
वैश्विक एफडीआई में 6% उछाल, लेकिन निवेश AI और रणनीतिक क्षेत्रों में सिमटा: भारत को बढ़त, बांग्लादेश पिछड़ा
अंकटाड की विश्व निवेश रिपोर्ट 2026 के अनुसार, 2025 में वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 1.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, लेकिन इसका लाभ असमान रूप से बंटा और अधिकांश पूंजी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा संक्रमण जैसे रणनीतिक उद्योगों की ओर मुड़ गई।
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (अंकटाड) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि दो साल की गिरावट के बाद 2025 में वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 6 प्रतिशत बढ़कर 1,624 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह सुधार व्यापक नहीं है: विकसित अर्थव्यवस्थाओं में प्रवाह 11 प्रतिशत बढ़ा, जबकि विकासशील देशों में केवल 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। निवेश का स्वरूप भी बदल रहा है—2025 में वैश्विक ग्रीनफील्ड परियोजना मूल्य का 44 प्रतिशत हिस्सा एआई अवसंरचना, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा संक्रमण प्रौद्योगिकियों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में केंद्रित रहा, जो 2020 में मात्र 16 प्रतिशत था।
इस बदलाव ने एशिया के निवेश मानचित्र को प्रभावित किया है। विकासशील एशिया 644 अरब डॉलर के साथ सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता क्षेत्र बना रहा, लेकिन पूर्वी एशिया में गिरावट के बीच दक्षिण-पूर्व एशिया, दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया में वृद्धि दर्ज की गई। भारत में एफडीआई प्रवाह 44 प्रतिशत उछलकर 39 अरब डॉलर हो गया, जिससे वह वैश्विक स्तर पर 11वें स्थान पर पहुंच गया। अंकटाड के अनुसार, भारत का पैमाना, तेजी से बढ़ती डिजिटल मांग, तकनीकी कौशल और क्लाउड सेवाओं का विस्तार इसके प्रमुख आकर्षण हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 48.2 अरब डॉलर के साथ अरब जगत में शीर्ष स्थान बनाए रखा और वैश्विक रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंच गया।
इसके विपरीत, बांग्लादेश को 2025 में केवल 1.78 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ, जो 45 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद युगांडा, घाना और कांगो जैसी छोटी अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं से भी कम है। पॉलिसी एक्सचेंज बांग्लादेश के अध्यक्ष एम. मसरूर रियाज ने बताया कि इस वृद्धि का अधिकांश हिस्सा पुनर्निवेश है, न कि नई परियोजनाएं, जिससे रोजगार या कौशल विकास सीमित रहता है। अफ्रीका में कुल एफडीआई 70 अरब डॉलर रहा, जो 2024 के असाधारण स्तर से कम लेकिन दीर्घकालिक औसत से एक-तिहाई अधिक है; मिस्र 15 अरब डॉलर के साथ महाद्वीप का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बना रहा।
रणनीतिक क्षेत्रों की ओर पूंजी के इस झुकाव ने एआई निवेश की स्थिरता पर बहस छेड़ दी है। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में 1990 के दशक के डॉट-कॉम बुलबुले से समानता की ओर इशारा करते हुए कहा कि वास्तविक तकनीकी प्रगति के बावजूद, हर डॉलर के सतत प्रतिफल की गारंटी नहीं है। वहीं, ओपनएआई और एंथ्रोपिक अरबों डॉलर के मूल्यांकन पर आईपीओ की दौड़ में हैं, जो इस उद्योग के लिए पहला सार्वजनिक बेंचमार्क तय करेगा।
अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव अक्टूबर 2026 में दोहा में होने वाला अंकटाड का विश्व निवेश मंच है, जहां सरकारें और निवेशक इस चयनात्मक निवेश परिदृश्य को व्यापक विकास लाभ में बदलने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.70 | aligned |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.80 | aligned |
UNCTAD रिपोर्ट चेतावनी देती है: सुधार नाजुक और असमान है, कुछ देशों और क्षेत्रों में केंद्रित है।
समग्र डेटा और चेतावनियों का उपयोग करके एक सतर्क तस्वीर बनाता है, स्थानीय सफलताओं पर जोर दिए बिना।
भारत या मैक्सिको जैसे देशों की विशिष्ट सफलताओं का उल्लेख नहीं करता, जो अधिक आशावादी दृष्टिकोण प्रदान कर सकते हैं।
मेक्सिको शीर्ष 10 में वापसी का जश्न मनाता है, निवेश आकर्षित करने में अपनी सफलता पर प्रकाश डालता है।
सकारात्मक राष्ट्रीय डेटा का चयन करता है और उसे प्रमुखता देता है, उसे वैश्विक नाजुकता के संदर्भ से अलग करता है।
इस तथ्य को छोड़ देता है कि वैश्विक सुधार नाजुक और असमान है, और कई विकासशील देशों में केवल मामूली वृद्धि हुई है।
भारत एफडीआई में 44% की वृद्धि का दावा करता है, जो एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में अपनी छवि को मजबूत करता है।
प्रतिशत वृद्धि और अनुकूल नीति संदर्भ पर जोर देता है, जबकि वैश्विक आपत्तियों को कम करता है।
यह उजागर नहीं करता कि वैश्विक वृद्धि कुछ देशों में केंद्रित है और उसी UNCTAD रिपोर्ट द्वारा सुधार को नाजुक बताया गया है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले, तेल प्रतिबंध फिर लागू
8 भाषाएँ · 43 स्रोत
Technology सेGPT-5.6: अमेरिकी मंजूरी के बाद ओपनएआई का नया एआई मॉडल गुरुवार को सार्वजनिक होगा
6 भाषाएँ · 14 स्रोत
Science & Health सेनींद की कमी और खानपान का सेहत पर दोहरा असर: नए अध्ययनों में खुलासा
9 भाषाएँ · 13 स्रोत