
रूस-यूक्रेन के बीच 320 युद्धबंदियों की अदला-बदली, संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता को बहरीन का समर्थन
26 जून को हुए इस आदान-प्रदान के साथ, अमीरात की मध्यस्थता से अब तक कुल 7,791 बंदियों की रिहाई हो चुकी है, और दोनों पक्षों ने भविष्य में और अधिक आदान-प्रदान की योजना का संकेत दिया है।
रूस और यूक्रेन ने 26 जून को 160-160 युद्धबंदियों की अदला-बदली की, जिसमें कुल 320 सैन्यकर्मी अपने-अपने देश लौटे। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्रिया संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की मध्यस्थता में संपन्न हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि रिहा किए गए सभी 160 यूक्रेनी सैनिक 2022 से बंदी थे। रूसी पक्ष के लौटाए गए सैनिकों को प्रारंभिक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए बेलारूस ले जाया गया, जहाँ से उन्हें आगे के उपचार हेतु रूस भेजा जाएगा।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने इसे अपना 25वाँ सफल मध्यस्थता प्रयास बताया, जिसके फलस्वरूप अब तक दोनों देशों के बीच कुल 7,791 बंदियों की अदला-बदली हो चुकी है। मंत्रालय ने इस बात पर बल दिया कि यह सफलता रूस और यूक्रेन दोनों के साथ यूएई के 'विशिष्ट संबंधों' को दर्शाती है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी इस मध्यस्थता का स्वागत करते हुए इसे 'सकारात्मक एवं रचनात्मक मानवीय कदम' करार दिया और यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
रूसी मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा और उनके यूक्रेनी समकक्ष दमित्रो लुबिनेत्स ने बेलारूस-यूक्रेन सीमा पर मुलाकात के दौरान इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में युद्धबंदियों की अदला-बदली 'जितनी बार संभव हो' की जानी चाहिए। लांत्रातोवा ने पत्रकारों को बताया कि दोनों पक्षों ने नई अदला-बदली सूचियों का आदान-प्रदान किया है और आने वाले दिनों में एक और मानवीय आदान-प्रदान के लिए पुनः मिलने की योजना है। यह वार्ता केवल सैन्य बंदियों तक सीमित नहीं है; इसमें परिवारों का पुनर्मिलन, नागरिकों की वापसी और लापता व्यक्तियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
यह आदान-प्रदान पिछले कुछ महीनों में हुई कई अदला-बदलियों की श्रृंखला का हिस्सा है। 5 जून को 185-185, मई में 205-205, तथा अप्रैल में 11 तारीख को 175-175 और 24 तारीख को 193-193 बंदियों की अदला-बदली हुई थी। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति जैसे संगठन और यूएई जैसे तीसरे देश इन प्रक्रियाओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाते रहे हैं। यूक्रेन संकट के दौरान युद्धबंदियों और शहीद सैनिकों के अवशेषों का आदान-प्रदान मॉस्को और कीव के बीच सहयोग के उन गिने-चुने क्षेत्रों में से एक बना हुआ है, जहाँ नियमित संवाद कायम है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने संकट के मानवीय प्रभावों, विशेषकर शरणार्थियों और बंदियों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रूसी और यूक्रेनी मानवाधिकार आयुक्तों के बीच आगामी बैठकों में नए मानवीय आदान-प्रदान की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है, जिसमें नागरिक बंदियों की रिहाई और परिवारों के पुनर्मिलन जैसे मुद्दे प्राथमिकता पर रहेंगे।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +0.40 | aligned |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.40 | critical |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.60 | aligned |
Moscow projects the exchange as proof of its humanity and capacity for dialogue, ignoring the wartime context.
By selecting only the positive aspects of the event and omitting concurrent hostilities, a narrative of Russia as a responsible, peaceful actor is constructed.
The Russian frame omits the simultaneous Ukrainian drone attacks on Russian territory, covered by other blocs, to present the exchange as a purely humanitarian gesture without military context.
Continental Europe frames the exchange as a marginal episode in a context of systematic violence, downplaying its humanitarian significance.
It contrasts the positive event with the backdrop of attacks and suffering, suggesting that the real problem is the war itself, not the single exchange.
The European frame omits the details of the UAE mediation and the humanitarian success, focusing on hostilities to maintain a critical stance toward Russia.
The Emirates present themselves as the indispensable and benevolent mediator, capable of resolving humanitarian crises thanks to their neutrality and influence.
By attributing the success of the exchange solely to their own diplomatic initiative, they construct an image of soft power and global responsibility.
The Gulf frame omits the context of ongoing hostilities and drone attacks, present in other blocs, to isolate the event as a pure diplomatic triumph.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
वैश्विक अर्थव्यवस्था में निवेश की मजबूती और डिजिटल वित्तीय जोखिमों का दबाव
5 भाषाएँ · 8 स्रोत
Technology सेशंघाई में चीन का AI दांव: WAICO संगठन और Kimi K3 मॉडल से वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज
6 भाषाएँ · 16 स्रोत
Science & Health सेप्लास्टिक सर्जरी में देरी और जोखिम पर वैश्विक चिंता, कोलंबिया की अदालत ने दिया ऐतिहासिक आदेश
3 भाषाएँ · 6 स्रोत