
बिजली-पानी संकट की वैश्विक झलक: ईरान, कोलंबिया और मेक्सिको में बुनियादी सेवाओं की चुनौतियाँ
ईरान में अनियोजित बिजली कटौती, कोलंबिया में ऊर्जा आपूर्ति की कमी और मेक्सिको में जल संकट के बीच सुधार-संघर्ष की मिली-जुली तस्वीर सामने आई है।
दुनिया के कई हिस्सों में बुनियादी सेवाओं—बिजली और पानी—की आपूर्ति गर्मी, बढ़ती मांग और पुराने बुनियादी ढाँचे के कारण दबाव में है। ईरान के उरमिया शहर में बिना सूचना के बिजली कटौती ने नागरिकों को परेशान कर दिया है, जबकि कोलंबिया में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। मेक्सिको के एकाटेपेक नगर में जलापूर्ति में ऐतिहासिक सुधार के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के बाहर प्रदर्शन जारी हैं। ये घटनाएँ बताती हैं कि बुनियादी सेवाओं का संकट केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं, बल्कि एक साझा वैश्विक चुनौती है।
ईरान के पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के उरमिया में भीषण गर्मी के दौरान बिजली की नियोजित कटौती की जा रही है, लेकिन 'बर्क-ए-मन' एप्लिकेशन पर सटीक समय-सारणी उपलब्ध न होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एप पर भारी खर्च के बाद भी या तो गलत कार्यक्रम दिखता है या कोई सूचना ही नहीं होती। इससे नागरिकों में असंतोष बढ़ा है और प्रशासन से जवाब माँगा जा रहा है।
कोलंबिया में बिजली की माँग सालाना लगभग 6% की दर से बढ़ रही है, जबकि नई उत्पादन क्षमता का विस्तार अपेक्षाओं से काफी पीछे है। एक्सएम के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में ऊर्जा आपूर्ति में 1.6% की कमी दर्ज की गई थी, जो 2026 में बढ़कर 2.3% होने का अनुमान है। इस वर्ष 4,475 मेगावाट नई बिजली जुड़ने की उम्मीद थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत तक मात्र 331 मेगावाट ही जोड़ा जा सका है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अल नीनो की 95% से अधिक संभावना और 'बहुत मजबूत' तीव्रता की 63% आशंका के बीच जलविद्युत पर निर्भरता जोखिम पैदा कर सकती है।
मेक्सिको के एकाटेपेक में जल प्रबंधन की मिली-जुली तस्वीर है। नगर प्रशासन के अनुसार, पहले 500 दिनों में क्विंटा ज़ोन में जलापूर्ति 30% से बढ़कर 85% हो गई है, जिसके लिए 1,784 मिलियन पेसो का निवेश, 24 निष्क्रिय कुओं का पुनरुद्धार और जल चोरी पर अंकुश जैसे कदम उठाए गए। लेकिन दूसरी ओर, नुएवा आरागोन, मीडिया लूना और फ़ुएंतेस दे आरागोन जैसी कॉलोनियों के निवासी पाँच वर्षों से पानी की कमी और दूषित आपूर्ति के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे हैं। दो रिट याचिकाओं (13/2026 और 14/2026) पर सुनवाई लंबित है, जिनके निपटारे से 164 से अधिक समुदायों को राहत मिल सकती है।
दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत के लिए ये उदाहरण प्रासंगिक हैं, जहाँ गर्मियों में बिजली की माँग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच जाती है और कई शहर जल संकट से जूझते हैं। बुनियादी ढाँचे में निवेश, माँग प्रबंधन और पारदर्शी सूचना प्रणाली की कमी एक साझा समस्या है। अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव: कोलंबिया में अल नीनो की स्थिति स्पष्ट होना, मेक्सिको की सर्वोच्च न्यायालय में जल याचिकाओं पर अपेक्षित निर्णय, और ईरान में बिजली कटौती की सूचना प्रणाली में सुधार के लिए प्रशासनिक प्रतिक्रिया।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.60 | critical |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
उरमिया के निवासी बिना सूचना के बिजली कटौती झेलते हैं और आधिकारिक ऐप बेकार है। अधिकारी जवाब नहीं देते।
लेख व्यक्तिगत गवाही और ऐप का उपयोग करने के बार-बार विफल प्रयासों का उपयोग करके सरकारी अक्षमता का मामला बनाता है।
लेख कटौती के व्यापक कारणों, जैसे ईंधन की कमी या बुनियादी ढांचे की समस्याओं का कोई उल्लेख नहीं करता, केवल ऐप की विफलता पर ध्यान केंद्रित करता है।
हम मेरिडा में ब्लैकआउट और एकाटेपेक में पानी की कमी की निंदा करते हैं, लेकिन पानी की कवरेज में वृद्धि को भी स्वीकार करते हैं। हम चेतावनी देते हैं कि कोलंबिया में गलत सूचना संकट का कारण बन सकती है।
यह खंड विरोध और सरकारी सफलताओं की खबरों को वैकल्पिक करता है, एक विरोधाभास पैदा करता है जो अपर्याप्त प्रगति और अनसुलझे तनाव का सुझाव देता है।
सकारात्मक खबरें यह छोड़ देती हैं कि कई क्षेत्रों में अभी भी पानी की कमी है और विरोध जारी है; आलोचनात्मक खबरें सरकारी निवेश और सुधारों को छोड़ देती हैं।
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