बाद मई 2025 में रूसी और बेलारूसी एथलीटों को पूर्ण अधिकारों के साथ फिर से शामिल कर लिया था। इससे पहले रूसी टीम ने चीन में आयोजित दूसरे चैलेंज कप में दस पदक जीते थे, जिसमें चार स्वर्ण शामिल थे। यूरोपीय जिमनास्टिक्स ने भी 24 मई को सभी प्रतिबंध हटा दिए थे, लेकिन कुछ यूरोपीय संघ के देश अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के निर्णयों की अनदेखी कर रहे हैं। यह मामला वैश्विक खेल प्रशासन के लिए एक चुनौती पेश करता है, जिसमें भारत जैसे देश भी खेलों के राजनीतिकरण से मुक्त रखने की वकालत करते रहे हैं।

रूसी जिमनास्टिक महासंघ ने कहा कि वह सभी उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय कानूनी तंत्रों के माध्यम से वर्ल्ड जिमनास्टिक्स के निर्णयों का बिना शर्त पालन सुनिश्चित कराएगा। टीम ने स्पष्ट किया कि वह केवल उन्हीं टूर्नामेंटों में भाग लेगी जहां नियमों का पूरी तरह पालन होता है। इस घटनाक्रम के बाद रोमानिया में भविष्य की अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक प्रतियोगिताओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, और रूसी टीम का ध्यान अब आगामी अनुपालन-युक्त प्रतियोगिताओं पर केंद्रित हो गया है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

41%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
रूसी और सीआईएस प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
आक्रोशपीड़ितभावप्रतिशोधवाद

रूसी टीम ने रोमानिया में विश्व कप से नाम वापस ले लिया क्योंकि आयोजकों ने झंडे और राष्ट्रगान पर प्रतिबंध लगा दिया, जो मई में अंतरराष्ट्रीय महासंघ के फैसले का सीधा उल्लंघन है। क्रेमलिन ने स्थिति को अपमानजनक बताया और खेल मंत्री ने रोमानिया से अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी छीनने के लिए हर संभव प्रयास करने की कसम खाई। बहिष्कार को राष्ट्रीय गरिमा और खेल नियमों की आवश्यक रक्षा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
उदासीनताव्यावहारिकता

रूसी जिमनास्टों ने रोमानिया में विश्व कप से नाम वापस ले लिया, जब स्थानीय आयोजकों ने कहा कि वे झंडा नहीं दिखाएंगे और न ही राष्ट्रगान बजाएंगे। रूसी महासंघ ने नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया और विश्व निकाय के पुनः प्रवेश निर्णय की ओर इशारा किया। प्रतियोगिता रूसी भागीदारी के बिना जारी है।

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रूसी जिमनास्ट टीम ने रोमानिया में विश्व चैलेंज कप से नाम वापस लिया, झंडा विवाद बना कारण

रोमानिया के क्लुज-नापोका में आयोजकों द्वारा रूसी ध्वज और राष्ट्रगान पर प्रतिबंध के बाद रूसी लयबद्ध जिमनास्टिक टीम ने टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया।

रूस की लयबद्ध जिमनास्टिक टीम ने 26 जून को रोमानिया के क्लुज-नापोका में शुरू हो रहे विश्व चैलेंज कप से अपना नाम वापस ले लिया। टीम ने यह कदम तब उठाया जब आयोजकों ने मौखिक रूप से सूचित किया कि प्रतियोगिता स्थल पर रूसी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाएगा और जीत की स्थिति में राष्ट्रगान नहीं बजाया जाएगा। रूसी जिमनास्टिक महासंघ (एफजीआर) ने इसे अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक महासंघ (वर्ल्ड जिमनास्टिक्स) के मई के उस निर्णय का सीधा उल्लंघन बताया, जिसमें रूसी एथलीटों को पूर्ण राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ बहाल कर दिया गया था।

क्लुज-नापोका के मेयर एमिल बॉक ने सोशल मीडिया पर पहले ही घोषणा कर दी थी कि शहर के बीटी एरिना में रूसी राज्य चिह्नों की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने रूस को 'यूरोप में एक आक्रामक राज्य' बताते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के देश में ऐसे राजनीतिक प्रतीकों का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। इस पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्थिति को 'अपमानजनक' करार दिया, जबकि रूसी खेल मंत्री मिखाइल देगत्यारेव ने कहा कि रूस रोमानिया को कम से कम जिमनास्टिक की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से वंचित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब वर्ल्ड जिमनास्टिक्स ने चार साल के प्रतिबंध के बाद मई 2025 में रूसी और बेलारूसी एथलीटों को पूर्ण अधिकारों के साथ फिर से शामिल कर लिया था। इससे पहले रूसी टीम ने चीन में आयोजित दूसरे चैलेंज कप में दस पदक जीते थे, जिसमें चार स्वर्ण शामिल थे। यूरोपीय जिमनास्टिक्स ने भी 24 मई को सभी प्रतिबंध हटा दिए थे, लेकिन कुछ यूरोपीय संघ के देश अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के निर्णयों की अनदेखी कर रहे हैं। यह मामला वैश्विक खेल प्रशासन के लिए एक चुनौती पेश करता है, जिसमें भारत जैसे देश भी खेलों के राजनीतिकरण से मुक्त रखने की वकालत करते रहे हैं।

रूसी जिमनास्टिक महासंघ ने कहा कि वह सभी उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय कानूनी तंत्रों के माध्यम से वर्ल्ड जिमनास्टिक्स के निर्णयों का बिना शर्त पालन सुनिश्चित कराएगा। टीम ने स्पष्ट किया कि वह केवल उन्हीं टूर्नामेंटों में भाग लेगी जहां नियमों का पूरी तरह पालन होता है। इस घटनाक्रम के बाद रोमानिया में भविष्य की अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक प्रतियोगिताओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, और रूसी टीम का ध्यान अब आगामी अनुपालन-युक्त प्रतियोगिताओं पर केंद्रित हो गया है।

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खेल · 3 स्रोत · 2 भाषाएँ

41%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक71%
न्यूनत्र29%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
रूसी और सीआईएस प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
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रूसी टीम ने रोमानिया में विश्व कप से नाम वापस ले लिया क्योंकि आयोजकों ने झंडे और राष्ट्रगान पर प्रतिबंध लगा दिया, जो मई में अंतरराष्ट्रीय महासंघ के फैसले का सीधा उल्लंघन है। क्रेमलिन ने स्थिति को अपमानजनक बताया और खेल मंत्री ने रोमानिया से अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी छीनने के लिए हर संभव प्रयास करने की कसम खाई। बहिष्कार को राष्ट्रीय गरिमा और खेल नियमों की आवश्यक रक्षा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

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रूसी जिमनास्टों ने रोमानिया में विश्व कप से नाम वापस ले लिया, जब स्थानीय आयोजकों ने कहा कि वे झंडा नहीं दिखाएंगे और न ही राष्ट्रगान बजाएंगे। रूसी महासंघ ने नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया और विश्व निकाय के पुनः प्रवेश निर्णय की ओर इशारा किया। प्रतियोगिता रूसी भागीदारी के बिना जारी है।

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