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नाटो शिखर सम्मेलन: ट्रंप को मनाने के लिए 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदों की घोषणाजब माँ बनना जीवन की योजना का हिस्सा नहीं रहा: अर्जेंटीना से वैश्विक मंच तक बदलते परिवार के सपनेनेतन्याहू ने तुर्की को F-35 बिक्री का विरोध किया, ट्रंप के रुख से बढ़ी चिंताअमेरिकी कमांडरों ने खुफिया चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, ईरानी स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौतउभरते बाजारों में कर्ज संकट: ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना में बढ़ता बकाया, नियामक सख्ती की ओरजम्मू-कश्मीर में राज्य की मांग और पाक अधिकृत क्षेत्र में जनाक्रोश: दिल्ली से मुज़फ़्फ़राबाद तक सियासी हलचलजुलाई की रातों में आसमान से मिलते बच्चे: शनि के छल्लों, धूमकेतु और नाटकों के बीच सांस्कृतिक छुट्टियाँलेबनानी राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस का न्योता: रोम और वाशिंगटन में ढांचा समझौते की परीक्षानाटो शिखर सम्मेलन: ट्रंप को मनाने के लिए 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदों की घोषणाजब माँ बनना जीवन की योजना का हिस्सा नहीं रहा: अर्जेंटीना से वैश्विक मंच तक बदलते परिवार के सपनेनेतन्याहू ने तुर्की को F-35 बिक्री का विरोध किया, ट्रंप के रुख से बढ़ी चिंताअमेरिकी कमांडरों ने खुफिया चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, ईरानी स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौतउभरते बाजारों में कर्ज संकट: ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना में बढ़ता बकाया, नियामक सख्ती की ओरजम्मू-कश्मीर में राज्य की मांग और पाक अधिकृत क्षेत्र में जनाक्रोश: दिल्ली से मुज़फ़्फ़राबाद तक सियासी हलचलजुलाई की रातों में आसमान से मिलते बच्चे: शनि के छल्लों, धूमकेतु और नाटकों के बीच सांस्कृतिक छुट्टियाँलेबनानी राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस का न्योता: रोम और वाशिंगटन में ढांचा समझौते की परीक्षा
रक्षा एवं सुरक्षाशुक्रवार, 3 जुलाई 2026

52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, भारत-जापान सहयोग पर चीन की आपत्ति

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने स्वदेशी मिसाइलों, ड्रोन रोधी प्रणालियों और कामिकेज़ ड्रोन समेत बड़े सौदों को सैद्धांतिक मंजूरी दी, वहीं जापान के साथ बढ़ते रक्षा संबंधों पर बीजिंग ने चिंता जताई।

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये (6.3 अरब डॉलर) के सैन्य उपकरणों की खरीद को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें ड्रोन रोधी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ‘आकाश तरंग’, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम), मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (वी-शोरैड), टैंकों के लिए सक्रिय सुरक्षा प्रणाली, जेट-आधारित कामिकेज़ ड्रोन, नौसेना के लिए मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन और शिपबोर्न ड्रोन, तथा वायुसेना के लिए फिक्स्ड-विंग हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (एफडब्ल्यू-एचएपीएस) शामिल हैं। यह मंजूरी खरीद प्रक्रिया का पहला चरण है और इसके बाद अनुबंध वार्ता व टेंडर जारी किए जाएंगे।

इस फैसले को ऐसे समय में लिया गया जब भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग गहराने पर चीन ने आपत्ति दर्ज की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि देशों के बीच सहयोग “किसी तीसरे पक्ष को निशाना न बनाए और न ही किसी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान पहुंचाए।” यह बयान जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की भारत यात्रा के ठीक बाद आया, जिसमें दोनों देशों ने जापान की यूनिकॉर्न नौसैनिक स्टील्थ प्रणाली के सह-उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग और आर्थिक साझेदारी ढांचे पर सहमति बनाई। जापानी प्रधानमंत्री ने “अर्थव्यवस्था के हथियारीकरण” का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देश गैर-बाजार नीतियों की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारेक रहमान की हालिया चीन यात्रा पर कहा कि भारत पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखता है और समय आने पर आवश्यक कदम उठाता है। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, इस यात्रा के दौरान चीन ने बांग्लादेश-म्यांमार-चीन आर्थिक गलियारे का प्रस्ताव रखा और जे-10सी लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा हुई, हालांकि ढाका ने अभी तक कोई औपचारिक रुख नहीं अपनाया है। भारत ने तीस्ता नदी परियोजना पर अपने रुख से बांग्लादेश को अवगत करा दिया है और कहा है कि द्विपक्षीय रोडमैप की नियमित समीक्षा होती है।

रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से भारतीय मीडिया में आए विश्लेषण बताते हैं कि डीएसी की मंजूरी भारत की रूस पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है। पिछले वर्ष पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष और हिंद महासागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति ने नौसेना के आधुनिकीकरण की जरूरत को और रेखांकित किया है। भारत का मौजूदा रक्षा बजट 85 अरब डॉलर है और दिसंबर में कम से कम 75 जंगी जहाजों व पनडुब्बियों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं।

इस बीच, भारत और जापान ने 2027 को ‘साझा क्षितिज वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है, जिसमें क्रिकेट मैच, एनीमे-मांगा सहयोग और बौद्ध सर्किट पर्यटन जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। डीएसी द्वारा मंजूर खरीद प्रस्ताव अब औपचारिक अनुबंध प्रक्रिया में प्रवेश करेंगे, जबकि बांग्लादेश चीन के आर्थिक गलियारे के प्रस्ताव की जांच कर रहा है और जापान के साथ यूनिकॉर्न प्रणाली का सह-उत्पादन जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Sovereignty vs. Alliance
34%मध्यम
3 ब्लॉक · स्थिति −0.20 से +0.60 तक
Skeptical of bloc thinkingEmbraces strategic partnership
INDGLFALM
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस+0.60aligned
अरब खाड़ी प्रेस0.00neutral
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.20neutral
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस+0.60
स्वर

India reaffirms its strategic autonomy and rejects Chinese interference.

तंत्रriproiezione

Presents cooperation with Japan as a sovereign choice and not as a bloc, downplaying the Chinese warning.

व्यावहारिकतासंदेह
अरब खाड़ी प्रेस0.00
स्वर

The Gulf observes with detachment, assessing implications for its own security.

तंत्रdistacco osservativo

Adopts a neutral and descriptive tone, avoiding taking sides.

उदासीनताव्यावहारिकता
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.20
स्वर

The Arab world warns against the logic of blocs, mindful of its own experiences.

तंत्रuniversalizzazione

Uses regional historical experience to legitimize the Chinese concern.

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नाटो शिखर सम्मेलन: ट्रंप को मनाने के लिए 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदों की घोषणा·जब माँ बनना जीवन की योजना का हिस्सा नहीं रहा: अर्जेंटीना से वैश्विक मंच तक बदलते परिवार के सपने·नेतन्याहू ने तुर्की को F-35 बिक्री का विरोध किया, ट्रंप के रुख से बढ़ी चिंता·अमेरिकी कमांडरों ने खुफिया चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, ईरानी स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौत·उभरते बाजारों में कर्ज संकट: ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना में बढ़ता बकाया, नियामक सख्ती की ओर·जम्मू-कश्मीर में राज्य की मांग और पाक अधिकृत क्षेत्र में जनाक्रोश: दिल्ली से मुज़फ़्फ़राबाद तक सियासी हलचल·जुलाई की रातों में आसमान से मिलते बच्चे: शनि के छल्लों, धूमकेतु और नाटकों के बीच सांस्कृतिक छुट्टियाँ·लेबनानी राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस का न्योता: रोम और वाशिंगटन में ढांचा समझौते की परीक्षा·नाटो शिखर सम्मेलन: ट्रंप को मनाने के लिए 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदों की घोषणा·जब माँ बनना जीवन की योजना का हिस्सा नहीं रहा: अर्जेंटीना से वैश्विक मंच तक बदलते परिवार के सपने·नेतन्याहू ने तुर्की को F-35 बिक्री का विरोध किया, ट्रंप के रुख से बढ़ी चिंता·अमेरिकी कमांडरों ने खुफिया चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, ईरानी स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौत·उभरते बाजारों में कर्ज संकट: ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना में बढ़ता बकाया, नियामक सख्ती की ओर·जम्मू-कश्मीर में राज्य की मांग और पाक अधिकृत क्षेत्र में जनाक्रोश: दिल्ली से मुज़फ़्फ़राबाद तक सियासी हलचल·जुलाई की रातों में आसमान से मिलते बच्चे: शनि के छल्लों, धूमकेतु और नाटकों के बीच सांस्कृतिक छुट्टियाँ·लेबनानी राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस का न्योता: रोम और वाशिंगटन में ढांचा समझौते की परीक्षा·
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शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, भारत-जापान सहयोग पर चीन की आपत्ति

