Edition of 06:00 CETरविवार, 19 जुलाई 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 189 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
दस गोल का रोमांच: इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य, साका की हैट्रिक और एम्बाप्पे का रिकॉर्डहोर्मुज जलडमरूमध्य पर हमलों के बीच यूएई ने तनाव घटाने की अपील की, यूरोपीय-खाड़ी गठबंधन ने ईरान को चेतावनी दीकनाडा: जंगल की आग से 600 की निकासी, अमेरिका में धुएं से हवा 'अस्वस्थ'डायनासोर का सफाया करने वाला उल्कापिंड था अत्यंत दुर्लभ, दूसरे खगोलीय पत्थर में मिले जीवन-निर्माण के अणुअमेरिका में ICE ऑपरेशनों के दौरान दो प्रवासियों की गोली मारकर हत्या, जांच जारीज़ेलेंस्की ने सेना प्रमुख सिर्स्की को हटाने का किया संकेत, विरोध प्रदर्शनों के बीच कमांडरों से मंत्रणाजब एक घड़ी के पीछे छिपी थी पूरी ज़िंदगी: मुखौटों, मौन और आत्म-अभिव्यक्ति की कहानियाँपिता का नाम नहीं, क़र्ज़ नहीं: बदलते परिवार की अनकही कहानियाँदस गोल का रोमांच: इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य, साका की हैट्रिक और एम्बाप्पे का रिकॉर्डहोर्मुज जलडमरूमध्य पर हमलों के बीच यूएई ने तनाव घटाने की अपील की, यूरोपीय-खाड़ी गठबंधन ने ईरान को चेतावनी दीकनाडा: जंगल की आग से 600 की निकासी, अमेरिका में धुएं से हवा 'अस्वस्थ'डायनासोर का सफाया करने वाला उल्कापिंड था अत्यंत दुर्लभ, दूसरे खगोलीय पत्थर में मिले जीवन-निर्माण के अणुअमेरिका में ICE ऑपरेशनों के दौरान दो प्रवासियों की गोली मारकर हत्या, जांच जारीज़ेलेंस्की ने सेना प्रमुख सिर्स्की को हटाने का किया संकेत, विरोध प्रदर्शनों के बीच कमांडरों से मंत्रणाजब एक घड़ी के पीछे छिपी थी पूरी ज़िंदगी: मुखौटों, मौन और आत्म-अभिव्यक्ति की कहानियाँपिता का नाम नहीं, क़र्ज़ नहीं: बदलते परिवार की अनकही कहानियाँ
खेलमंगलवार, 14 जुलाई 2026

अटलांटा में इतिहास और खेल के बीच स्कालोनी का स्पष्ट रुख

अर्जेंटीना के कोच ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल को माल्विनास युद्ध की स्मृतियों से अलग रखने की अपील करते हुए टीम की खेल-शैली पर ध्यान केंद्रित किया।

अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में मंगलवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस का केंद्र कोई सामरिक दांव नहीं, बल्कि लियोनेल स्कालोनी का एक साफ संदेश बना: “यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच है, इसे किसी और चीज से मिलाना पागलपन होगा।” अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच 24 साल बाद हो रहे इस पहले आधिकारिक मुकाबले से पहले कोच ने 1982 के माल्विनास युद्ध और 1986 के माराडोना क्षणों की गूंज को खेल की वास्तविकता से अलग करने की जरूरत पर जोर दिया। स्कालोनी ने कहा कि शहीदों को याद करना जरूरी है, लेकिन मौजूदा खिलाड़ियों और दर्शकों का उस इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है।

यह बयान उस वक्त आया जब अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में संघर्षपूर्ण जीत के बाद अपनी पहचान तलाश रही थी। स्कालोनी ने स्वीकार किया कि टीम को “गेंद के साथ खेलना फिर से सीखना होगा” और वह लंबे अंतराल तक अपनी सामान्य लय से दूर रही। उन्होंने संकेत दिए कि इंग्लैंड की विस्फोटक गति—खासकर जूड बेलिंगहम और हैरी केन जैसे खिलाड़ियों—को बेअसर करने के लिए शुरुआती ग्यारह में बदलाव संभव है, हालांकि अंतिम फैसला मैच से पहले ही खिलाड़ियों को बताया जाएगा। कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी खिलाड़ी पूरी शारीरिक स्थिति में न होने पर नहीं उतारा जाएगा, चाहे मैच कितना भी बड़ा क्यों न हो।

