
वेनेजुएला में भूकंप से पहले गूगल अलर्ट ने बचाई जानें: कैसे काम करता है एंड्रॉयड का सिस्मिक सिस्टम
24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंप में एंड्रॉयड अलर्ट सिस्टम ने लाखों लोगों को कुछ सेकंड पहले चेतावनी दी, जिससे वे सुरक्षित स्थान पर जा सके।
24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 589 से अधिक लोगों की मौत हुई और हजारों घायल हुए। इस आपदा के बीच, गूगल के एंड्रॉयड अर्थक्वेक अलर्ट सिस्टम ने लाखों स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को भूकंप की लहरों के पहुंचने से कुछ सेकंड पहले चेतावनी भेजी, जिससे कई लोग इमारतों से बाहर निकलने या सुरक्षित स्थान पर जाने में सफल रहे। वेनेजुएला के पास कोई राष्ट्रीय पूर्व चेतावनी प्रणाली नहीं है, इसलिए इस क्राउडसोर्स्ड तकनीक ने वहां एक महत्वपूर्ण अंतर भरा।
यह सिस्टम स्मार्टफोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर सेंसर का उपयोग करता है, जो भूकंप की तेज़ लेकिन कम विनाशकारी प्राथमिक तरंगों (P-वेव्स) का पता लगाता है। जब एक ही क्षेत्र में कई फोन एक साथ कंपन दर्ज करते हैं, तो गूगल के सर्वर डेटा का विश्लेषण कर भूकंप के केंद्र और तीव्रता का अनुमान लगाते हैं और फिर धीमी लेकिन अधिक खतरनाक सेकेंडरी तरंगों (S-वेव्स) के पहुंचने से पहले चेतावनी जारी करते हैं। यह तकनीक भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करती, बल्कि शुरुआती झटकों का पता लगाकर कुछ सेकंड से लेकर दसियों सेकंड का समय देती है, जो दूरी पर निर्भर करता है। गूगल दो स्तर की अलर्ट भेजता है: हल्के झटकों के लिए ‘बी अवेयर’ और तीव्र भूकंप के लिए ‘टेक एक्शन’, जो साइलेंट मोड में भी स्क्रीन पर छा जाता है और तेज़ आवाज़ करता है।
विशेषज्ञ इसकी सीमाएं भी रेखांकित करते हैं। बोलोग्ना विश्वविद्यालय के मार्को सावोइया के अनुसार, भूकंप के केंद्र के निकट (10-20 किमी) रहने वालों के लिए P और S तरंगों के बीच का समय अंतर बहुत कम होता है, जिससे अलर्ट का लाभ नगण्य रह जाता है। इटली में यह सिस्टम सक्रिय नहीं है, क्योंकि वहां के भूकंप आमतौर पर कम दूरी तक प्रभावी होते हैं और कैम्पी फ्लेग्रेई जैसे क्षेत्रों में यह कारगर नहीं होगा। वहीं, बर्कले सीस्मोलॉजी लैब के रिचर्ड एलन के अनुसार, 2020 में लॉन्च के बाद से यह सिस्टम 2.5 अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुका है और हर महीने औसतन 60 भूकंपों के लिए 1.8 करोड़ फोन को अलर्ट भेजता है। अमेरिका में यह शेकअलर्ट जैसी सरकारी सेंसर नेटवर्क के साथ एकीकृत है, जबकि अधिकांश अन्य देशों में पूरी तरह क्राउडसोर्सिंग पर निर्भर है।
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) ने आने वाले सप्ताह में 3 या उससे अधिक तीव्रता के 150 से 860 आफ्टरशॉक्स की 99% से अधिक संभावना जताई है, जिससे प्रभावित क्षेत्र में निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। यह घटना उन भूकंप-संभावित क्षेत्रों के लिए एक संकेत है जहां आधिकारिक चेतावनी प्रणाली नहीं है, कि मोबाइल-आधारित क्राउडसोर्सिंग तकनीक आपातकालीन प्रतिक्रिया में सहायक हो सकती है, बशर्ते उसकी भौगोलिक सीमाओं को समझा जाए।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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वेनेजुएला में स्मार्टफोन आधारित भूकंप अलर्ट जीवनरक्षक साबित हुए, लेकिन विशेषज्ञों ने आगाह किया कि ऐसी प्रणालियाँ केवल भूकंप के केंद्र से दूर रहने वालों के लिए ही प्रभावी हैं। इटली में एंड्रॉइड अलर्ट प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिससे तैयारियों पर सवाल उठते हैं। तकनीक आशाजनक है लेकिन राष्ट्रीय पूर्व चेतावनी नेटवर्क का विकल्प नहीं है।
वेनेजुएला में कई लोगों को घातक झटकों से कुछ क्षण पहले अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर भूकंप की चेतावनी मिली। यह प्रणाली, जो फोन सेंसरों का उपयोग करके भूकंपीय गतिविधि का पता लगाती है, एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है। यह घटना आपदा चेतावनी में मोबाइल प्रौद्योगिकी की क्षमता को उजागर करती है, उन देशों में भी जहां आधिकारिक प्रणालियाँ नहीं हैं।
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