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने स्वदेशी मिसाइलों, ड्रोन रोधी प्रणालियों और कामिकेज़ ड्रोन समेत बड़े सौदों को सैद्धांतिक मंजूरी दी, वहीं जापान के साथ बढ़ते रक्षा संबंधों पर बीजिंग ने चिंता जताई।

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये (6.3 अरब डॉलर) के सैन्य उपकरणों की खरीद को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें ड्रोन रोधी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ‘आकाश तरंग’, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम), मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (वी-शोरैड), टैंकों के लिए सक्रिय सुरक्षा प्रणाली, जेट-आधारित कामिकेज़ ड्रोन, नौसेना के लिए मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन और शिपबोर्न ड्रोन, तथा वायुसेना के लिए फिक्स्ड-विंग हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (एफडब्ल्यू-एचएपीएस) शामिल हैं। यह मंजूरी खरीद प्रक्रिया का पहला चरण है और इसके बाद अनुबंध वार्ता व टेंडर जारी किए जाएंगे।

इस फैसले को ऐसे समय में लिया गया जब भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग गहराने पर चीन ने आपत्ति दर्ज की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि देशों के बीच सहयोग “किसी तीसरे पक्ष को निशाना न बनाए और न ही किसी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान पहुंचाए।” यह बयान जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की भारत यात्रा के ठीक बाद आया, जिसमें दोनों देशों ने जापान की यूनिकॉर्न नौसैनिक स्टील्थ प्रणाली के सह-उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग और आर्थिक साझेदारी ढांचे पर सहमति बनाई। जापानी प्रधानमंत्री ने “अर्थव्यवस्था के हथियारीकरण” का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देश गैर-बाजार नीतियों की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारेक रहमान की हालिया चीन यात्रा पर कहा कि भारत पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखता है और समय आने पर आवश्यक कदम उठाता है। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, इस यात्रा के दौरान चीन ने बांग्लादेश-म्यांमार-चीन आर्थिक गलियारे का प्रस्ताव रखा और जे-10सी लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा हुई, हालांकि ढाका ने अभी तक कोई औपचारिक रुख नहीं अपनाया है। भारत ने तीस्ता नदी परियोजना पर अपने रुख से बांग्लादेश को अवगत करा दिया है और कहा है कि द्विपक्षीय रोडमैप की नियमित समीक्षा होती है।

रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से भारतीय मीडिया में आए विश्लेषण बताते हैं कि डीएसी की मंजूरी भारत की रूस पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है। पिछले वर्ष पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष और हिंद महासागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति ने नौसेना के आधुनिकीकरण की जरूरत को और रेखांकित किया है। भारत का मौजूदा रक्षा बजट 85 अरब डॉलर है और दिसंबर में कम से कम 75 जंगी जहाजों व पनडुब्बियों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं।

इस बीच, भारत और जापान ने 2027 को ‘साझा क्षितिज वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है, जिसमें क्रिकेट मैच, एनीमे-मांगा सहयोग और बौद्ध सर्किट पर्यटन जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। डीएसी द्वारा मंजूर खरीद प्रस्ताव अब औपचारिक अनुबंध प्रक्रिया में प्रवेश करेंगे, जबकि बांग्लादेश चीन के आर्थिक गलियारे के प्रस्ताव की जांच कर रहा है और जापान के साथ यूनिकॉर्न प्रणाली का सह-उत्पादन जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Sovereignty vs. Alliance
34%मध्यम
3 ब्लॉक · स्थिति −0.20 से +0.60 तक
Skeptical of bloc thinkingEmbraces strategic partnership
INDGLFALM
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भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस+0.60aligned
अरब खाड़ी प्रेस0.00neutral
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.20neutral
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस+0.60
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India reaffirms its strategic autonomy and rejects Chinese interference.

तंत्रriproiezione

Presents cooperation with Japan as a sovereign choice and not as a bloc, downplaying the Chinese warning.

व्यावहारिकतासंदेह
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The Gulf observes with detachment, assessing implications for its own security.

तंत्रdistacco osservativo

Adopts a neutral and descriptive tone, avoiding taking sides.

उदासीनताव्यावहारिकता
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.20
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