दक्षिण अमेरिकी मीडिया में इस रुख को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। अर्जेंटीना के कई अखबारों ने स्कालोनी के तकनीकी फोकस को रेखांकित किया, जबकि डिएगो माराडोना जूनियर ने इटली से एक विपरीत स्वर जोड़ते हुए कहा कि “इंग्लैंड के खिलाफ कुछ भी सामान्य नहीं है।” ब्राजील के समाचार आउटलेट्स ने इस ऐतिहासिक तनाव को विस्तार से समझाया, जिसमें 649 अर्जेंटीनी और 255 ब्रिटिश सैनिकों की मौत का जिक्र किया गया। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने इस मैच को टूर्नामेंट का सबसे अधिक जोखिम वाला मुकाबला करार दिया और माल्विनास से जुड़े झंडों पर स्टेडियम में प्रतिबंध लगा दिया।

खेल के मैदान पर अर्जेंटीना की राह आसान नहीं रही। केप वर्डे और मिस्र के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद स्विट्जरलैंड को हराने तक टीम ने कई बार अपनी सीमाएं दिखाईं, लेकिन लियोनेल मेसी का निर्णायक प्रभाव लगातार बना रहा। यह पहला मौका होगा जब मेसी अपने करियर में इंग्लिश टीम के सामने होंगे। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने नॉर्वे को अतिरिक्त समय में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और थॉमस टूशेल की टीम छह दशक बाद पहली विश्व कप फाइनल की तलाश में है। स्कालोनी ने स्पेन की फ्रांस पर 2-0 की जीत को “इस विश्व कप का सबसे संपूर्ण प्रदर्शन” बताते हुए कहा कि फाइनल में पहुंचने वाली टीम को हर हाल में कष्ट सहना पड़ता है।

अब सारी निगाहें बुधवार की शाम पर टिकी हैं, जहां विजेता रविवार को स्पेन के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेगा। स्कालोनी ने प्रशंसकों से कहा कि वे इस पल का आनंद लें और भरोसा रखें कि टीम आखिरी सांस तक सब कुछ झोंक देगी। अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड के सामने 1966 के बाद पहली बार इस मुकाम को छूने का मौका होगा।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
दस गोल का रोमांच: इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य, साका की हैट्रिक और एम्बाप्पे का रिकॉर्ड·होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमलों के बीच यूएई ने तनाव घटाने की अपील की, यूरोपीय-खाड़ी गठबंधन ने ईरान को चेतावनी दी·कनाडा: जंगल की आग से 600 की निकासी, अमेरिका में धुएं से हवा 'अस्वस्थ'·डायनासोर का सफाया करने वाला उल्कापिंड था अत्यंत दुर्लभ, दूसरे खगोलीय पत्थर में मिले जीवन-निर्माण के अणु·अमेरिका में ICE ऑपरेशनों के दौरान दो प्रवासियों की गोली मारकर हत्या, जांच जारी·ज़ेलेंस्की ने सेना प्रमुख सिर्स्की को हटाने का किया संकेत, विरोध प्रदर्शनों के बीच कमांडरों से मंत्रणा·जब एक घड़ी के पीछे छिपी थी पूरी ज़िंदगी: मुखौटों, मौन और आत्म-अभिव्यक्ति की कहानियाँ·पिता का नाम नहीं, क़र्ज़ नहीं: बदलते परिवार की अनकही कहानियाँ·दस गोल का रोमांच: इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य, साका की हैट्रिक और एम्बाप्पे का रिकॉर्ड·होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमलों के बीच यूएई ने तनाव घटाने की अपील की, यूरोपीय-खाड़ी गठबंधन ने ईरान को चेतावनी दी·कनाडा: जंगल की आग से 600 की निकासी, अमेरिका में धुएं से हवा 'अस्वस्थ'·डायनासोर का सफाया करने वाला उल्कापिंड था अत्यंत दुर्लभ, दूसरे खगोलीय पत्थर में मिले जीवन-निर्माण के अणु·अमेरिका में ICE ऑपरेशनों के दौरान दो प्रवासियों की गोली मारकर हत्या, जांच जारी·ज़ेलेंस्की ने सेना प्रमुख सिर्स्की को हटाने का किया संकेत, विरोध प्रदर्शनों के बीच कमांडरों से मंत्रणा·जब एक घड़ी के पीछे छिपी थी पूरी ज़िंदगी: मुखौटों, मौन और आत्म-अभिव्यक्ति की कहानियाँ·पिता का नाम नहीं, क़र्ज़ नहीं: बदलते परिवार की अनकही कहानियाँ·
अपडेट 03:18 am2 भाषाएँ · 10 स्रोत
10 स्रोत|2 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
मंगलवार, 14 जुलाई 2026

अटलांटा में इतिहास और खेल के बीच स्कालोनी का स्पष्ट रुख

अर्जेंटीना के कोच ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल को माल्विनास युद्ध की स्मृतियों से अलग रखने की अपील करते हुए टीम की खेल-शैली पर ध्यान केंद्रित किया।

अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में मंगलवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस का केंद्र कोई सामरिक दांव नहीं, बल्कि लियोनेल स्कालोनी का एक साफ संदेश बना: “यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच है, इसे किसी और चीज से मिलाना पागलपन होगा।” अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच 24 साल बाद हो रहे इस पहले आधिकारिक मुकाबले से पहले कोच ने 1982 के माल्विनास युद्ध और 1986 के माराडोना क्षणों की गूंज को खेल की वास्तविकता से अलग करने की जरूरत पर जोर दिया। स्कालोनी ने कहा कि शहीदों को याद करना जरूरी है, लेकिन मौजूदा खिलाड़ियों और दर्शकों का उस इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है।

यह बयान उस वक्त आया जब अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में संघर्षपूर्ण जीत के बाद अपनी पहचान तलाश रही थी। स्कालोनी ने स्वीकार किया कि टीम को “गेंद के साथ खेलना फिर से सीखना होगा” और वह लंबे अंतराल तक अपनी सामान्य लय से दूर रही। उन्होंने संकेत दिए कि इंग्लैंड की विस्फोटक गति—खासकर जूड बेलिंगहम और हैरी केन जैसे खिलाड़ियों—को बेअसर करने के लिए शुरुआती ग्यारह में बदलाव संभव है, हालांकि अंतिम फैसला मैच से पहले ही खिलाड़ियों को बताया जाएगा। कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी खिलाड़ी पूरी शारीरिक स्थिति में न होने पर नहीं उतारा जाएगा, चाहे मैच कितना भी बड़ा क्यों न हो।

दक्षिण अमेरिकी मीडिया में इस रुख को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। अर्जेंटीना के कई अखबारों ने स्कालोनी के तकनीकी फोकस को रेखांकित किया, जबकि डिएगो माराडोना जूनियर ने इटली से एक विपरीत स्वर जोड़ते हुए कहा कि “इंग्लैंड के खिलाफ कुछ भी सामान्य नहीं है।” ब्राजील के समाचार आउटलेट्स ने इस ऐतिहासिक तनाव को विस्तार से समझाया, जिसमें 649 अर्जेंटीनी और 255 ब्रिटिश सैनिकों की मौत का जिक्र किया गया। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने इस मैच को टूर्नामेंट का सबसे अधिक जोखिम वाला मुकाबला करार दिया और माल्विनास से जुड़े झंडों पर स्टेडियम में प्रतिबंध लगा दिया।

खेल के मैदान पर अर्जेंटीना की राह आसान नहीं रही। केप वर्डे और मिस्र के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद स्विट्जरलैंड को हराने तक टीम ने कई बार अपनी सीमाएं दिखाईं, लेकिन लियोनेल मेसी का निर्णायक प्रभाव लगातार बना रहा। यह पहला मौका होगा जब मेसी अपने करियर में इंग्लिश टीम के सामने होंगे। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने नॉर्वे को अतिरिक्त समय में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और थॉमस टूशेल की टीम छह दशक बाद पहली विश्व कप फाइनल की तलाश में है। स्कालोनी ने स्पेन की फ्रांस पर 2-0 की जीत को “इस विश्व कप का सबसे संपूर्ण प्रदर्शन” बताते हुए कहा कि फाइनल में पहुंचने वाली टीम को हर हाल में कष्ट सहना पड़ता है।

अब सारी निगाहें बुधवार की शाम पर टिकी हैं, जहां विजेता रविवार को स्पेन के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेगा। स्कालोनी ने प्रशंसकों से कहा कि वे इस पल का आनंद लें और भरोसा रखें कि टीम आखिरी सांस तक सब कुछ झोंक देगी। अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड के सामने 1966 के बाद पहली बार इस मुकाम को छूने का मौका होगा।

स्रोतों में मतभेद

खेल · 10 स्रोत · 2 भाषाएँ

0%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

यह समाचार यहाँ छपा

10 स्रोत · 2 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Geopolitics & Politics से

न्यूयॉर्क के मेयर ने नेतन्याहू की गिरफ्तारी की संभावना तलाशी, कानूनी अड़चनें बरकरार

12 भाषाएँ · 38 स्रोत

Economy & Markets से

अमेरिकी शुल्क युद्ध: ब्राज़ील पर 25% टैरिफ, लूला ने 'पारस्परिकता कानून' सक्रिय करने की चेतावनी दी

2 भाषाएँ · 14 स्रोत

Technology से

विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान: भारत बना निजी कक्षीय रॉकेट क्षमता वाला तीसरा देश

5 भाषाएँ · 8 स्रोत

और पढ़ें